रीवा। ब्राह्मण समाज की युवतियों को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में जेल में बंद रहे बघेली यूट्यूबर मनीष पटेल उर्फ ‘पोक्कभान’ रिहा हो गए हैं। जेल से बाहर आते ही उन्होंने दौड़ते हुए एक वीडियो बनाया। इसमें वे कहते नजर आ रहे हैं- ‘जेल का फाटक छूट गया, मनीष पटेल छूट गया।’ इसके बाद उन्होंने अपनी पोस्ट डिलीट कराने की बात कही और आशंका जताई कि पोस्ट को लेकर उन्हें दोबारा जेल भेजने की कोशिश की जा सकती है। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है।
मनीष पटेल रीवा जिले के खुटहा गांव के रहने वाले हैं। वे बघेली भाषा में कॉमेडी वीडियो बनाते हैं और सोशल मीडिया पर ‘पोक्कभान’ नाम से पहचाने जाते हैं। मीडिया रिपोर्टों में उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स पर करीब 40 लाख फॉलोअर्स होने का उल्लेख किया गया है। उनकी रिहाई के बाद सामने आए वीडियो में उन्होंने जेल से बाहर आने पर प्रतिक्रिया दी है।
29 जनवरी के वीडियो से शुरू हुआ था विवाद
मनीष पटेल के खिलाफ विवाद 29 जनवरी 2026 को सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो के बाद शुरू हुआ था। आरोप है कि वीडियो में ब्राह्मण समाज की युवतियों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी। वीडियो और उसके कैप्शन को लेकर ब्राह्मण समाज तथा कुछ सामाजिक संगठनों ने विरोध जताया। शिकायत के बाद रीवा के सिविल लाइन थाने में मामला दर्ज किया गया था।
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस मनीष पटेल की तलाश कर रही थी। इस प्रकरण में गिरफ्तारी से राहत पाने के लिए उन्होंने अदालत का रुख किया था। हालांकि, उन्हें अग्रिम जमानत नहीं मिली और आखिरकार उन्होंने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। मनीष पर रीवा के थानों में चोरी और लूट जैसे अपराध पहले से दर्ज थें।
हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत नहीं मिली, 27 मई को किया था सरेंडर
मनीष पटेल ने गिरफ्तारी से बचने के लिए निचली अदालत से लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट तक अग्रिम जमानत की मांग की थी। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, 22 मई 2026 को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद उन्होंने 27 मई को आत्मसमर्पण किया। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर अदालत में पेश किया। अदालत से पुलिस रिमांड मिलने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।
मई के आखिर में प्रकाशित समाचारों में उनकी गिरफ्तारी और जेल भेजे जाने की जानकारी दी गई थी। उस दौरान कुछ बघेली कलाकार उनके समर्थन में भी सामने आए थे। मामले को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिली थीं।
करीब चार महीने जेल में रहने के बाद मिली रिहाई
मनीष पटेल की रिहाई की खबर 9 अक्टूबर 2026 को सामने आई। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें अदालत से जमानत मिलने के बाद जेल से रिहा किया गया। हालांकि, जमानत मिलने का अर्थ मामले में दोषमुक्त होना नहीं है। केस की आगे की कानूनी प्रक्रिया अदालत में जारी रह सकती है।
रिहाई के बाद बनाए गए वीडियो में मनीष पटेल दौड़ते हुए नजर आते हैं। वे कहते हैं, ‘जेल का फाटक छूट गया, मनीष पटेल छूट गया।’ इसके बाद वे पोस्ट डिलीट कराने की बात करते हैं और कहते हैं कि पोस्ट डालकर उन्हें फिर जेल भिजवाया जा सकता है। वीडियो में कही गई ये बातें उनकी अपनी प्रतिक्रिया हैं।
सोशल मीडिया पर वीडियो की चर्चा
मनीष पटेल की रिहाई और उसके तुरंत बाद बनाए गए वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा हो रही है। उनके समर्थकों और आलोचकों की प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं, लेकिन वीडियो में कही गई बातों को उनके बयान के रूप में ही देखा जाना चाहिए। मामले की कानूनी स्थिति के बारे में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए अदालत के आदेश और आगे की न्यायिक प्रक्रिया को देखना जरूरी होगा।