मुंबई के घाटकोपर ईस्ट से BJP विधायक पराग शाह का नाम इन दिनों एक अलग वजह से चर्चा में है। करोड़ों की संपत्ति और कारोबारी पहचान रखने वाले शाह को मुंबई की सड़कों पर भिखारी के भेष में देखा गया। उन्होंने आम लोगों से मदद मांगी, सड़क किनारे समय बिताया और लोगों की प्रतिक्रियाओं को करीब से समझने की कोशिश की।
लेकिन यह किसी आर्थिक संकट या संपत्ति खत्म होने की कहानी नहीं है। पराग शाह ने यह पूरा अनुभव अपनी पहचान और सुविधाएं पीछे छोड़कर किया। उनके मुताबिक, इसका उद्देश्य जिंदगी की वास्तविकता और जरूरतमंद लोगों के अनुभव को करीब से समझना था। इस प्रयोग के पीछे Jain Spiritual Guru नम्रमुनि महाराज की प्रेरणा बताई गई है।
कौन हैं पराग शाह
पराग शाह महाराष्ट्र के मुंबई उपनगर की घाटकोपर ईस्ट विधानसभा सीट से BJP विधायक हैं। वे इस सीट से 2019 और 2024 में चुनाव जीत चुके हैं। 2024 के चुनावी हलफनामे के अनुसार उनकी उम्र 55 वर्ष थी और उन्होंने B.Com की पढ़ाई की है। चुनावी रिकॉर्ड में उनका पेशा Business दर्ज है।
राजनीति में आने से पहले शाह की पहचान Construction और Real Estate Business से बनी। Association for Democratic Reforms के अनुसार उन्होंने 1991 में परिवार के Construction Business से अपना करियर शुरू किया और बाद में Real Estate Developer के रूप में काम किया। वह 2017 में पहली बार Ghatkopar East से BJP Municipal Councillor बने और 2019 में विधानसभा चुनाव जीतकर MLA बने।
रियल एस्टेट से कैसे बनी इतनी बड़ी संपत्ति
पराग शाह की संपत्ति का सबसे बड़ा हिस्सा उनके Business Investments और Shares से जुड़ा है। उनकी कंपनी Man Infraconstruction Ltd. के अनुसार शाह कंपनी के Chairman हैं और Construction Industry में उन्हें 30 वर्षों से अधिक का अनुभव है। कंपनी के मुताबिक वे 1991 में कारोबार से जुड़े और उनके नेतृत्व में कंपनी ने 1997 में Nhava Sheva में भारत के पहले Private Port के Construction का प्रतिष्ठित Contract हासिल किया।
2024 के चुनावी हलफनामे में शाह ने कुल 3,383.06 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की। इसमें करीब 3,315.53 करोड़ रुपये Movable Assets और करीब 67.53 करोड़ रुपये Immovable Assets के रूप में दर्ज हैं। Movable Assets में सबसे बड़ा हिस्सा Companies के Shares और Securities का है, जिसकी घोषित Value करीब 3,240.55 करोड़ रुपये है।
3,383 करोड़ रुपये का आंकड़ा केवल घर, जमीन या नकदी की कीमत नहीं है। इसका बहुत बड़ा हिस्सा शेयरों और अन्य Financial Securities के रूप में दर्ज है।
5 साल में संपत्ति कितनी बढ़ी
पराग शाह की संपत्ति में 2019 और 2024 के बीच बड़ा अंतर दर्ज हुआ। MyNeta के अनुसार 2019 में उनकी घोषित कुल संपत्ति 500.62 करोड़ रुपये थी। 2024 में यह बढ़कर 3,383.06 करोड़ रुपये हो गई। यानी पांच साल में घोषित संपत्ति में करीब 2,882.44 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज हुई, जो लगभग 576% है।
हालांकि, इस बढ़ोतरी को केवल नकद कमाई के रूप में देखना सही नहीं होगा। हलफनामे में Shares और Securities को उनके मौजूदा Market Value के आधार पर शामिल किया गया है। इसलिए Business Valuation और शेयरों की कीमत में बदलाव भी घोषित संपत्ति के आंकड़े को प्रभावित कर सकते हैं।
फिर भिखारी के भेष में क्यों निकले
पराग शाह के भिखारी के भेष में सड़क पर उतरने का कारण उनकी आर्थिक स्थिति नहीं, बल्कि एक सामाजिक और आध्यात्मिक अनुभव बताया गया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, Jain Spiritual Guru नम्रमुनि महाराज की प्रेरणा पर शाह ने अपनी पहचान छिपाकर एक दिन सामान्य भिखारी की तरह रहने का फैसला किया।
उन्होंने Security Detail, Car और अपनी सामान्य सुविधाओं को पीछे रखा। Makeup और कपड़ों के जरिए अपना हुलिया बदला और घाटकोपर की सड़कों तथा रेलवे स्टेशन के आसपास आम लोगों के बीच पहुंचे। वहां उन्होंने लोगों से मदद मांगी और सड़क किनारे बैठकर समय बिताया। कई लोग उन्हें पहचान नहीं पाए। कुछ लोगों ने मदद की, जबकि कुछ ने उन्हें नजरअंदाज कर दिया।
शाह के अनुसार, इस अनुभव ने उन्हें गरीबी और जरूरतमंद लोगों की जिंदगी को एक अलग नजरिए से देखने का मौका दिया। इस प्रयोग का मकसद अपनी संपत्ति छोड़ना या वास्तव में भिखारी बनना नहीं था, बल्कि कुछ समय के लिए अपनी पहचान और सुविधाओं से अलग होकर उस जीवन को महसूस करना था जिसे समाज का एक वर्ग रोजाना जीता है।
घाटकोपर के विधायक से देश के सबसे अमीर MLA तक
पराग शाह की राजनीतिक यात्रा भी घाटकोपर से ही जुड़ी रही है। 2017 में उन्होंने BJP के टिकट पर Municipal Councillor का चुनाव जीता। 2019 में वे पहली बार विधायक बने और 2024 में दोबारा घाटकोपर ईस्ट से जीत दर्ज की। ADR के विश्लेषण में 2024 के चुनावी हलफनामों के आधार पर उन्हें देश का सबसे अमीर MLA बताया गया।
उनकी 2024 की घोषित संपत्ति 3,383.06 करोड़ रुपये है, जबकि कुल देनदारियां करीब 37.90 लाख रुपये दर्ज हैं। MyNeta के रिकॉर्ड में उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला घोषित नहीं है। ये आंकड़े चुनाव के दौरान दाखिल किए गए Self-Declared Affidavit पर आधारित हैं और वर्तमान स्थिति अलग हो सकती है।
इसलिए करोड़ों की संपत्ति वाले BJP विधायक का सड़क पर भिखारी के रूप में दिखाई देना पहली नजर में जितना चौंकाने वाला है, उसके पीछे की कहानी उतनी ही अलग है। यह उनकी आर्थिक स्थिति में बदलाव नहीं, बल्कि एक दिन का सामाजिक और आध्यात्मिक प्रयोग था।
सोनू निगम भी बन चुके हैं भिखारी, सड़क किनारे गाया था गाना
इसके पहले ऐसा ही कारनामा मशहूर गायक सोनू निगम भी कर चुके हैं। सोनू निगम ने दस साल पहले मुंबई के जुहू इलाके में भिखारी का भेष बनाकर सड़क किनारे गाने गाया था। यह प्रयोग एक सोशल एक्सपेरिमेंट के लिए किया गया था।