रीवा: सेमरिया के चर्चित पति-पत्नी हत्याकांड में करीब सात साल बाद अदालत ने फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश संदीप शर्मा की अदालत ने मुख्य आरोपी शिवकुमार पाठक उर्फ भैयाजी पाठक (75) निवासी ग्राम कौड़िया, सेमरिया को हत्या के मामले में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने अलग-अलग धाराओं में कुल जुर्माना भी लगाया है। मामले के दो आरोपी विनय पाठक और भूपेंद्र गौतम अभी फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी की प्रक्रिया जारी है।
मामला 1 मई 2019 की रात का है, जब आरोपियों ने चारपहिया वाहन से दिलीप साकेत के घर पहुंचकर लाठी-डंडों से हमला किया था। हमले में दिलीप साकेत और उनकी पत्नी मनीषा साकेत गंभीर रूप से घायल हुए थे। उपचार के दौरान मनीषा की मौत हो गई थी, जबकि दिलीप को दिल्ली रेफर किया गया था। करीब चार महीने बाद 30 अगस्त 2019 को दिल्ली में दिलीप साकेत की भी मौत हो गई थी।
2019 में घर में घुसकर पति-पत्नी पर हुआ था हमला
अभियोजन के अनुसार 1 मई 2019 की रात दिलीप साकेत और उनकी पत्नी मनीषा साकेत घर में सो रहे थे। इसी दौरान आरोपी लाठी-डंडों से लैस होकर चारपहिया वाहन से उनके घर पहुंचे। आरोप है कि आरोपियों ने घर में घुसकर दोनों पर जानलेवा हमला किया, जिससे पति-पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गए।
हमले के बाद दोनों को उपचार के लिए पहले सेमरिया अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें संजय गांधी अस्पताल रेफर किया गया। उपचार के दौरान मनीषा साकेत की मौत हो गई, जबकि दिलीप साकेत को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली रेफर किया गया। रिपोर्ट के अनुसार 30 अगस्त 2019 को दिल्ली में दिलीप साकेत की भी मृत्यु हो गई।
18 गवाहों के बयान और परिस्थितिजन्य साक्ष्य पेश किए गए
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल 18 गवाहों के बयान अदालत में कराए। अभियोजन ने गवाहों के बयानों के साथ घटनाक्रम से जुड़े परिस्थितिजन्य साक्ष्य भी अदालत के सामने रखे। सुनवाई के दौरान पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहियों के आधार पर अदालत ने शिवकुमार पाठक को दोषी ठहराया।
अदालत ने आरोपी को धारा 148 भादवि के तहत तीन वर्ष के सश्रम कारावास और ₹5 हजार जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं धारा 302/149 के तहत आजीवन कारावास और ₹5 हजार जुर्माने की सजा दी गई।
SC/ST Act के तहत भी आजीवन कारावास
मामले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा 3(2)(5) भी लगाई गई थी। अदालत ने इस प्रावधान के तहत भी शिवकुमार पाठक को आजीवन कारावास और ₹5 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है।
विनय पाठक और भूपेंद्र गौतम अभी फरार
मामले में आरोपी विनय पाठक और भूपेंद्र गौतम अभी फरार बताए गए हैं। दोनों की गिरफ्तारी शेष है और उनके खिलाफ न्यायिक प्रक्रिया जारी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार पुलिस फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। उनकी गिरफ्तारी के बाद मामले में आगे की न्यायिक कार्रवाई होगी।
पुरानी रंजिश को बताया गया हमले का कारण
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहीं जिला लोक अभियोजक राशि तिवारी ने बताया कि घटना के पीछे पुरानी रंजिश का विवाद सामने आया था। फरियादी बाबूलाल की रिपोर्ट के अनुसार आरोपियों का मृतक पक्ष के साथ पहले से हत्या के एक मामले को लेकर विवाद चल रहा था। अभियोजन के मुताबिक इसी रंजिश के चलते हमला किया गया था।
अदालत ने मामले में पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर मुख्य आरोपी शिवकुमार पाठक को दोषी ठहराया। वहीं फरार आरोपियों के संबंध में आगे की न्यायिक प्रक्रिया उनकी गिरफ्तारी के बाद आगे बढ़ेगी।
करीब सात साल बाद आया अदालत का फैसला
मई 2019 में हुए हमले के बाद मनीषा साकेत की उपचार के दौरान मौत हो गई थी, जबकि दिलीप साकेत ने भी अगस्त 2019 में दिल्ली में दम तोड़ दिया था। इसके बाद मामला गंभीर आपराधिक प्रकरण में बदल गया। लंबे समय तक चली सुनवाई में अभियोजन पक्ष ने गवाह और साक्ष्य पेश किए। अब अदालत ने मुख्य आरोपी शिवकुमार पाठक को हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
