नई दिल्ली। नवंबर महीने की शुरुआत के साथ देशभर में आम लोगों, वाहन चालकों, मोबाइल यूजर्स, निवेशकों और कारोबारियों से जुड़े कई बदलाव लागू हुए हैं। 1 नवंबर से 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत बढ़ी है। टेलीकॉम कंपनियों को कॉल करने वाले का नाम दिखाने वाली CNAP सुविधा लागू करनी है। वहीं, टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले पात्र निजी वाहन मालिकों के लिए रियायती सालाना FASTag लोकल पास शुरू हुआ है। म्यूचुअल फंड निवेश और पेंशनर्स के लाइफ सर्टिफिकेट से जुड़े बदलाव भी इस महीने की शुरुआत से प्रभावी हैं।
कमर्शियल LPG सिलेंडर महंगा हुआ
बदलाव: तेल कंपनियों ने 1 नवंबर से 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में बढ़ोतरी की है। दिल्ली में इसकी कीमत 10 रुपये बढ़कर 2,820 रुपये हो गई है। घरेलू इस्तेमाल वाले 14.2 किलो सिलेंडर की कीमत में फिलहाल बदलाव नहीं किया गया है। अलग-अलग शहरों में टैक्स और स्थानीय दरों के कारण कीमत अलग हो सकती है।
असर: होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे और कैटरिंग कारोबारियों का खर्च बढ़ेगा। इसका असर खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर पड़ सकता है। हालांकि, सिलेंडर महंगा होने से रेस्टोरेंट तुरंत अपने मेन्यू के दाम बढ़ाएंगे, यह तय नहीं है।
अनजान कॉल पर दिखेगा कॉल करने वाले का नाम
बदलाव: 1 नवंबर से टेलीकॉम कंपनियों को Calling Name Presentation (CNAP) सुविधा लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत अनजान घरेलू नंबर से कॉल आने पर मोबाइल स्क्रीन पर नंबर के साथ टेलीकॉम ऑपरेटर के रिकॉर्ड में दर्ज नाम भी दिखाई देगा। इसके लिए अलग से Truecaller जैसे ऐप को डाउनलोड करना जरूरी नहीं होगा।
असर: फोन उठाने से पहले कॉल करने वाले की पहचान का अंदाजा लगाने में मदद मिलेगी। इससे स्पैम और फर्जी कॉल पहचानने में आसानी हो सकती है। हालांकि, यह सुविधा नेटवर्क और डिवाइस की तकनीकी अनुकूलता पर निर्भर करेगी। शुरुआत में 4G और इससे नई तकनीक वाले नेटवर्क पर इसे लागू किया जा रहा है। 2G, 3G और लैंडलाइन के लिए अलग व्यवस्था पर विचार होगा। फोन में सेव कॉन्टैक्ट का नाम पहले की तरह दिखाई देगा।
टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर दायरे में रहने वालों को FASTag लोकल पास
बदलाव: केंद्र सरकार ने नेशनल हाईवे के टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले पात्र निजी वाहन मालिकों के लिए रियायती सालाना लोकल पास शुरू किया है। इसकी फीस टोल प्लाजा की लोकेशन के हिसाब से तय की गई है।
- नगरपालिका या स्थानीय कस्बे की सीमा से बाहर स्थित टोल प्लाजा: 1,500 रुपये सालाना
- नगरपालिका या स्थानीय कस्बे की सीमा के भीतर स्थित टोल प्लाजा: 3,000 रुपये सालाना
यह पास 1 नवंबर से पात्र टोल प्लाजा पर उपलब्ध होगा। राजमार्गयात्रा ऐप के जरिए इसकी सुविधा 1 दिसंबर से मिलेगी।
असर: टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले ऐसे निजी वाहन मालिकों को राहत मिलेगी, जिन्हें रोजाना या बार-बार टोल पार करना पड़ता है। हालांकि, केवल 20 किलोमीटर के दायरे में रहने से पास अपने आप नहीं मिलेगा। वाहन गैर-वाणिज्यिक होना चाहिए और उस पर वैध, चालू FASTag होना जरूरी है। पास सिर्फ संबंधित टोल प्लाजा पर मान्य होगा। जहां वैकल्पिक सड़क उपलब्ध है या क्लोज्ड टोल कलेक्शन सिस्टम लागू है, वहां यह सुविधा नहीं मिलेगी।
म्यूचुअल फंड निवेश में Direct Plan डिफॉल्ट विकल्प
बदलाव: 1 नवंबर से एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (AMCs) के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर म्यूचुअल फंड निवेश के लिए Direct Plan डिफॉल्ट विकल्प होगा। अगर निवेशक Regular Plan चुनते हैं, तो उन्हें उसके ज्यादा एक्सपेंस रेशियो यानी खर्च के बारे में जानकारी देनी होगी।
असर: जो निवेशक खुद ऑनलाइन म्यूचुअल फंड में पैसा लगाते हैं, उन्हें Direct Plan चुनने का विकल्प पहले से सामने मिलेगा। Direct Plan में डिस्ट्रीब्यूटर का कमीशन शामिल नहीं होता, इसलिए इसका एक्सपेंस रेशियो आमतौर पर Regular Plan से कम रहता है। हालांकि, Direct Plan में निवेश का फैसला लेने से पहले अपनी जानकारी, जोखिम और निवेश की जरूरत समझना जरूरी है।
पेंशनर्स को नवंबर में जमा करना होगा जीवन प्रमाण पत्र
बदलाव: 80 साल से कम उम्र के पेंशनर्स 1 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक अपना वार्षिक जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं। 80 साल या उससे अधिक उम्र के पेंशनर्स के लिए यह प्रक्रिया 1 अक्टूबर से ही शुरू हो चुकी है। जीवन प्रमाण पत्र बैंक में जाकर या डिजिटल माध्यम से भी जमा किया जा सकता है।
असर: पेंशन जारी रखने के लिए पात्र पेंशनर्स को तय समय के भीतर जीवन प्रमाण पत्र जमा करना जरूरी है। इसके लिए Jeevan Pramaan की सुविधा से आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए डिजिटल प्रमाण पत्र बनाया जा सकता है।
इसके अलावा, यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) के पेंशनर्स के लिए PFRDA ने UPS Jeevan Setu डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट की सुविधा भी शुरू की है। इसके जरिए NPS by Protean eGov मोबाइल ऐप पर आधार आधारित प्रमाणीकरण से प्रमाण पत्र जमा किया जा सकता है। UPS पेंशनर्स को इसे हर साल 30 नवंबर तक जमा करना होगा।
नवंबर के इन बदलावों का किस पर पड़ेगा असर?
1 नवंबर से लागू इन बदलावों का असर अलग-अलग वर्गों पर पड़ेगा। कमर्शियल LPG महंगा होने से होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों का खर्च बढ़ सकता है। CNAP से मोबाइल यूजर्स को अनजान कॉल की पहचान करने में मदद मिलेगी। FASTag लोकल पास से टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले पात्र निजी वाहन मालिकों को राहत मिल सकती है। वहीं, म्यूचुअल फंड निवेशकों और पेंशनर्स को नए नियमों के अनुसार अपनी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
