रीवा के बिछिया थाना क्षेत्र में उधारी के पैसों को लेकर युवक की हत्या कर शव बीहर नदी में फेंकने के मामले में पुलिस ने फरार चल रहे आरोपी सागर विश्वकर्मा उर्फ ज्ञानेंद्र विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। इस मामले में आरोपी अनुज वर्मा को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
बीहर नदी में मिला था युवक का शव
पुलिस के अनुसार, 25 फरवरी को कुठुलिया स्थित बीहर नदी में एक अज्ञात युवक का शव मिलने की सूचना मिली थी। बाद में शव की पहचान विनीत कुशवाहा (24), निवासी चिरहुला कॉलोनी, रामराज तिराहा के रूप में हुई। बिछिया थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू की।
जांच के दौरान शव पर चोट के निशान पाए गए। पुलिस ने घटनास्थल से मिले भौतिक साक्ष्य, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, परिजनों के बयान और मृतक के मोबाइल की सीडीआर समेत अन्य साक्ष्यों को जांच में शामिल किया। इसके बाद पुलिस जांच में मामला हत्या का सामने आया।
उधारी के पैसों को लेकर रंजिश का आरोप
पुलिस के मुताबिक, विनीत कुशवाहा का उधारी के पैसों को लेकर अनुज वर्मा और उसके दोस्त सागर विश्वकर्मा से विवाद था। जांच में पुलिस के सामने यह बात आई कि दोनों आरोपियों ने विनीत को पैसे देने के बहाने घटनास्थल पर बुलाया था।
पुलिस के अनुसार, वहां विनीत के साथ मारपीट की गई और रस्सी से गला कसकर उसकी हत्या कर दी गई। पहचान छिपाने के लिए उसके सिर पर पत्थर से वार किए जाने की बात भी पुलिस जांच में सामने आई है।
शव और मोबाइल नदी में फेंकने का आरोप
पुलिस जांच के अनुसार, हत्या के बाद आरोपियों ने विनीत के शव और उसके मोबाइल फोन को बीहर नदी में फेंक दिया था। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाते हुए साक्ष्यों और अन्य जानकारी के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया।
अनुज वर्मा पहले गिरफ्तार, सागर था फरार
मामले में अनुज वर्मा को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी थी। वहीं सागर विश्वकर्मा घटना के बाद से फरार बताया जा रहा था। पुलिस ने उसकी तलाश के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। मामले में पुलिस की आगे की कार्रवाई जारी है।
जांच में सामने आए साक्ष्यों से खुला मामला
इस हत्याकांड की जांच में पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले भौतिक साक्ष्य, परिजनों के बयान और मोबाइल सीडीआर समेत उपलब्ध साक्ष्यों को आधार बनाया। पुलिस के अनुसार इन्हीं जांच बिंदुओं से मामले को हत्या के रूप में आगे बढ़ाया गया और आरोपियों की भूमिका सामने आई।
