देवास / मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश के देवास जिले में अवैध शराब तस्करी रोकने की कार्रवाई के दौरान खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी की मौत हो गई। रविवार देर रात हरदा-नेमावर हाईवे पर संदिग्ध आयशर वाहन को रोकने पहुंचे टीआई को वाहन चालक ने कथित तौर पर कुचल दिया। वाहन का पिछला पहिया उनके ऊपर से गुजर गया। गंभीर रूप से घायल दिलीप पुरी को अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना 2 नवंबर की तड़के हुई।
पुलिस को सूचना मिली थी कि हरदा की ओर से अवैध शराब से भरा वाहन इंदौर होते हुए गुजरात की तरफ जा रहा है। देवास एसपी आदित्य मिश्रा ने वाहन को पकड़ने के लिए पांच से अधिक पुलिस टीमें बनाई थीं। घटना के बाद वाहन को जब्त कर लिया गया है और चालक को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने शराब तस्करी के नेटवर्क की जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) गठित की है।
अवैध शराब की सूचना पर पांच से अधिक पुलिस टीमें लगाई गई थीं
जानकारी के अनुसार, पुलिस को संदिग्ध वाहन के हरदा की तरफ से आने और इंदौर के रास्ते गुजरात जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद देवास एसपी आदित्य मिश्रा ने कार्रवाई के लिए पांच से अधिक पुलिस टीमों को लगाया। इनमें कन्नौद, सतवास और खातेगांव के थाना प्रभारी सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। संदिग्ध वाहन को रोकने के लिए अलग-अलग स्थानों पर नाकाबंदी भी की गई थी।
इसी अभियान के दौरान खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी हरदा-नेमावर हाईवे पर संदिग्ध आयशर वाहन के पास पहुंचे। उन्होंने चालक को वाहन से नीचे उतरने के लिए कहा। इसी दौरान दोनों के बीच झूमाझटकी होने की जानकारी सामने आई। आरोप है कि चालक ने पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए वाहन आगे बढ़ा दिया। इस दौरान टीआई नीचे गिर गए और वाहन का पिछला पहिया उनके ऊपर से गुजर गया।
संदलपुर में वाहन छोड़कर भागा चालक, बाद में गिरफ्तारी की जानकारी
घटना के बाद चालक आयशर वाहन को लेकर आगे बढ़ा और उसे संदलपुर के पास छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने वाहन को जब्त कर लिया। शुरुआती रिपोर्टों में चालक की तलाश की बात कही गई थी, जबकि बाद की खबरों में उसकी गिरफ्तारी की जानकारी दी गई है। पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी से जुड़े तथ्यों की पुष्टि जांच के आधिकारिक रिकॉर्ड से की जानी है।
घटना में शामिल वाहन का नंबर MP 43 H 4786 बताया गया है। पुलिस वाहन में मिली शराब के स्रोत, परिवहन के दस्तावेज और इसे कहां पहुंचाया जाना था, इसकी जांच कर रही है।
वाहन से 208 पेटी और करीब 1,800 लीटर शराब मिलने की जानकारी
देवास एसपी आदित्य मिश्रा के हवाले से प्रकाशित जानकारी के अनुसार, वाहन से करीब 208 पेटी में रखी 1,800 लीटर अवैध शराब बरामद हुई है। शुरुआती स्थानीय रिपोर्टों में पेटियों की संख्या 298 भी बताई गई थी, लेकिन पुलिस अधिकारी के हवाले से सामने आए आंकड़े में 208 पेटी का उल्लेख है। इसलिए बरामदगी की अंतिम संख्या पुलिस की आधिकारिक जब्ती सूची से स्पष्ट होगी।
वाहन में शराब रखने के लिए गुप्त कंपार्टमेंट बनाए जाने की जानकारी भी सामने आई है। आबकारी अधिकारी पूजा गहलोत के हवाले से बताया गया कि वाहन में वैध परिवहन परमिट नहीं मिला। पेटियों पर लगे लेबल से शराब का संबंध खरगोन की ब्रेवरीज से होने की बात कही गई है। हालांकि, शराब वहां से किसने और किस उद्देश्य से भेजी थी, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
