✍️ विशेष संवाददाता•Published On 28th Aug, 2026 @ 7:40 PM
जियो प्लेटफॉर्म्स के बहुप्रतीक्षित IPO को SEBI से मंजूरी मिल गई है। प्रस्तावित IPO में 27 करोड़ तक नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे और शेयर की कीमत बुक-बिल्डिंग प्रक्रिया से तय होगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक जियो का IPO करीब 3.8 अरब डॉलर यानी लगभग ₹37,700 करोड़ का हो सकता है, जिससे यह भारत का सबसे बड़ा IPO बनने की दौड़ में आ गया है। हालांकि कंपनी ने अभी IPO खुलने की तारीख और प्राइस बैंड का ऐलान नहीं किया है।
नई दिल्ली: भारत के शेयर बाजार के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms) के बहुप्रतीक्षित IPO को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड यानी SEBI से मंजूरी मिल गई है। इसके साथ ही रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और टेलीकॉम इकाई के शेयर बाजार में उतरने का रास्ता साफ हो गया है।
जियो प्लेटफॉर्म्स ने जून 2026 में अपने प्रस्तावित IPO के लिए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस यानी DRHP दाखिल किया था। अब SEBI की मंजूरी मिलने के बाद कंपनी IPO लॉन्च करने की अगली प्रक्रिया की ओर बढ़ सकेगी।
प्रस्तावित IPO में 27 करोड़ तक नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। प्रत्येक शेयर की फेस वैल्यू ₹10 होगी। हालांकि निवेशकों के लिए सबसे अहम दो जानकारियां—IPO कब खुलेगा और शेयर का प्राइस बैंड क्या होगा—अभी घोषित नहीं की गई हैं।
SEBI की मंजूरी का क्या मतलब है?
SEBI की मंजूरी मिलने का मतलब यह नहीं है कि निवेशक तुरंत जियो के IPO में आवेदन कर सकते हैं। मंजूरी के बाद कंपनी को अंतिम ऑफर डॉक्यूमेंट, प्राइस बैंड, एंकर निवेशक प्रक्रिया और IPO की ओपनिंग व क्लोजिंग डेट जैसी आगे की औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।
जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रस्तावित IPO को लेकर पहले से ही बाजार में काफी उत्सुकता थी। अब SEBI की मंजूरी के बाद निवेशकों की नजर कंपनी की ओर से जारी होने वाले अगले आधिकारिक अपडेट पर रहेगी।
27 करोड़ नए शेयर जारी करने का प्रस्ताव
रिलायंस इंडस्ट्रीज की स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रस्तावित IPO में 27,00,00,000 यानी 27 करोड़ तक नए इक्विटी शेयर जारी करने का प्रस्ताव है। यह पूरी तरह एक Fresh Issue है।
इसका मतलब है कि प्रस्तावित IPO में मौजूदा शेयरधारकों द्वारा शेयर बेचने के बजाय कंपनी नए शेयर जारी करेगी। अंतिम इश्यू प्राइस बुक-बिल्डिंग प्रक्रिया के जरिए तय किया जाएगा।
Jio IPO: एक नजर में पूरी जानकारी
- कंपनी: Jio Platforms Limited
- प्रमोटर: Reliance Industries Limited
- IPO का प्रकार: Fresh Issue
- प्रस्तावित शेयर: 27 करोड़ तक नए इक्विटी शेयर
- फेस वैल्यू: ₹10 प्रति शेयर
- शेयर की कीमत: अभी घोषित नहीं
- IPO की तारीख: अभी घोषित नहीं
- प्राइस तय करने का तरीका: Book Building Process
- प्रस्तावित लिस्टिंग: BSE और NSE
करीब ₹37,700 करोड़ का हो सकता है IPO
जियो IPO के संभावित आकार को लेकर भी बाजार में बड़ी चर्चा है। Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्तावित IPO का आकार करीब 3.8 अरब डॉलर यानी लगभग ₹37,700 करोड़ हो सकता है। हालांकि यह ध्यान रखना जरूरी है कि कंपनी ने अभी अंतिम इश्यू प्राइस घोषित नहीं किया है, इसलिए अंतिम इश्यू साइज में बदलाव संभव है।
अगर IPO का अंतिम आकार रिपोर्टेड अनुमान के आसपास रहता है, तो जियो भारत के सबसे बड़े सार्वजनिक इश्यू का रिकॉर्ड बना सकता है। तुलना के लिए, Hyundai Motor India का 2024 का IPO करीब 2.95 अरब डॉलर का था।
IPO से मिलने वाला पैसा कहां खर्च होगा?
