TCE रीवा न्यूज डेस्क। मध्य प्रदेश के रीवा जिले में 16 अगस्त को कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच हुए हिंसक टकराव के बाद राजनीतिक माहौल बेहद गर्मा गया है। सोमवार शाम को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में ज्ञापन सौंपने पहुंचे कांग्रेस महापौर अजय मिश्रा 'बाबा' महिला एडिशनल एसपी (एएसपी) और अन्य पुलिस अधिकारियों पर बुरी तरह भड़क गए। महापौर ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर पक्षपात के आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस कांग्रेस कार्यालय में आग लगवाना चाहती थी और भाजपा सांसद की 'आरती' उतार रही थी। इस दौरान उन्होंने पुलिसकर्मियों को 'चूड़ियां पहनने' की नसीहत दी और खुली चेतावनी देते हुए कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आने पर इसका बदला लिया जाएगा।
'मेरा नाम अजय मिश्रा बाबा है, सरकार आएगी तो बदला लेंगे'
एसपी कार्यालय में ज्ञापन सौंपने के दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब महापौर अजय मिश्रा बाबा ने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों के सामने तीखा आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने महिला एएसपी की ओर इशारा करते हुए कहा कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस मूकदर्शक बनी रही और भाजपा कार्यकर्ताओं को कांग्रेस दफ्तर के गेट तक आने दिया गया।
महापौर ने वहां तैनात पुलिसकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि आपको शर्म आनी चाहिए, आप सब चूड़ी पहन लो। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि हो सकता है कि आने वाले समय में प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बने और हम इसका बदला जरूर लेंगे, मेरा नाम अजय मिश्रा बाबा है। महापौर के इस आक्रामक तेवर और बयान का वीडियो भी सामने आया है, जिसने रीवा के सियासी पारे को चढ़ा दिया है।
16 अगस्त को कांग्रेस कार्यालय के सामने क्या हुआ था?
विवाद की शुरुआत 16 अगस्त की शाम उस समय हुई जब रीवा में विशाल मेगामार्ट के पास स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय के सामने भाजपा कार्यकर्ता पहुंचे। भाजपा नेताओं का आरोप था कि स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली स्थित कांग्रेस के राष्ट्रीय मुख्यालय में मल्लिकार्जुन खड़गे और सोनिया गांधी द्वारा राष्ट्रगीत का अपमान किया गया। इसके विरोध में रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा और भाजपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गुप्ता के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यालय के बाहर पहुंचे और वहां 'वंदे मातरम्' का गायन शुरू किया।
इसी दौरान दोनों दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए और जमकर नारेबाजी होने लगी। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच तीखी झड़प शुरू हो गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बीच-बचाव करना पड़ा।
कांग्रेस का आरोप: 3-4 कार्यकर्ता घायल, महिला पर फेंका गया जूता
घटना के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण व शहर) की ओर से पुलिस अधीक्षक को विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेंद्र शर्मा और महापौर ने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने सुनियोजित तरीके से कांग्रेस कार्यालय पर पथराव किया, जिसमें 3 से 4 कांग्रेस कार्यकर्ता चोटिल हुए हैं।
कांग्रेस नेताओं ने यह भी गंभीर आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान भीड़ की ओर से एक अनुसूचित जाति की महिला कार्यकर्ता पर जूता फेंका गया और जातिसूचक अपशब्द कहे गए। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि जब कांग्रेस कोई प्रदर्शन करती है तो उसे बैरिकेड लगाकर कई सौ मीटर पहले ही रोक दिया जाता है, लेकिन भाजपा कार्यकर्ताओं को सीधे पार्टी कार्यालय के मुख्य द्वार तक आने की छूट देकर सुरक्षा में घोर लापरवाही बरती गई। कांग्रेस ने मामले में दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और हमलावरों पर एफआईआर की मांग की है।
भाजपा का पलटवार: सभी आरोप मनगढ़ंत, कांग्रेसियों ने की अभद्रता
दूसरी ओर, भाजपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गुप्ता ने कांग्रेस द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से राष्ट्रीय भावना के तहत 'वंदे मातरम्' का गायन कर रहे थे।
भाजपा का दावा है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जानबूझकर उत्तेजक नारेबाजी की, हुड़दंग मचाया और भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ अभद्रता व मारपीट का प्रयास किया। भाजपा जिलाध्यक्ष ने पथराव और जूता फेंकने के आरोपों को राजनीति से प्रेरित और पूरी तरह निराधार बताया। मामले में दोनों राजनीतिक दलों द्वारा एक-दूसरे के खिलाफ मोर्चा खोले जाने के बाद रीवा पुलिस प्रशासन पूरे मामले के वीडियो फुटेज और साक्ष्यों की जांच में जुट गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. रीवा में कांग्रेस महापौर अजय मिश्रा बाबा ने पुलिस अधिकारियों से क्या कहा?
महापौर ने पुलिस पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए पुलिसकर्मियों को 'चूड़ियां पहनने' की बात कही और चेतावनी दी कि भविष्य में कांग्रेस सरकार आने पर इसका बदला लिया जाएगा।
2. 16 अगस्त को कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच विवाद क्यों हुआ था?
भाजपा सांसद जनार्दन मिश्रा के नेतृत्व में कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यालय के सामने राष्ट्रगीत के कथित अपमान के विरोध में वंदे मातरम् गाने पहुंचे थे, जहां दोनों पक्षों में नारेबाजी और टकराव हो गया।
3. कांग्रेस ने भाजपा कार्यकर्ताओं और पुलिस पर क्या आरोप लगाए हैं?
कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने पथराव किया जिससे 3-4 कार्यकर्ता घायल हुए और एक अनुसूचित जाति की महिला पर जूता फेंका गया। साथ ही पुलिस पर लचर सुरक्षा व्यवस्था का आरोप लगाया।
4. भाजपा का इस पूरे विवाद पर क्या पक्ष है?
भाजपा जिलाध्यक्ष ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उनका प्रदर्शन शांतिपूर्ण था और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उकसावे की कार्रवाई व अभद्रता की थी।
