रीवा जिले की गुढ़ तहसील के ग्राम बेला में कृषि भूमि पर हाईटेंशन लाइन और टावर लगाए जाने के विरोध में चल रहा किसान परिवार का आंदोलन करीब 48 घंटे बाद समाप्त हो गया। किसान देशराज मिश्रा की जमीन से जुड़े मामले में किसान पुत्र ने पानी में आधा डूबकर सत्याग्रह शुरू किया था। देर रात रीवा कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी समेत प्रशासनिक अधिकारी अनशन स्थल पर पहुंचे और मांगों को नियमानुसार हल करने का भरोसा दिया। इसके बाद किसान पुत्र ने अनशन समाप्त कर दिया।
रात 11 बजे अनशन स्थल पहुंचे कलेक्टर
किसान परिवार की ओर से चलाए जा रहे अनशन की जानकारी मिलने के बाद <span class="tce-entity-tag font-bold text-sky-700 dark:text-sky-400 no-underline cursor-pointer hover:text-red-600 transition-colors" data-entity-id="rewa" data-entity-slug="rewa" data-entity-name="%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%B5%E0%A4%BE" data-entity-icon="📍" data-entity-desc="%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%A7%E0%A5%8D%E0%A4%AF%20%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A5%87%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%20%E0%A4%95%E0%A5%80%20%E0%A4%90%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%95%20%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A5%83%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%95%20%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%80%20%E0%A4%B5%20%E0%A4%B8%E0%A4%AB%E0%A5%87%E0%A4%A6%20%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%98%E0%A5%8B%E0%A4%82%20%E0%A4%95%E0%A5%80%20%E0%A4%AD%E0%A5%82%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A5%A4">रीवा कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी, गुढ़ एसडीएम, तहसीलदार और थाना प्रभारी रात करीब 11 बजे मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसान पुत्र से पूरे मामले की जानकारी ली और उनकी मांगों पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
प्रशासन की समझाइश और कार्रवाई के भरोसे के बाद किसान पुत्र ने अनशन समाप्त कर दिया। इसके बाद पुलिस उसे मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल लेकर गई। लंबे समय तक अनशन पर रहने के कारण डॉक्टरों ने उसके स्वास्थ्य की जांच की।
हाईटेंशन टावर और मुआवजे को लेकर विवाद
किसान देशराज मिश्रा का आरोप है कि उनकी कृषि भूमि पर अडानी कंपनी की ओर से हाईटेंशन तार और टावर लगाए जा रहे हैं। उनका कहना है कि जमीन का उचित मुआवजा तय किए बिना काम कराया जा रहा है।
किसान का कहना है कि उन्होंने अधिकारियों के सामने जमीन के उचित मुआवजे की मांग रखी, लेकिन उनकी शिकायत पर सुनवाई नहीं हुई। इसी के विरोध में किसान पुत्र ने पानी में आधा डूबकर सत्याग्रह शुरू किया था। उनका आरोप है कि मामले में जवाब मांगने पर उन पर दबाव बनाने का प्रयास भी किया गया।
प्रशासन के आश्वासन पर खत्म हुआ आंदोलन
करीब 48 घंटे तक चले आंदोलन के दौरान देर रात प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसान परिवार की बात सुनी और भरोसा दिलाया कि उनकी जो मांगें नियमानुसार उचित पाई जाएंगी, उनके निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन के आश्वासन के बाद किसान पुत्र ने अनशन समाप्त कर दिया। इसके साथ ही मौके पर चल रहा गतिरोध फिलहाल खत्म हो गया।
जीतू पटवारी ने किसान से फोन पर की बात
मामले की जानकारी मिलने के बाद मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने देशराज मिश्रा से फोन पर बात की। उन्होंने किसान की स्थिति और उनकी मांगों की जानकारी ली।
जीतू पटवारी ने मामले को उद्योगपति और सरकार के मिले-जुले अत्याचार का मामला बताया और किसान के साथ खड़े होने की बात कही। कांग्रेस ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप कर किसान की शिकायत सुनने और जमीन के मुआवजे का उचित निर्धारण कराने की मांग की है।
किसान और कांग्रेस के आरोपों पर आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया
मामले में किसान और कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोपों के बावजूद प्रशासन तथा संबंधित कंपनी का आधिकारिक पक्ष फिलहाल सामने नहीं आया है। ऐसे में जमीन, हाईटेंशन लाइन, टावर और मुआवजे से जुड़े दावों की अंतिम स्थिति प्रशासनिक कार्रवाई और संबंधित दस्तावेजों के आधार पर स्पष्ट होगी।
फिलहाल प्रशासन के आश्वासन के बाद अनशन समाप्त हो गया है। अब किसान परिवार की मांगों पर नियमानुसार होने वाली कार्रवाई पर नजर रहेगी।
