रीवा: महसांव शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल के प्रभारी प्राचार्य को निलंबित कर दिया गया है। शनिवार को कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी के औचक निरीक्षण के दौरान प्रभारी प्राचार्य के शराब के नशे में होने का आरोप सामने आया था। कलेक्टर ने मौके पर ही जिला शिक्षा अधिकारी को मेडिकल जांच कराने और निलंबन का प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है।
कलेक्टर शनिवार को जन विश्वास अभियान के तहत गुढ़ में आयोजित जन विश्वास शिविर में शामिल होने जा रहे थे। रीवा से गुढ़ जाते समय उन्होंने महसांव के सरकारी स्कूल का निरीक्षण किया। इस दौरान स्कूल में पढ़ाई, विद्यार्थियों से जुड़ी योजनाओं और मूलभूत व्यवस्थाओं में कई कमियां सामने आईं।
कक्षा 11वीं-12वीं की किताबें नहीं बांटी गई थीं
निरीक्षण के दौरान कक्षा 11वीं और 12वीं की जीव विज्ञान तथा कक्षा 6वीं की हिंदी विषय की किताबों का वितरण नहीं हुआ था। इसके अलावा 9 विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति की ई-केवाईसी भी लंबित मिली।
कलेक्टर ने संबंधित शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। प्रभारी प्राचार्य से भी स्कूल की व्यवस्थाओं को लेकर जवाब मांगा गया, लेकिन वे स्पष्ट जानकारी नहीं दे पाए। इसी दौरान उनके शराब के नशे में होने का आरोप सामने आया।
मेडिकल जांच के बाद निलंबन की कार्रवाई
स्थिति सामने आने के बाद कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को प्रभारी प्राचार्य की मेडिकल जांच कराने और निलंबन का प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए थे। इसके बाद प्रभारी प्राचार्य के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई।
स्कूल परिसर में जलभराव, शौचालय भी अधूरा
निरीक्षण के दौरान स्कूल परिसर और पुराने भवन के पीछे जलभराव मिला। कलेक्टर ने पानी की निकासी के लिए जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
सीईओ पूनम दुबे ने बताया कि फिलहाल पानी की निकासी की अस्थायी व्यवस्था करा दी गई है। बारिश रुकने के बाद पुलिया बनाकर स्थायी निकासी की व्यवस्था की जाएगी।
स्कूल में साफ-सफाई की स्थिति भी संतोषजनक नहीं मिली। मुख्य भवन के पास वर्ष 2019 से निर्माणाधीन शौचालय भवन अब तक अधूरा मिला। कलेक्टर ने जनपद पंचायत सीईओ को इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
ग्रामीणों से भी किया जनसंवाद
स्कूल निरीक्षण के बाद कलेक्टर ने ग्राम पतौता और पुरास के ग्रामीणों से जनसंवाद किया। इस दौरान ग्रामीणों की समस्याएं सुनी गईं और संबंधित अधिकारियों को उनके निराकरण के निर्देश दिए गए।
फोरलेन निर्माण के कारण सरकारी जमीन से हटाए गए परिवारों को ग्राम पुरास में आबादी भूमि पर आवासीय पट्टे देने के लिए एसडीएम को निर्देश दिए गए।
जनसंवाद के दौरान ग्रामीणों ने स्थानीय समस्याएं भी अधिकारियों के सामने रखीं। कलेक्टर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को समस्याओं के निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
