स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अच्छे आचरण का लाभ देते हुए रीवा केंद्रीय जेल से आजीवन कारावास की सजा काट रहे 15 बंदियों को रिहा किया गया। मध्यप्रदेश शासन जेल विभाग के आदेश के तहत इन बंदियों को सजा में छूट का लाभ दिया गया है। सभी बंदी भारतीय दंड विधान की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे। जेल प्रशासन ने शासन के निर्धारित मापदंडों के अनुसार पात्र बंदियों को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सजा में छूट दी।
अच्छे आचरण के आधार पर मिली
सजा में छूट जेल अधीक्षक एसके उपाध्याय ने बताया कि शासन के निर्देश और निर्धारित मापदंडों के अनुसार अच्छे आचरण वाले आजीवन कारावास के बंदियों को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सजा में छूट दी गई है। उन्होंने बताया कि आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद 15 बंदियों को केंद्रीय जेल रीवा से मुक्त किया गया।
इन 15 बंदियों को किया गया
रिहा जारी सूची के अनुसार रिहा होने वाले बंदियों में 63 वर्षीय मिठाईलाल कोल, 33 वर्षीय अमरीश नामदेव, 38 वर्षीय बृजेश उर्फ लल्लू बैगा, 36 वर्षीय सोनू वर्मन, 62 वर्षीय केमला बासुदेव, 47 वर्षीय सुरेंद्र प्रसाद शुक्ला, 42 वर्षीय शिवकुमार महरा और 39 वर्षीय राजकुमार नट शामिल हैं। इसके अलावा 41 वर्षीय पालन कोल, 47 वर्षीय रंगालाल यादव, 54 वर्षीय लीलावती गौड़, 54 वर्षीय उमाशंकर गौतम, 67 वर्षीय शिवसन्पत निषाद, 40 वर्षीय रामदयाल चौकसे और 40 वर्षीय रामखेलावन सिंह को भी रिहा किया गया।
सात जिलों से जुड़े हैं रिहा
होने वाले बंदी रिहा किए गए बंदियों में रीवा जिले का एक, उमरिया के तीन, सीधी के दो, प्रयागराज का एक, अनूपपुर के पांच, शहडोल के दो और सिंगरौली जिले का एक बंदी शामिल है। जेल विभाग की ओर से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पात्र बंदियों को सजा में छूट देने की प्रक्रिया के तहत यह कार्रवाई की गई। रिहाई के बाद बंदियों की आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की गईं और उन्हें जेल से बाहर भेज दिया गया।
