नई दिल्ली। 1 अक्टूबर 2026 से देश में आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों, बैंकिंग, LPG, टैक्स और दस्तावेजों से जुड़े कई नियम बदल रहे हैं। इनमें सब्सिडी वाले LPG सिलेंडर के लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन, SBI के कुछ खातों पर ATM फ्री ट्रांजैक्शन की सीमा, बैंक FD की ब्याज दरों के डिस्क्लोजर और जन्म-मृत्यु के देरी से होने वाले रजिस्ट्रेशन के नियम शामिल हैं। कुछ बदलाव 1 अक्टूबर से नहीं, बल्कि अक्टूबर के दौरान लागू होंगे, जैसे UPI Merchant Discount Rate का नया नियम 15 अक्टूबर से लागू होना है।
1 अक्टूबर से लागू होने वाले बड़े बदलाव
- सब्सिडी वाले LPG सिलेंडर के लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन जरूरी होगा।
- SBI के कुछ Salary Package Accounts में दूसरे बैंक के ATM पर फ्री ट्रांजैक्शन की सीमा बदलेगी।
- बैंकों को Bulk FD की ब्याज दरों का ज्यादा पारदर्शी तरीके से डिस्क्लोजर करना होगा।
- NPS में PoP के जरिए नए PRAN पर वन-टाइम ऑनबोर्डिंग चार्ज लागू होगा।
- NRI से प्रॉपर्टी खरीदने पर TAN की जरूरत नहीं होगी।
- देरी से जन्म और मृत्यु के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया सख्त होगी।
- Bankers’ Books Evidence Act, 2026 लागू होगा।
LPG सब्सिडी के लिए आधार ऑथेंटिकेशन जरूरी
1 अक्टूबर 2026 से सब्सिडी वाले घरेलू LPG सिलेंडर की बुकिंग के लिए Biometric Aadhaar Authentication जरूरी होगी। जिन उपभोक्ताओं का ऑथेंटिकेशन पहले ही पूरा हो चुका है, उन्हें दोबारा प्रक्रिया करने की जरूरत नहीं होगी।
जिन लोगों का ऑथेंटिकेशन बाकी है, वे इसे सिलेंडर डिलीवरी के समय, गैस एजेंसी के शोरूम पर या संबंधित ऑयल मार्केटिंग कंपनी के मोबाइल ऐप के जरिए पूरा कर सकते हैं।
पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक 19 सितंबर तक 27.43 करोड़ यानी 89.9 प्रतिशत घरेलू LPG उपभोक्ता अपना बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन पूरा कर चुके थे।
SBI ATM से जुड़े नियम बदलेंगे
1 अक्टूबर से SBI के कुछ Salary Package Account ग्राहकों के लिए दूसरे बैंकों के ATM से मुफ्त ट्रांजैक्शन की सीमा कम होने की जानकारी सामने आई है। ऐसे ग्राहकों के लिए दूसरे बैंकों के ATM पर फाइनेंशियल और नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन मिलाकर महीने में 5 मुफ्त ट्रांजैक्शन की सीमा बताई गई है।
Basic Savings Bank Deposit Account में महीने की 4 कैश निकासी मुफ्त रहने और उसके बाद शुल्क लागू होने की जानकारी भी सामने आई है।
बैंक FD की ब्याज दरों में पारदर्शिता बढ़ेगी
RBI के नए नियमों के तहत बैंकों को Bulk Deposits की ब्याज दरों को ज्यादा पारदर्शी तरीके से सार्वजनिक करना होगा। बैंकों को लागू Bulk Deposit Rates पहले से डिस्क्लोज करनी होंगी और कार्य दिवसों में संबंधित दरें निर्धारित समय पर उपलब्ध करानी होंगी।
समान परिस्थितियों वाली जमा राशि के लिए बैंक शाखाओं और ग्राहकों के बीच ब्याज दरों में अंतर रखने की व्यवस्था भी नए नियमों के तहत सीमित की गई है।
NPS में ₹200 का वन-टाइम ऑनबोर्डिंग चार्ज
National Pension System यानी NPS में Point of Presence के जरिए रजिस्ट्रेशन कराने वाले ग्राहकों के लिए संशोधित चार्ज स्ट्रक्चर 1 अक्टूबर से लागू होगा। नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक PRAN के लिए ₹200 का वन-टाइम ऑनबोर्डिंग चार्ज निर्धारित किया गया है।
NRI से प्रॉपर्टी खरीदने पर TAN की जरूरत नहीं