शराब कहां से आई और कहां पहुंचाई जानी थी, SIT करेगी जांच
घटना के बाद पुलिस के सामने शराब के स्रोत और उसके पूरे परिवहन नेटवर्क का पता लगाने की चुनौती है। एसपी आदित्य मिश्रा के मुताबिक, मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम बनाई गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वाहन में शराब किसने लोड की, उसके परिवहन की जिम्मेदारी किसकी थी और इसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था।
शुरुआती रिपोर्टों में हरदा, टिमरनी, देवास, इंदौर और गुजरात से जुड़े संभावित संपर्कों का उल्लेख हुआ है। हालांकि, किसी व्यक्ति, शराब कारोबारी या राजनीतिक दल से जुड़े व्यक्ति की भूमिका अभी जांच से प्रमाणित नहीं हुई है। इसलिए इन नामों और कथित संबंधों को पुष्टि के बिना जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा।
जनविश्वास शिविर में भी उठी थी अवैध शराब की शिकायत
स्थानीय स्तर पर हाल ही में आयोजित जनविश्वास शिविर में क्षेत्र में अवैध शराब की गतिविधियों को लेकर शिकायत किए जाने की जानकारी सामने आई है। अब टीआई की मौत और वाहन से शराब बरामद होने के बाद क्षेत्र में अवैध शराब के कारोबार तथा उसकी निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस जांच में यह भी स्पष्ट होना है कि पहले मिली शिकायतों और मौजूदा मामले के बीच कोई संबंध है या नहीं।
2007 बैच के उप निरीक्षक थे दिलीप पुरी
खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी वर्ष 2007 बैच के उप निरीक्षक थे। टीआई के रूप में पदस्थ होने से पहले वह इंदौर के हीरानगर और चंदननगर थानों में भी सेवाएं दे चुके थे। वह मूल रूप से धार जिले के राजोद थाना क्षेत्र के बरमंडल गांव के निवासी थे। उनका परिवार इंदौर में रहता था। घटना के बाद पुलिस विभाग में शोक का माहौल है। उनका अंतिम संस्कार गृह क्षेत्र बरमंडल में किए जाने की जानकारी सामने आई है।
चंदाना और बिजाना में जहरीली शराब से मौतों के बाद फिर चर्चा में देवास
देवास जिले में यह घटना ऐसे समय हुई है, जब कुछ सप्ताह पहले चंदाना और आसपास के गांवों में संदिग्ध जहरीली शराब के सेवन से लोगों की मौत का मामला सामने आया था। उस घटना में कई लोगों की मौत और कुछ लोगों की आंखों की रोशनी प्रभावित होने की शिकायतें सामने आई थीं। मामले के बाद प्रशासन और आबकारी विभाग की कार्रवाई भी चर्चा में रही थी।
अब खातेगांव में शराब से भरे वाहन को रोकने की कार्रवाई के दौरान थाना प्रभारी की मौत ने जिले में अवैध शराब की आपूर्ति और निगरानी व्यवस्था पर फिर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, दोनों घटनाओं के बीच सीधा संबंध है या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
पुलिस की जांच में अब इन सवालों के जवाब तलाशे जाएंगे
- आयशर वाहन में शराब कहां से लोड की गई थी?
- वाहन के पास वैध परमिट क्यों नहीं मिला?
- शराब किस व्यक्ति या कारोबारी के नियंत्रण में भेजी जा रही थी?
- वाहन को गुजरात ले जाने की सूचना कितनी सही थी?
- ट्रक में गुप्त कंपार्टमेंट किसने तैयार कराया था?
- क्या इस तस्करी नेटवर्क में अन्य जिलों के लोग भी शामिल हैं?
- दिलीप पुरी की मौत के मामले में चालक और अन्य आरोपियों की भूमिका क्या थी?
फिलहाल पुलिस की विशेष जांच टीम शराब के स्रोत, वाहन के दस्तावेज, चालक की भूमिका और संभावित नेटवर्क की पड़ताल कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही इस मामले में शामिल अन्य लोगों और शराब कारोबार से जुड़े संपर्कों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
