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[ट्रेंडिंग खबर]अपने नाम की SIM किसी और को दी तो फंस सकते हैं: DoT की चेतावनी, 3 साल जेल और ₹50 लाख तक जुर्माना; Sanchar Saathi पर तुरंत चेक करें नंबर

विशेष संवाददाता
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DoT SIM Card Advisory 2026 और Sanchar Saathi से मोबाइल नंबर चेक करने की जानकारी
DoT ने SIM कार्ड और Telecom Identifiers के दुरुपयोग को लेकर नागरिकों को Advisory जारी की है।साभार: The City Express

मुख्य बिंदुQuick Read

  • फर्जी तरीके से SIM जारी कराने, Telecom Identifiers के दुरुपयोग और IMEI से छेड़छाड़ पर Telecommunications Act, 2023 के तहत 3 साल तक की जेल और ₹50 लाख तक का जुर्माना हो सकता है।
  • छत्तीसगढ़ में एक PoS एजेंट ने लोगों की जानकारी और सहमति के बिना उनके दस्तावेजों से 25 मोबाइल कनेक्शन एक्टिवेट किए थे।
  • DoT ने नागरिकों से Sanchar Saathi Portal/App पर अपने नाम से जारी मोबाइल नंबर चेक करने को कहा है।
  • देश के ज्यादातर हिस्सों में एक व्यक्ति के नाम पर 9 मोबाइल कनेक्शन की सीमा है, जबकि जम्मू-कश्मीर, असम और उत्तर-पूर्वी राज्यों में यह सीमा 6 है। इस सीमा के पालन के लिए Digital Intelligence Platform का इस्तेमाल किया जा रहा है।

नई दिल्ली: आपके नाम पर जारी SIM कार्ड अगर कोई दूसरा व्यक्ति इस्तेमाल कर रहा है, तो यह आपके लिए कानूनी और सुरक्षा संबंधी परेशानी खड़ी कर सकता है। दूरसंचार विभाग (DoT) ने 21 सितंबर 2026 को SIM Card और Telecom Identifiers के दुरुपयोग को लेकर नागरिकों के लिए Advisory जारी की है। विभाग ने फर्जी तरीके से SIM जारी कराने, Telecom Identifiers के गलत इस्तेमाल और मोबाइल के IMEI नंबर से छेड़छाड़ को लेकर चेतावनी दी है। कुछ मामलों में Telecommunications Act, 2023 के तहत 3 साल तक की जेल और ₹50 लाख तक के जुर्माने का प्रावधान बताया गया है।

DoT ने नागरिकों से कहा है कि वे Sanchar Saathi Portal या App पर जाकर अपने नाम पर एक्टिव मोबाइल कनेक्शनों की जांच करें। यदि कोई ऐसा नंबर दिखाई देता है जिसे उन्होंने जारी नहीं कराया है या जिसका इस्तेमाल वे नहीं कर रहे हैं, तो उसकी जानकारी संबंधित प्लेटफॉर्म के जरिए दी जा सकती है।

छत्तीसगढ़ में 25 फर्जी SIM एक्टिव होने के बाद Advisory

DoT की यह Advisory छत्तीसगढ़ में सामने आए एक मामले के बाद जारी की गई है। विभाग के अनुसार वहां एक Point of Sale (PoS) एजेंट ने नागरिकों के पहचान दस्तावेजों का इस्तेमाल उनकी जानकारी और सहमति के बिना 25 मोबाइल कनेक्शन एक्टिवेट कर दिए थे।

मामला सामने आने के बाद संबंधित PoS एजेंट को Blacklist कर दिया गया। इसके बाद इन मोबाइल नंबरों की Digital Intelligence Platform (DIP) के जरिए जांच की गई। जिन कनेक्शनों की दोबारा जांच में पुष्टि नहीं हो सकी, उन्हें Deactivate कर दिया गया।

अपने नाम की SIM किसी और को देना क्यों खतरनाक है?

DoT ने नागरिकों को अपने नाम पर जारी SIM कार्ड किसी दूसरे व्यक्ति को बेचने, देने या किराए पर इस्तेमाल करने से बचने की सलाह दी है। यदि उस कनेक्शन का इस्तेमाल किसी गैरकानूनी गतिविधि में होता है, तो जांच में सबसे पहले SIM के पंजीकृत ग्राहक की पहचान सामने आ सकती है।

इसी तरह फर्जी दस्तावेजों के आधार पर SIM हासिल करना, किसी दूसरे व्यक्ति की पहचान का इस्तेमाल करना या Telecom Identifiers का गलत इस्तेमाल करना भी कार्रवाई के दायरे में आ सकता है।

ऐसे SIM कनेक्शन जिनका इस्तेमाल किसी दूसरे व्यक्ति या गिरोह द्वारा साइबर अपराध, वित्तीय धोखाधड़ी या अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के लिए किया जाता है, उन्हें आम तौर पर SIM Mule जैसे मामलों के संदर्भ में देखा जाता है।

आपके नाम पर कितने SIM चालू हैं? Sanchar Saathi से ऐसे चेक करें

Sanchar Saathi के TAFCOP फीचर की मदद से आप अपने नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शनों की जानकारी देख सकते हैं और ऐसे नंबरों की रिपोर्ट कर सकते हैं जिन्हें आप पहचानते नहीं हैं या जिनकी जरूरत नहीं है। DoT के अनुसार, पोर्टल पर मोबाइल नंबर से OTP सत्यापन के बाद आपके नाम से जुड़े कनेक्शनों की सूची दिखाई जाती है।