जियो प्लेटफॉर्म्स के ड्राफ्ट ऑफर दस्तावेज के अनुसार, IPO से मिलने वाली राशि का बड़ा हिस्सा कंपनी की सहायक इकाई Reliance Jio Infocomm Limited के कर्ज को पूरी तरह या आंशिक रूप से चुकाने के लिए इस्तेमाल करने की योजना है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, लगभग ₹27,500 करोड़ तक की राशि कर्ज के प्री-पेमेंट में इस्तेमाल की जा सकती है। इसके अलावा बची हुई राशि का उपयोग सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है।
भारत का सबसे बड़ा IPO बन सकता है जियो
जियो प्लेटफॉर्म्स भारत की सबसे बड़ी डिजिटल और टेलीकॉम कंपनियों में शामिल है। कंपनी के पास करोड़ों मोबाइल ग्राहक हैं और उसका कारोबार अब केवल टेलीकॉम तक सीमित नहीं है। जियो 5G, ब्रॉडबैंड, डिजिटल सेवाओं, क्लाउड, एंटरप्राइज नेटवर्क और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में भी विस्तार कर रही है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, जून 2026 तक जियो के ग्राहक आधार की संख्या 53 करोड़ से अधिक थी। ऐसे में जियो की शेयर बाजार में अलग लिस्टिंग निवेशकों को कंपनी के डिजिटल और टेलीकॉम कारोबार की स्वतंत्र वैल्यूएशन देखने का मौका दे सकती है।
रिलायंस से अलग जियो की वैल्यूएशन क्यों अहम होगी?
वर्तमान में जियो प्लेटफॉर्म्स रिलायंस इंडस्ट्रीज की प्रमुख सहायक कंपनी है। IPO के बाद जियो के शेयर सार्वजनिक रूप से बाजार में ट्रेड हो सकेंगे और कंपनी की अपनी अलग मार्केट वैल्यूएशन बनेगी।
इससे निवेशकों को जियो के टेलीकॉम, डिजिटल, क्लाउड और अन्य टेक्नोलॉजी कारोबार के प्रदर्शन को रिलायंस के दूसरे कारोबारों से अलग करके समझने का अवसर मिलेगा।
निवेशकों के लिए अभी क्या जानना जरूरी है?
- SEBI की मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन IPO अभी निवेश के लिए खुला नहीं है।
- IPO की ओपनिंग और क्लोजिंग डेट घोषित नहीं हुई है।
- शेयर का प्राइस बैंड भी अभी तय नहीं किया गया है।
- अंतिम इश्यू साइज प्राइस बैंड तय होने के बाद स्पष्ट होगा।
- निवेशकों को आवेदन से पहले कंपनी के अंतिम ऑफर डॉक्यूमेंट और आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना चाहिए।
अब आगे क्या होगा?
SEBI की मंजूरी के बाद अब जियो प्लेटफॉर्म्स की ओर से IPO लॉन्च की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। कंपनी को निवेशकों के लिए प्राइस बैंड, IPO की तारीख, लॉट साइज और अन्य जरूरी जानकारी जारी करनी होगी।
इसके बाद रिटेल निवेशकों को IPO में आवेदन करने का मौका मिलेगा। फिलहाल बाजार की नजर इस बात पर है कि जियो कब अपने IPO की तारीख और प्रति शेयर प्राइस बैंड की घोषणा करती है।
SEBI की मंजूरी के साथ जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर बाजार में उतरने की प्रक्रिया अब महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गई है। 27 करोड़ तक नए शेयरों के प्रस्ताव और करीब ₹37,700 करोड़ के रिपोर्टेड संभावित इश्यू आकार के कारण यह IPO भारतीय शेयर बाजार के इतिहास की सबसे बड़ी लिस्टिंग में शामिल हो सकता है।
हालांकि IPO की तारीख, प्राइस बैंड और अंतिम इश्यू साइज अभी तय नहीं हुआ है। इसलिए जियो IPO को लेकर अगला बड़ा अपडेट कंपनी की ओर से आने वाली आधिकारिक घोषणा होगी।
₹37,700 करोड़ का आंकड़ा रिपोर्टेड संभावित इश्यू आकार है। कंपनी ने अभी अंतिम प्राइस बैंड और इश्यू साइज की घोषणा नहीं की है। निवेशकों को निवेश संबंधी निर्णय केवल आधिकारिक IPO दस्तावेज और अंतिम ऑफर विवरण के आधार पर लेना चाहिए।