रीवा जिले में लोक शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने 7 आदतन अपराधियों के खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई की है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5 के तहत यह कार्रवाई की है।
पुलिस अधीक्षक डॉ. गुरकरन सिंह के प्रतिवेदन के आधार पर जारी आदेश के अनुसार संबंधित सभी लोगों को एक वर्ष की अवधि के लिए रीवा जिले सहित आसपास के पांच जिलों की सीमाओं से बाहर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
लोक शांति प्रभावित होने की आशंका पर कार्रवाई
प्रशासन के अनुसार संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ डराने-धमकाने, मारपीट और अन्य आपराधिक गतिविधियों से जुड़े मामले सामने आए हैं। इन गतिविधियों के कारण क्षेत्र में भय का माहौल बनने की बात भी प्रशासनिक कार्रवाई में उल्लेखित है।
जिला बदर का आदेश जारी होने के बाद संबंधित व्यक्तियों को निर्धारित अवधि में प्रतिबंधित जिलों की सीमा में रहने की अनुमति नहीं होगी। आदेश का उल्लंघन करने पर कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
इन 7 लोगों पर हुई कार्रवाई
जिला बदर किए गए लोगों में रामकृष्ट उर्फ कृष्णा यादव (32), निवासी रौसर; सरदार मुसलमान (35), निवासी किटवरिया; रूपेश कुशवाहा (32), निवासी बैजनाथ; सुनील पटेल (33), निवासी खोभर; श्यामलाल कुशवाहा उर्फ जट्ठा (44), निवासी नई बस्ती खेरी; कमलाकर पाण्डेय (32), निवासी दोही और रिपुदमन पाण्डेय (40), निवासी हनुमान नगर वार्ड क्रमांक 42, रीवा शामिल हैं।
पुलिस रिपोर्ट के आधार पर जिला बदर
प्रशासनिक आदेश में बताया गया है कि यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के प्रतिवेदन के आधार पर की गई है। जिला बदर की कार्रवाई का उद्देश्य ऐसे व्यक्तियों की गतिविधियों पर रोक लगाना है, जिनसे सार्वजनिक शांति और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका प्रशासन के सामने रखी गई थी।
