नई दिल्ली / पर्सनल फाइनेंस: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने करोड़ों पीएफ खाताधारकों के लिए दो बड़ी सुविधाएं शुरू की हैं। अब कर्मचारी WhatsApp के जरिए अपने PF बैलेंस, पिछली 5 ट्रांजैक्शन और पासबुक की जानकारी हासिल कर सकेंगे। इसके अलावा, कुछ पात्र निष्क्रिय पीएफ खातों में जमा ₹1,000 तक की राशि का सेटलमेंट बिना अलग क्लेम किए अपने आप किया जाएगा।
केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने रविवार, 1 नवंबर 2026 को EPFO के 74वें स्थापना दिवस के अवसर पर इन दोनों सुविधाओं की शुरुआत की। श्रम मंत्रालय के अनुसार, ऑटोमैटिक सेटलमेंट की सुविधा से करीब 1 लाख खातों को फायदा मिलने की उम्मीद है। इन खातों में कुल लगभग 5 करोड़ रुपये की राशि जमा है।
इन बदलावों का मकसद पीएफ खाताधारकों को रोजमर्रा की सेवाएं आसानी से उपलब्ध कराना और पुराने निष्क्रिय खातों में फंसी छोटी रकम को पात्र लोगों तक पहुंचाना है। आइए सवाल-जवाब में समझते हैं कि नई सुविधाएं कैसे काम करेंगी और किन खाताधारकों को इनका लाभ मिलेगा।
EPFO की WhatsApp सर्विस में कौन-कौन सी सुविधाएं मिलेंगी?
EPFO की वेरिफाइड WhatsApp सेवा के जरिए खाताधारक अपने PF खाते से जुड़ी कुछ जरूरी जानकारियां मोबाइल पर प्राप्त कर सकेंगे। इसमें मुख्य रूप से ये सुविधाएं शामिल हैं:
- PF बैलेंस: अपने भविष्य निधि खाते में जमा राशि की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
- पिछली 5 ट्रांजैक्शन: खाते में हुए पिछले पांच लेनदेन की जानकारी देख सकेंगे।
- पासबुक डिटेल: पीएफ पासबुक से जुड़ी जानकारी हासिल कर सकेंगे।
- PMVBRY सहायता: प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए व्यक्तिगत मार्गदर्शन और सहायता मिलेगी।
श्रम मंत्रालय के मुताबिक, इन सेवाओं के शुरू होने से नियमित जानकारी के लिए EPFO कार्यालय जाने की जरूरत कम होगी। कर्मचारी अपने मोबाइल पर ही जरूरी अकाउंट डिटेल प्राप्त कर सकेंगे।
WhatsApp पर PF बैलेंस चेक करने के लिए क्या करना होगा?
EPFO ने WhatsApp के जरिए सेवाएं उपलब्ध कराने की शुरुआत की है। हालांकि, मंत्रालय की आधिकारिक घोषणा में अभी सेवा का विस्तृत उपयोगकर्ता-प्रक्रिया और WhatsApp नंबर नहीं बताया गया है। इसलिए किसी अनजान नंबर पर अपना UAN, पासवर्ड, OTP या बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें।
खाताधारकों को EPFO की आधिकारिक वेबसाइट या संगठन के सत्यापित संचार माध्यमों से ही WhatsApp सेवा का सही नंबर और इस्तेमाल करने की प्रक्रिया जांचनी चाहिए। किसी भी अनधिकृत लिंक या नंबर पर निजी जानकारी देना वित्तीय धोखाधड़ी का कारण बन सकता है।
निष्क्रिय EPF खातों का ऑटोमैटिक सेटलमेंट क्या है?
EPFO ने दूसरी बड़ी सुविधा के तहत पात्र निष्क्रिय EPF खातों का ऑटोमैटिक सेटलमेंट शुरू किया है। अभी तक ऐसे खातों में जमा रकम निकालने के लिए सदस्य को निर्धारित प्रक्रिया के तहत क्लेम करना पड़ता था। नई व्यवस्था में पात्र खातों के लिए अलग से व्यक्तिगत क्लेम फाइल करने की जरूरत नहीं होगी।
इस सुविधा के तहत जिन निष्क्रिय EPF खातों में ₹1,000 या उससे कम राशि जमा है और जिनका आधार वेरिफाइड है, उनका सेटलमेंट EPFO खुद शुरू करेगा। इसके लिए निर्धारित पहचान और बैंक अकाउंट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद पात्र खाताधारक की रकम सीधे उसके सही बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी।
मंत्रालय के अनुसार, इस पहल से लगभग 1 लाख खातों में जमा करीब ₹5 करोड़ की राशि संबंधित लाभार्थियों तक पहुंचने की उम्मीद है।
किन PF खाताधारकों को ऑटोमैटिक सेटलमेंट का फायदा मिलेगा?
