रीवा जिले की हिनौता ग्राम पंचायत के सरपंच उपचुनाव में अंकुर मिश्रा ने 366 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की है। अंकुर मिश्रा पूर्व सांसद जनार्दन मिश्रा के बेटे हैं। चुनाव से पहले उनके पिता से कथित नाराजगी, साइकिल से प्रचार और चुनावी प्रस्तावक से जुड़े मामले को लेकर कलेक्ट्रेट में दिए गए मौन धरने की वजह से चुनाव चर्चा में रहा।
366 वोटों से जीते अंकुर मिश्रा
हिनौता ग्राम पंचायत के सरपंच पद के उपचुनाव की मतगणना 3 अक्टूबर को हुई। अंकुर मिश्रा ने 366 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की और उन्हें जीत का प्रमाणपत्र दिया गया।
चुनाव के लिए 29 सितंबर को मतदान हुआ था। इससे पहले चुनाव प्रक्रिया को लेकर अंकुर मिश्रा की ओर से शिकायतें भी सामने आई थीं।
चुनाव से पहले पिता से नाराजगी का मुद्दा चर्चा में
चुनाव प्रचार के दौरान अंकुर मिश्रा ने अपने पिता जनार्दन मिश्रा से नाराजगी की बात सार्वजनिक रूप से कही थी। उन्होंने दावा किया था कि उन्हें घर से बाहर कर दिया गया है और उम्मीद जताई थी कि उनके पिता भविष्य में उन्हें माफ कर देंगे।
उन्होंने यह भी कहा था कि चुनाव में उन्हें सांसद के बेटे के रूप में नहीं, बल्कि एक सामान्य प्रत्याशी के तौर पर देखा जाए।
साइकिल से प्रचार और खुद चुनाव लड़ने की बात
अंकुर मिश्रा ने चुनाव के दौरान कहा था कि उनके पिता चुनाव प्रचार में उनके साथ नहीं आएंगे और उन्हें अपनी लड़ाई खुद लड़ने के लिए कहा गया है। उन्होंने अपने स्तर पर साइकिल से प्रचार करने की बात भी कही थी।
कलेक्ट्रेट में दिया था मौन धरना
2 अक्टूबर को अंकुर मिश्रा रीवा कलेक्ट्रेट में मौन धरने पर बैठे थे। उनका आरोप था कि उनके चुनावी प्रस्तावक हनुमंत प्रसाद शर्मा को कथित तौर पर उनके पक्ष में प्रस्तावक बने रहने से रोकने के लिए दबाव डाला गया और उन्हें ले जाया गया।
प्रस्तावक की ओर से भी इसी तरह के आरोप लगाए गए थे। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उस समय उपलब्ध नहीं थी। प्रशासन ने शिकायत की जांच का आश्वासन दिया था।
‘पिता एक फोन कर दें तो मामला सुलझ सकता है’
कलेक्ट्रेट में धरने के दौरान अंकुर मिश्रा ने अपने पिता को लेकर भी बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि अगर उनके पिता एक फोन कर दें तो मामला सुलझ सकता है। उन्होंने यह भी दावा किया था कि करीब 15 दिनों से उनकी अपने पिता से बातचीत नहीं हुई है।
चुनावी प्रस्तावक के मामले में जांच की मांग
अंकुर मिश्रा ने प्रस्तावक से जुड़े मामले में कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने शिकायत पर कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए कलेक्ट्रेट में धरना दिया।
प्रशासन की ओर से एसडीएम जितेंद्र तिवारी ने लिखित शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच कराने और जांच के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया था।
चुनाव परिणाम के बाद अब जांच पर नजर
हिनौता पंचायत का चुनाव परिणाम सामने आने के बाद प्रस्तावक से जुड़े आरोपों पर प्रशासन और पुलिस की जांच अलग प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ेगी। आरोपों की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होगी।
