भोपाल: मध्य प्रदेश में बारिश का दौर एक बार फिर तेज हो गया है। 26 अगस्त को प्रदेश के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है। अलग-अलग मौसम अपडेट में चेतावनी वाले जिलों की संख्या और अलर्ट की श्रेणी में अंतर है, लेकिन पूर्वी, मध्य और उत्तरी हिस्सों के कई जिलों में मौसम खराब रहने का अनुमान है।
21 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट
उपलब्ध मौसम रिपोर्टों के अनुसार मौसम विभाग ने बुधवार को भिंड, दतिया और सागर में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, सीहोर, शाजापुर, राजगढ़, आगर-मालवा, उज्जैन, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, दमोह, मैहर और सिवनी में भारी बारिश की चेतावनी है। यानी, अगले 24 घंटे में इन जिलों में ढाई इंच से ज्यादा पानी गिर सकता है।
इन जिलों में भी बारिश का अनुमान
बुधवार को भोपाल, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, नीमच, मंदसौर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, मुरैना, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश का अनुमान है।
मौसम की चेतावनियों में अलग-अलग समय पर बदलाव संभव है। इसलिए जिलेवार स्थिति को लेकर स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग के ताजा अपडेट को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
भिंड, दतिया और सागर में भी सतर्क रहने की जरूरत
26 अगस्त को जारी मौसम अपडेट में भिंड, दतिया और सागर के लिए भी ऑरेंज अलर्ट की जानकारी सामने आई है। इन इलाकों में तेज बारिश के साथ मौसम की स्थिति अचानक बिगड़ सकती है।
प्रदेश के उत्तरी, पश्चिमी और मध्य हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां बनी रहने का अनुमान है। ऐसे में निचले इलाकों, जलभराव वाले क्षेत्रों और नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
पूर्वी MP में भी बारिश का असर
हाल के दिनों में पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति देखने को मिली है। रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, पन्ना और आसपास के इलाकों में पिछले दिनों भारी बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा था।
26 अगस्त के मौसम पूर्वानुमान में भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। हालांकि हर जिले में बारिश की तीव्रता एक जैसी नहीं होगी और स्थानीय स्तर पर मौसम में बदलाव संभव है।
तेज बारिश के दौरान क्या सावधानी रखें?
- उफनते नदी-नालों और पुल-पुलियों को पार करने की कोशिश न करें।
- जलभराव वाले रास्तों पर वाहन चलाते समय सावधानी रखें।
- बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों से दूर रहें।
- स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखें।
क्यों बदल रहा है मौसम?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मानसूनी गतिविधियों और अलग-अलग सक्रिय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से प्रदेश में बारिश का दौर बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने भी मध्य भारत के कई हिस्सों में बारिश और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना जताई है।
