रीवा में BSNL में ठेकेदार के तहत काम करने वाले कर्मचारी रामसेवक सोंधिया की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद मंगलवार रात परिजनों ने कॉलेज चौराहे पर विरोध प्रदर्शन किया। परिजन करीब 45 मिनट तक चौराहे पर बैठे रहे और मौत की परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच की मांग की। पुलिस के आश्वासन के बाद उन्होंने विरोध समाप्त कर दिया।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, रामसेवक को सोमवार रात काम के सिलसिले में शहडोल जिले के ब्योहारी ले जाया गया था। मंगलवार को उनकी मौत की सूचना परिवार को मिली और शव रीवा लाया गया। इसके बाद परिजनों ने मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठाए।
काम के लिए ब्योहारी ले जाने की बात
परिजनों के मुताबिक, सोमवार रात रामसेवक को BSNL के काम के सिलसिले में ब्योहारी ले जाया गया था। परिवार को बाद में उनकी तबीयत बिगड़ने की जानकारी दी गई। इसके बाद परिजनों को एक वाहन से ब्योहारी ले जाया गया, जहां उन्हें रामसेवक की मौत की जानकारी मिली।
मंगलवार देर शाम शव रीवा पहुंचने के बाद परिवार ने मौत की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठाए और निष्पक्ष जांच की मांग की।
परिजनों ने कंपनी के बयान पर उठाए सवाल
मृतक के परिजन रजनीश सोंधिया ने आरोप लगाया कि रामसेवक को लेकर परिवार को शुरुआत में अलग जानकारी दी गई थी। उनका कहना है कि परिवार को बताया गया था कि रामसेवक की तबीयत खराब हो गई है, जबकि बाद में मौत की जानकारी दी गई।
परिजनों के मुताबिक, बाद में यह बताया गया कि मलबा गिरने से रामसेवक की मौत हुई। परिवार का कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम की जांच की जानी चाहिए और यह स्पष्ट होना चाहिए कि मौत किन परिस्थितियों में हुई।
इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। मौत का वास्तविक कारण जांच और उपलब्ध आधिकारिक दस्तावेजों से स्पष्ट होगा।
FIR में गलत जानकारी दर्ज होने का आरोप
परिजनों ने थाने में दर्ज प्रथम रिपोर्ट को लेकर भी सवाल उठाए हैं। रजनीश सोंधिया का आरोप है कि रिपोर्ट में रामसेवक का नाम, घटनास्थल और अन्य जानकारियां सही दर्ज नहीं की गई हैं।
परिवार की मांग है कि पुलिस यह स्पष्ट करे कि रामसेवक को सोमवार रात ब्योहारी किस काम से ले जाया गया था, उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई और मलबा गिरने की घटना वास्तव में कैसे हुई।
कॉलेज चौराहे पर बैठकर किया विरोध
मंगलवार रात परिजन रामसेवक के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर कॉलेज चौराहे पर बैठ गए। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, शव को BSNL कार्यालय के सामने रखकर भी विरोध किया गया और इसके बाद चौराहे पर चक्काजाम की स्थिति बनी। पुलिस ने यातायात को दूसरे रास्ते से निकालने की व्यवस्था की।
करीब 45 मिनट बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने परिवार को मामले की जांच का आश्वासन दिया, जिसके बाद परिजन चौराहे से हट गए।
अब जांच में किन सवालों के जवाब तलाशे जाएंगे?
मामले में जांच के दौरान यह स्पष्ट करना महत्वपूर्ण होगा कि रामसेवक को ब्योहारी किस काम के लिए ले जाया गया था, उनके साथ कौन लोग थे और घटना के समय वह किस स्थान पर मौजूद थे।
इसके अलावा पुलिस को मौत की वजह, घटनास्थल की परिस्थितियों और परिवार को दी गई अलग-अलग जानकारियों की भी जांच करनी होगी। यदि FIR में तथ्य गलत दर्ज होने का आरोप है तो संबंधित रिकॉर्ड की भी जांच की जा सकती है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी में मौत की परिस्थितियों को लेकर परिजनों के आरोप सामने आए हैं और पुलिस ने जांच का आश्वासन दिया है। जांच पूरी होने से पहले मौत के कारण या किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी को लेकर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
