प्रदेश के पूर्वी हिस्से में अगले चार दिनों तक बारिश का दौर बने रहने की संभावना है। मौसम की यह गतिविधि खास तौर पर पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में ज्यादा प्रभावी रह सकती है। इसके चलते कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ स्थानीय स्तर पर जलभराव की स्थिति भी बन सकती है।
रीवा, सीधी, शहडोल और अनूपपुर जैसे पूर्वी जिलों में रहने वाले लोगों को भारी बारिश के दौरान स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखने की जरूरत होगी।
इस दौरान बारिश की तीव्रता अलग-अलग स्थानों पर अलग रह सकती है। इसलिए इन जिलों के लिए भारी बारिश की एक समान स्थिति मानना सही नहीं होगा।
इसका मतलब यह है कि पूरे प्रदेश में बारिश की गतिविधियां एक जैसी नहीं रहेंगी। पूर्वी हिस्से में बारिश अपेक्षाकृत ज्यादा सक्रिय रह सकती है, जबकि कुछ पश्चिमी और उत्तरी क्षेत्रों में बारिश सीमित रह सकती है।
मौसम सिस्टम की सक्रियता के कारण पूर्वी मध्य प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है।
कहां कैसा मौसम?
| क्षेत्र/जिले |
संभावित स्थिति |
| रीवा, सीधी, कटनी |
भारी बारिश का अलर्ट |
| शहडोल, अनूपपुर |
भारी बारिश का अलर्ट |
| सिवनी, बालाघाट |
भारी बारिश का अलर्ट |
| भोपाल |
रिमझिम बारिश |
| जबलपुर, सतना, सिंगरौली, मऊगंज आदि |
कहीं तेज, कहीं हल्की बारिश |
| इंदौर, उज्जैन |
तेज बारिश के आसार कम |
| ग्वालियर-चंबल |
तेज बारिश के आसार कम |
MP में अब तक सामान्य से 2.6 इंच कम बारिश
मौसम केंद्र भोपाल के आंकड़ों के मुताबिक मध्य प्रदेश में अब तक 683.9 मिमी यानी 26.9 इंच बारिश हुई है। इस अवधि में सामान्य बारिश का आंकड़ा 750.9 मिमी यानी 29.5 इंच है। इस तरह प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 2.6 इंच कम बारिश हुई है।
कुल मिलाकर प्रदेश में सामान्य की तुलना में करीब 9% कम बारिश दर्ज की गई है। यानी मानसून सीजन में बारिश की कमी अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
पूर्वी MP में 6% और पश्चिमी हिस्से में 12% कमी
बारिश की कमी पूरे प्रदेश में एक जैसी नहीं है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 6% कम बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में 12% कम बारिश दर्ज की गई है।
इस लिहाज से आने वाले दिनों में होने वाली बारिश खास तौर पर उन इलाकों के लिए महत्वपूर्ण होगी जहां अब तक बारिश सामान्य से कम रही है। हालांकि किसी क्षेत्र में बारिश की कमी कितनी पूरी होगी, यह आने वाले दिनों में वास्तविक बारिश की मात्रा पर निर्भर करेगा।
भारी बारिश के दौरान किन बातों का ध्यान रखें?
जिन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है, वहां लोगों को मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर रखनी चाहिए। तेज बारिश के दौरान नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास जाने से बचना बेहतर है।
सड़क पर पानी भरने की स्थिति में वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, जलस्रोत और ऊंचे पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए।
अगले कुछ दिनों में क्या उम्मीद?
फिलहाल मौसम का सबसे सक्रिय क्षेत्र मध्य प्रदेश का पूर्वी हिस्सा रहने की संभावना है। अगले चार दिनों तक बारिश का दौर जारी रह सकता है और शनिवार को सात जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। अन्य कई जिलों में भी बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी।
हालांकि प्रदेश के हर जिले में भारी बारिश नहीं होगी। मौसम सिस्टम के प्रभाव और स्थानीय परिस्थितियों के कारण बारिश की तीव्रता में क्षेत्रवार अंतर रहेगा।
मध्य प्रदेश में मानसून की गतिविधियां अगले कुछ दिनों तक जारी रहने वाली हैं। शनिवार को रीवा, सीधी, कटनी, शहडोल, अनूपपुर, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश का अलर्ट है। वहीं कई अन्य जिलों में हल्की से तेज बारिश हो सकती है।
प्रदेश में अब तक 26.9 इंच बारिश हुई है, जो सामान्य से 2.6 इंच कम है। पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में बारिश की कमी बनी हुई है। ऐसे में अगले चार दिनों में होने वाली बारिश राज्य के लिए महत्वपूर्ण होगी।