✍️ विशेष संवाददाता•Published On 27th Aug, 2026 @ 6:40 PM
रीवा कलेक्टर ने समय-सीमा में शिकायतों और आवेदनों के निराकरण में लापरवाही को लेकर 19 अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। कार्रवाई का संबंध मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत आयोजित शिविरों में प्राप्त आवेदनों के साथ-साथ CM हेल्पलाइन और जनसुनवाई से जुड़े मामलों के निराकरण से बताया गया है। अधिकारियों से जवाब मांगा गया है।
रीवा जिले में शिकायतों और जनसमस्याओं के समय-सीमा में निराकरण को लेकर प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। कलेक्टर ने 19 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अधिकारियों पर CM हेल्पलाइन, जनसुनवाई और मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के दौरान प्राप्त आवेदनों के निराकरण में लापरवाही बरतने का आरोप है।
प्रशासनिक स्तर पर जारी कार्रवाई के अनुसार, मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित शिविरों में लोगों से प्राप्त आवेदनों पर कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे। इसके अलावा CM हेल्पलाइन और जनसुनवाई से जुड़े प्रकरणों के समय-सीमा में निराकरण की जिम्मेदारी भी संबंधित विभागों की थी।
समय-सीमा में निराकरण नहीं होने पर कार्रवाई
कलेक्टर कार्यालय की समीक्षा में कुछ प्रकरणों के निराकरण में देरी और लापरवाही सामने आने के बाद संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं। प्रशासन ने उनसे स्पष्ट करने को कहा है कि निर्देशों के बावजूद मामलों का समय पर निराकरण क्यों नहीं किया गया।
नोटिस पाने वाले अधिकारियों में विभिन्न विभागों और प्रशासनिक इकाइयों से जुड़े अधिकारी शामिल हैं। इनमें जिला और तहसील स्तर के अधिकारी भी बताए गए हैं।
क्यों जारी हुए नोटिस?
- CM हेल्पलाइन से जुड़े प्रकरणों के निराकरण में लापरवाही।
- जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों पर समय पर कार्रवाई नहीं होना।
- मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के शिविरों में मिले आवेदनों का लंबित रहना।
- निर्धारित समय-सीमा और प्रशासनिक निर्देशों का पालन नहीं होना।
जवाब के बाद आगे की कार्रवाई संभव
कारण बताओ नोटिस जारी होने के बाद संबंधित अधिकारियों को अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है। अधिकारियों के जवाब और लंबित प्रकरणों की स्थिति की समीक्षा के बाद आगे की प्रशासनिक कार्रवाई तय की जा सकती है।
यह कार्रवाई ऐसे समय में की गई है जब जिला प्रशासन CM हेल्पलाइन और जनसुनवाई में आने वाली शिकायतों के निराकरण की नियमित समीक्षा कर रहा है। प्रशासन का जोर है कि आम लोगों से जुड़े मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और तय समय-सीमा में कार्रवाई पूरी की जाए।