मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है, लेकिन प्रदेश से इसकी विदाई से पहले बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है। 18 से 21 सितंबर के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियां बनी रहने का अनुमान है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार 19 सितंबर के आसपास उत्तर अंडमान सागर और आसपास के क्षेत्र में एक नया Low Pressure Area बनने की संभावना है।
IMD के 17 सितंबर के Extended Range Forecast में उत्तर अंडमान सागर के आसपास 19 सितंबर को Low Pressure Area बनने की संभावना जताई गई थी। इसके बनने के बाद सिस्टम के दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तट की ओर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने के संकेत हैं।
21 सितंबर तक बारिश और गरज-चमक का दौर
मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार मानसून की सक्रियता अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। 18 से 21 सितंबर के बीच प्रदेश में कहीं-कहीं बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवा चल सकती है। 22 सितंबर के आसपास वर्षा गतिविधि अपेक्षाकृत सीमित होने की संभावना बताई गई है।
IMD के स्थानीय पूर्वानुमान भी प्रदेश के कई हिस्सों में इस अवधि के दौरान बारिश या Thunderstorm की संभावना दिखा रहे हैं। भोपाल में 18 से 21 सितंबर तक बारिश या Thunderstorm के साथ Lightning की संभावना दर्ज की गई है। 18 सितंबर को भोपाल में पिछले 24 घंटे में 10.6 मिमी बारिश भी रिकॉर्ड हुई।
रीवा में भी 21 सितंबर तक गरज-चमक की संभावना
रीवा में 18 सितंबर को अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री के आसपास रहने का पूर्वानुमान है। IMD के सात दिन के स्थानीय पूर्वानुमान में 18 से 21 सितंबर तक Partly Cloudy Sky के साथ Rain, Thunderstorm या Duststorm की संभावना दर्ज की गई है। इस दौरान Thunderstorm के साथ Lightning की चेतावनी भी दर्ज है।
इसके बाद 22 सितंबर तक भी बादलों और स्थानीय वर्षा की संभावना बनी रह सकती है, जबकि 23 सितंबर से मौसम अपेक्षाकृत साफ होने का अनुमान है।
मानसून की विदाई पश्चिमी राजस्थान से शुरू होने के संकेत
IMD के 18 सितंबर के अपडेट के अनुसार पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां 19 सितंबर के आसपास अनुकूल होने की संभावना है। मानसून की आगे की वापसी के लिए बारिश की गतिविधि में कमी, निचले स्तर पर Anticyclone और नमी में कमी जैसे मौसमी संकेतों को देखा जाता है।
मध्य प्रदेश में मानसून की सक्रियता अभी बनी हुई है। इसलिए राज्य से इसकी वास्तविक विदाई की तारीख मौसम की आगामी परिस्थितियों पर निर्भर करेगी। फिलहाल सितंबर के आखिरी हिस्से में मानसून की गतिविधि कमजोर पड़ने की संभावना के बीच बारिश का यह दौर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
उत्तर अंडमान सागर में बन सकता है नया Low Pressure Area
मौसम में अगले बदलाव का प्रमुख कारण बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में बनने वाला नया मौसम सिस्टम हो सकता है। IMD के अनुसार उत्तर थाईलैंड के ऊपर बना Upper Air Cyclonic Circulation 18 सितंबर की शाम तक उत्तर अंडमान सागर के आसपास पहुंच सकता है। इसके प्रभाव से 19 सितंबर की शाम के आसपास उत्तर अंडमान सागर में Low Pressure Area बनने की संभावना है।
IMD के अनुसार इस सिस्टम के बाद दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तट की ओर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने के संकेत हैं। इसके आगे की स्थिति और गति के आधार पर मध्य भारत में वर्षा गतिविधि में बदलाव हो सकता है।
MP में अब तक 88.9% बारिश पूरी
मध्य प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक 842.1 मिमी यानी करीब 33.1 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है। सामान्य बारिश का आंकड़ा 905.3 मिमी यानी करीब 35.6 इंच है। इस तरह प्रदेश में सामान्य के मुकाबले लगभग 63.2 मिमी यानी करीब 2.5 इंच बारिश कम हुई है। मौसमी आंकड़ों के अनुसार कुल कमी करीब 7 प्रतिशत है।
पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश सामान्य से करीब 2 प्रतिशत कम बताई गई है, जबकि पश्चिमी हिस्से में कमी करीब 11 प्रतिशत है। पिछले सप्ताह हुई बारिश के कारण कई जिलों की स्थिति में सुधार हुआ है।
रीवा समेत कई जिलों में बारिश की कमी
पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग की स्थिति अब सामान्य के करीब पहुंची है। हालांकि बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडोरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी जैसे जिलों में सामान्य की तुलना में बारिश की कमी बनी हुई है। उपलब्ध आंकड़ों में इन जिलों में करीब 4 से 25 प्रतिशत तक कमी बताई गई है।
पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश की कमी अपेक्षाकृत ज्यादा है। आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा समेत कई जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई है। कुछ जिलों में कमी 50 प्रतिशत तक बताई गई है।
पिछले दिनों की बारिश से आंकड़ों में सुधार
मानसून के अंतिम चरण में हुई बारिश ने प्रदेश के कई कम बारिश वाले जिलों की स्थिति में सुधार किया है। हालांकि बारिश का वितरण अभी भी समान नहीं है। कुछ जिलों में सामान्य से कम पानी गिरा है, जबकि कुछ क्षेत्रों में मौसमी औसत के आसपास या उससे अधिक बारिश दर्ज की गई है।
आने वाले दिनों में होने वाली बारिश इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे उन जिलों में मौसमी कमी कुछ और कम हो सकती है जहां अभी सामान्य बारिश का आंकड़ा पूरा नहीं हुआ है। हालांकि किसी जिले का अंतिम मौसमी आंकड़ा केवल वास्तविक वर्षा रिकॉर्ड होने के बाद ही तय होगा।
मध्य प्रदेश में 18 सितंबर 2026 को बारिश: जिलेवार मौसम अपडेट
18 सितंबर 2026 के दिए गए मौसम ग्राफिक में मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश तथा गरज-चमक की संभावना बताई गई है।
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18 सितंबर 2026 को जारी दिए गए मौसम ग्राफिक में 19 सितंबर के लिए मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश और गरज-चमक का संकेत दिया गया है।
मध्य प्रदेश में 20 सितंबर 2026 को आंधी-बारिश: जिलेवार सूची
20 सितंबर 2026 के दिए गए मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश और आंधी की संभावना जताई है।
मध्य प्रदेश में 21 सितंबर 2026 को आंधी-बारिश: जिलेवार सूची
19 सितंबर 2026 को जारी मौसम पूर्वानुमान के अनुसार मध्य प्रदेश में 21 सितंबर तक बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर बना रह सकता है।
18 से 21 सितंबर के बीच मौसम पर नजर
अभी मौसम की सबसे महत्वपूर्ण अवधि 18 से 21 सितंबर के बीच है। इस दौरान स्थानीय स्तर पर बारिश के साथ Thunderstorm और Lightning की गतिविधियां हो सकती हैं। इसके बाद 19 सितंबर के आसपास बनने वाले संभावित Low Pressure Area की दिशा और ताकत अगले चरण की वर्षा गतिविधि को प्रभावित कर सकती है।
इसलिए प्रदेश में मानसून की विदाई की प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद बारिश पूरी तरह समाप्त मानना जल्दबाजी होगी। IMD के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम सक्रिय रह सकता है।