रीवा के संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल में प्रसूता कल्पना मिश्रा और उनके नवजात की मौत के मामले में 43 दिन बाद एक और डॉक्टर पर कार्रवाई हुई है। प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. गुंजन गोस्वामी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन आदेश में भोपाल से जारी निर्देशों के अनुपालन और कल्पना मिश्रा की प्रसव के दौरान हुई मौत की जांच का हवाला दिया गया है।
24 सितंबर के निर्देशों के बाद निलंबन
डॉ. गुंजन गोस्वामी के निलंबन आदेश में मध्यप्रदेश शासन के लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा संचालक चिकित्सा शिक्षा की ओर से जारी पत्रों का उल्लेख किया गया है। इनमें 15, 17 और 18 सितंबर के पत्रों के साथ 24 सितंबर 2026 को जारी निर्देश भी शामिल हैं। इन्हीं निर्देशों के अनुपालन में कल्पना मिश्रा की प्रसव के दौरान हुई मृत्यु की जांच के संबंध में कार्रवाई की गई है।
आदेश में मध्यप्रदेश स्वशासी चिकित्सा एवं दंत चिकित्सा महाविद्यालय शैक्षणिक आदर्श सेवा नियम 2018 के बिंदु 14(2) के तहत डॉ. गुंजन गोस्वामी को निलंबित किए जाने का उल्लेख है।
26 अगस्त की रात हुई थी कल्पना और नवजात की मौत
कल्पना मिश्रा की 26 अगस्त 2026 की रात संजय गांधी अस्पताल में प्रसव के दौरान मौत हुई थी। उनके नवजात की भी जान नहीं बच सकी थी। घटना के बाद अस्पताल की उपचार व्यवस्था और संबंधित स्टाफ की भूमिका को लेकर सवाल उठे थे। इलाज के दौरान का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें कल्पना मदद की गुहार लगाती नजर आई थीं।
हालांकि, मौत के चिकित्सकीय कारण और इलाज में किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं, इसका अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
पहले भी कई डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ पर कार्रवाई
मामले में शुरुआती कार्रवाई के दौरान डॉ. सोनल अग्रवाल, डॉ. निधि पांडेय और नर्सिंग स्टाफ से जुड़े कर्मचारियों पर निलंबन की कार्रवाई की गई थी। इसके बाद संजय गांधी अस्पताल के तत्कालीन अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा को पद से हटाया गया था। डॉ. प्रियंक शर्मा को अधीक्षक का प्रभार दिया गया।
श्याम शाह मेडिकल कॉलेज के तत्कालीन डीन डॉ. सुनील कुमार अग्रवाल को भी पद से हटाकर सतना मेडिकल कॉलेज स्थानांतरित किया गया था।
ब्लड सेंटर और औषधि निरीक्षक पर भी कार्रवाई
मामले में अथर्व ब्लड सेंटर के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने के निर्देश दिए गए थे। रीवा के औषधि निरीक्षक राधेश्याम बट्टी को भी निलंबित किया गया था। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार ब्लड सेंटर से जुड़ी अनियमितताओं की जांच और आगे की कार्रवाई भी प्रक्रिया का हिस्सा है।
वहीं, डॉ. सोनल अग्रवाल की सेवा समाप्ति की कार्रवाई को अलग विभागीय मामले से जोड़कर देखा गया है। उनकी सेवा समाप्ति का आदेश 16 सितंबर 2026 को जारी हुआ था।
सात बिंदुओं पर चल रही मजिस्ट्रियल जांच
कल्पना मिश्रा और उनके नवजात की मौत के मामले में मजिस्ट्रियल जांच भी चल रही है। जांच में अस्पताल के रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, ड्यूटी रोस्टर और संबंधित स्टाफ की भूमिका समेत सात बिंदुओं को शामिल किया गया है। जांच के दौरान उपलब्ध दस्तावेजों और घटनाक्रम की जानकारी के आधार पर जिम्मेदारी से जुड़े तथ्य सामने आने की उम्मीद है।
निलंबन अवधि में यहीं रहेगा कार्यस्थल
निलंबन आदेश के मुताबिक डॉ. गुंजन गोस्वामी का निलंबन अवधि में कार्यस्थल संयुक्त संचालक-सह-अधीक्षक, गांधी स्मारक चिकित्सालय रीवा के अधीन रहेगा। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी आगे की कार्रवाई
कल्पना मिश्रा और उनके नवजात की मौत के मामले में अब तक डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, अस्पताल प्रशासन और ब्लड सेंटर से जुड़े स्तरों पर अलग-अलग कार्रवाई सामने आ चुकी है। डॉ. गुंजन गोस्वामी का निलंबन इसी मामले में हुई नई प्रशासनिक कार्रवाई है।
फिलहाल मजिस्ट्रियल जांच जारी है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और संबंधित विभागों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।