1 अक्टूबर से निवासी व्यक्ति या HUF द्वारा NRI से प्रॉपर्टी खरीदने के मामले में TDS से जुड़ी प्रक्रिया आसान होगी। ऐसे मामलों में निर्धारित TDS प्रक्रिया पूरी करने के लिए अलग से TAN लेने की जरूरत नहीं होगी। PAN के जरिए प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी।
जन्म-मृत्यु के देरी से रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया सख्त
Registration of Births and Deaths (Amendment) Act, 2026 के प्रावधान 1 अक्टूबर से लागू होंगे। इसके तहत देरी से होने वाले जन्म और मृत्यु के रजिस्ट्रेशन में अतिरिक्त सत्यापन और मंजूरी की व्यवस्था होगी।
एक साल से ज्यादा लेकिन दो साल के भीतर होने वाले विलंबित रजिस्ट्रेशन के लिए निर्धारित कार्यकारी मजिस्ट्रेट की मंजूरी जरूरी होगी। दो साल से ज्यादा पुराने मामलों में Judicial Magistrate First Class के आदेश की जरूरत होगी।
Bankers’ Books Evidence Act, 2026 लागू
Bankers’ Books Evidence Act, 2026 भी 1 अक्टूबर से लागू होगा। यह 1891 के पुराने कानून की जगह लेगा। नए कानून में बैंकिंग रिकॉर्ड के आधुनिक स्वरूपों को कानूनी सबूत के तौर पर मान्यता दी गई है।
इसमें फिजिकल, इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल, वर्चुअल और क्लाउड आधारित बैंकिंग रिकॉर्ड शामिल हैं। बैंक रिकॉर्ड के प्रमाणन की प्रक्रिया को भी मानकीकृत किया गया है।
ITR और टैक्स ऑडिट की डेडलाइन बदली
AY 2026-27 के लिए निर्धारित श्रेणियों के टैक्सपेयर्स की टैक्स ऑडिट रिपोर्ट की डेडलाइन 30 सितंबर से बढ़ाकर 21 अक्टूबर 2026 कर दी गई है। संबंधित मामलों में ITR दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर से बढ़ाकर 21 नवंबर 2026 की गई है।
UPI पर नया MDR 15 अक्टूबर से
UPI से जुड़ा नया Merchant Discount Rate नियम 1 अक्टूबर के बजाय 15 अक्टूबर 2026 से लागू होगा। चुनिंदा Merchant UPI Transactions में ₹2,000 से ज्यादा के पेमेंट पर MDR लागू होगा। ₹2,000 तक के पेमेंट और Zero-MDR व्यवस्था के तहत आने वाले कुछ छोटे व्यापारियों के ट्रांजैक्शन प्रभावित नहीं होंगे।
MDR ग्राहक से सीधे वसूलने वाला चार्ज नहीं है। यह Merchant-side transaction cost है। सामान्य P2P UPI पेमेंट पर यह MDR लागू नहीं होगा।
RBI MPC की बैठक 5 से 7 अक्टूबर
RBI की Monetary Policy Committee की बैठक 5 से 7 अक्टूबर 2026 तक होगी। 7 अक्टूबर को मौद्रिक नीति से जुड़े फैसले आने की उम्मीद है। हालांकि 1 अक्टूबर को कोई नया रेपो रेट लागू नहीं हो रहा है।
पेट्रोल-डीजल और LPG कीमतों की समीक्षा
तेल कंपनियां महीने की शुरुआत में पेट्रोल, डीजल और LPG की कीमतों की समीक्षा करती हैं। इसलिए 1 अक्टूबर को कीमतों में बदलाव की संभावना रहती है। हालांकि किसी शहर की नई कीमत की पुष्टि आधिकारिक रेट जारी होने के बाद ही की जा सकती है।
आम लोगों को क्या करना चाहिए?
- LPG उपभोक्ता अपना Biometric Aadhaar Authentication Status चेक करें।
- SBI ग्राहक अपने खाते की ATM सुविधा और लागू शुल्क देखें।
- FD निवेशक बैंक की नई Deposit Rate Disclosure देखें।
- NPS ग्राहक PoP के जरिए PRAN बनाते समय लागू शुल्क समझें।
- NRI से प्रॉपर्टी खरीदने वाले TDS प्रक्रिया की नई व्यवस्था देखें।
- जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र में देरी होने पर संबंधित प्राधिकरण की प्रक्रिया पहले समझें।
- टैक्सपेयर्स अपनी श्रेणी के अनुसार नई ITR और Audit Report डेडलाइन चेक करें।
1 अक्टूबर 2026 से होने वाले बदलावों में LPG, बैंकिंग, NPS और देरी से होने वाले जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रेशन के नियम प्रमुख हैं। वहीं UPI MDR और कुछ टैक्स संबंधी समयसीमाएं अक्टूबर और नवंबर में अलग-अलग तारीखों पर प्रभावी होंगी।
