रीवा में सब्जियों के दामों में एक बार फिर तेजी देखने को मिल रही है। स्थानीय आवक कमजोर होने से बाजार में हरी सब्जियों की कीमतों पर असर पड़ा है। इसका सीधा असर लोगों की रसोई के बजट पर पड़ रहा है।
उपलब्ध बाजार भाव सूची के अनुसार भिंडी, परवल, बरबटी और मिर्ची 60 रुपए प्रति किलो के भाव पर पहुंच गई हैं। कई अन्य सब्जियों के दाम भी उनकी आवक और मांग के अनुसार ऊंचे बने हुए हैं।
हरी सब्जियों के दाम बढ़े
सब्जी बाजार में भिंडी, परवल, बरबटी और मिर्ची के भाव 60 रुपए किलो दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा गिलकी और पालक जैसी सब्जियों के दाम भी बाजार में बढ़े हुए बताए गए हैं। लोकल स्तर पर आवक कम रहने से हरी सब्जियों की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।
लहसुन और अदरक भी महंगे
मसाले वाली सब्जियों में लहसुन करीब 200 रुपए किलो और अदरक करीब 100 रुपए किलो के भाव पर है। इन दोनों के दाम बढ़ने से घर की रसोई के साथ होटल और खाने-पीने के कारोबार पर भी लागत का असर पड़ सकता है।
आलू, प्याज और टमाटर के भाव
दैनिक इस्तेमाल वाली सब्जियों में आलू करीब 10 से 15 रुपए किलो, प्याज 40 रुपए और टमाटर 30 रुपए किलो के आसपास दर्ज किया गया है। बैंगन का भाव करीब 40 रुपए किलो बताया गया है।
आवक कमजोर होने से बढ़ी परेशानी
बाजार में सब्जियों की कीमतों में तेजी के पीछे कमजोर स्थानीय आवक को प्रमुख वजह बताया गया है। सब्जियों की उपलब्धता कम होने पर थोक और खुदरा बाजार में कीमतों में तेजी आ सकती है। आने वाले दिनों में आवक बढ़ने पर कुछ सब्जियों के भाव में राहत मिलने की उम्मीद की जा सकती है, हालांकि यह बाजार की वास्तविक आवक और मांग पर निर्भर करेगा।
सब्जियों के खुदरा भाव दुकान, गुणवत्ता और खरीद की मात्रा के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।