यह सुविधा सभी पुराने या निष्क्रिय पीएफ खातों के लिए नहीं है। फिलहाल इसकी घोषणा निर्धारित शर्तों वाले खातों के लिए की गई है। मुख्य पात्रता इस प्रकार है:
- EPF खाता निष्क्रिय श्रेणी में होना चाहिए।
- खाते में ₹1,000 या उससे कम बैलेंस होना चाहिए।
- खाताधारक का आधार वेरिफाइड होना जरूरी है।
- EPFO की निर्धारित पहचान और बैंक अकाउंट वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए।
- राशि का भुगतान सही और पात्र लाभार्थी के बैंक खाते में किया जाएगा।
ध्यान रखें कि केवल खाते में ₹1,000 से कम राशि होने का मतलब यह नहीं है कि पैसा तुरंत ट्रांसफर हो जाएगा। खाते की पात्रता और जरूरी वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद ही सेटलमेंट किया जाएगा।
ऑटोमैटिक सेटलमेंट में कितना पैसा ट्रांसफर होगा?
श्रम मंत्रालय की घोषणा के अनुसार, इस सुविधा के शुरुआती चरण में करीब 1 लाख निष्क्रिय EPF खातों को शामिल किया गया है। इन खातों में कुल लगभग ₹5 करोड़ की राशि जमा है। पात्र खातों का सेटलमेंट पूरा होने पर यह रकम संबंधित लाभार्थियों तक पहुंचाई जाएगी।
इस व्यवस्था से उन लोगों को राहत मिल सकती है जिनकी पुरानी नौकरी के दौरान PF खाते में छोटी रकम जमा रह गई थी और जिन्होंने लंबे समय तक उसका क्लेम नहीं किया। हालांकि, फिलहाल यह सुविधा ₹1,000 तक के पात्र खातों के लिए है।
इनऑपरेटिव यानी निष्क्रिय PF अकाउंट क्या होता है?
इनऑपरेटिव EPF अकाउंट वह खाता होता है जिसे EPF स्कीम के निर्धारित नियमों के तहत निष्क्रिय श्रेणी में रखा जाता है। इसे सामान्य रूप से ऐसा खाता समझना सही नहीं होगा जिसमें नौकरी बदलने के बाद केवल 36 महीने तक योगदान नहीं आया हो।
EPF स्कीम के प्रावधानों के अनुसार, सदस्य के 55 वर्ष की उम्र के बाद रिटायर होने या स्थायी रूप से विदेश जाने अथवा सदस्य की मृत्यु जैसी निर्धारित परिस्थितियों में, यदि संबंधित राशि के भुगतान के लिए 36 महीने तक आवेदन नहीं किया जाता, तो खाते की रकम इनऑपरेटिव अकाउंट में ट्रांसफर की जा सकती है। नियमों में कुछ अन्य परिस्थितियां भी शामिल हैं।
इसलिए नौकरी बदलने के बाद पुराने PF खाते में योगदान बंद होना और खाते का कानूनी रूप से इनऑपरेटिव घोषित होना एक ही बात नहीं है। कर्मचारियों को अपना पुराना PF बैलेंस और UAN से जुड़ी जानकारी जांचते रहना चाहिए।
EPFO के पास कितना बड़ा फंड कॉर्पस है?
EPFO के 74वें स्थापना दिवस पर केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने संगठन की वित्तीय स्थिति और उसके विस्तार का भी उल्लेख किया। श्रम मंत्रालय की जानकारी के अनुसार, EPFO के पास 8 करोड़ से अधिक सदस्यों के योगदान से जमा करीब ₹32 लाख करोड़ का कॉर्पस है।
EPFO देश के संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को भविष्य निधि, पेंशन और अन्य सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाता है। संगठन की सेवाओं को डिजिटल बनाने के लिए लगातार तकनीकी बदलाव किए जा रहे हैं।
नई सुविधाओं से कर्मचारियों को क्या फायदा होगा?
EPFO की नई सुविधाओं से खाताधारकों को कई तरह की सहूलियत मिलने की उम्मीद है।
- समय की बचत: PF बैलेंस और पासबुक की जानकारी के लिए कार्यालय जाने की जरूरत कम होगी।
- लेनदेन की जानकारी: पिछली पांच ट्रांजैक्शन की डिटेल मोबाइल पर देख सकेंगे।
- पुरानी रकम का भुगतान: पात्र निष्क्रिय खातों में जमा ₹1,000 तक की राशि के लिए अलग क्लेम नहीं करना होगा।
- डिजिटल सुविधा: WhatsApp जैसे परिचित प्लेटफॉर्म से नियमित सेवाएं हासिल करना आसान होगा।
- PMVBRY में सहायता: रोजगार योजना से जुड़ी आवश्यकताओं के लिए मार्गदर्शन मिल सकेगा।