IMEI नंबर से छेड़छाड़ भी कार्रवाई के दायरे में

DoT ने मोबाइल फोन के IMEI नंबर से छेड़छाड़ को लेकर भी चेतावनी दी है। IMEI मोबाइल डिवाइस की पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण Telecom Identifier है। विभाग के अनुसार Duplicate, Spoofed या Tampered IMEI वाले डिवाइस Telecom Network की सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं।

DoT ने नागरिकों को ऐसे मोबाइल फोन से सावधान रहने और डिवाइस की पहचान की जांच करने की सलाह दी है। Sanchar Saathi के जरिए IMEI से जुड़ी जानकारी भी जांची जा सकती है।

दूसरे नंबर की Calling ID दिखाने वाले टूल से सावधान

Advisory में Telecom Identifiers के गलत इस्तेमाल के साथ Calling Line Identity से छेड़छाड़ करने वाले Apps और Websites के इस्तेमाल को लेकर भी चेतावनी दी गई है। ऐसे माध्यमों से कॉल करते समय किसी दूसरे व्यक्ति या नंबर की पहचान दिखाने की कोशिश Telecom सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिए जोखिम पैदा कर सकती है।

एक व्यक्ति के नाम पर कितनी SIM रख सकते हैं?

भारत में एक व्यक्ति के नाम पर मोबाइल कनेक्शनों की अधिकतम सीमा निर्धारित है। सामान्य तौर पर एक व्यक्ति के नाम पर अलग-अलग Telecom Operators को मिलाकर अधिकतम 9 मोबाइल कनेक्शन हो सकते हैं। जम्मू-कश्मीर, असम और उत्तर-पूर्वी राज्यों में यह सीमा 6 कनेक्शन है। यह सीमा अलग-अलग कंपनियों के लिए अलग नहीं, बल्कि संबंधित क्षेत्र में कुल मोबाइल कनेक्शनों पर लागू होती है।

Digital Intelligence Platform से होगी निगरानी

DoT ने मोबाइल कनेक्शनों की निर्धारित सीमा लागू करने के लिए Digital Intelligence Platform (DIP) का इस्तेमाल बढ़ाया है। 23 अगस्त 2026 से निर्धारित सीमा तक पहुंच चुके ग्राहकों की Representative Subscriber Images इस प्लेटफॉर्म के जरिए Telecom Service Providers को उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। कंपनियों को इनका इस्तेमाल अतिरिक्त मोबाइल कनेक्शन जारी होने से रोकने के लिए करना है।

शुरुआती चरण में यह जांच Post-Facto यानी कनेक्शन जारी होने के बाद भी हो सकती है। यदि कोई कनेक्शन निर्धारित सीमा से अधिक पाया जाता है, तो समाधान होने तक उसे Suspend किया जा सकता है। Telecom कंपनियों को इस व्यवस्था को Real-Time Enrolment और Activation Process से जोड़ने के लिए 30 नवंबर 2026 तक का समय दिया गया है।

फोन असली है या नकली? IMEI नंबर से ऐसे करें मोबाइल की जांच

नया या पुराना फोन खरीदने से पहले IMEI नंबर की जांच करके उसके डिवाइस की जानकारी और वैधता देखी जा सकती है। Sanchar Saathi के Know Your Mobile (KYM) फीचर में *#06# से IMEI निकालकर आधिकारिक पोर्टल पर जांच की जा सकती है। DoT के अनुसार KYM से निर्माता, डिवाइस टाइप, ब्रांड और मॉडल जैसी जानकारी मिलती है; IMEI की जांच SMS में KYM <15 अंकों का IMEI> लिखकर 14422 पर भी की जा सकती है।



अपने नाम पर कितने नंबर चल रहे हैं, ऐसे करें चेक

मोबाइल यूजर्स को समय-समय पर यह जांचते रहना चाहिए कि उनके पहचान दस्तावेजों पर कितने मोबाइल कनेक्शन एक्टिव हैं। इसके लिए सरकार के Sanchar Saathi Portal और App का इस्तेमाल किया जा सकता है। वहां अपने नाम से जारी कनेक्शनों की जानकारी देखकर अनजान या संदिग्ध नंबर की पहचान की जा सकती है।

अगर कोई ऐसा मोबाइल नंबर दिखाई देता है जिसे आपने जारी नहीं कराया है, तो उसे नजरअंदाज न करें। अनधिकृत SIM आपके नाम और पहचान से जुड़ी होने के कारण आगे होने वाली किसी भी जांच में महत्वपूर्ण हो सकती है।

DoT की Advisory का मुख्य संदेश यही है कि SIM कार्ड केवल अपने इस्तेमाल के लिए रखें, उसे किसी दूसरे व्यक्ति को देने या किराए पर चलाने से बचें और अपने नाम पर एक्टिव मोबाइल कनेक्शनों की जानकारी समय-समय पर जांचते रहें।

संपादकीय लेखक व रिपोर्टर (Editorial Byline)
सत्यापित रिपोर्टर
विशेष संवाददाता
विशेष संवाददाता • The City Express

मध्य प्रदेश, विंध्य, बुंदेलखंड और राष्ट्रीय घटनाक्रमों पर द सिटी एक्सप्रेस की विशेष रिपोर्टिंग टीम।

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