मध्य प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री स्कूटी प्रदाय योजना को 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने का फैसला किया गया है। इस साल 16 सितंबर को भोपाल में 7,500 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी दी जाएगी। नई व्यवस्था में सरकारी स्कूल की 12वीं बोर्ड परीक्षा में अपने स्कूल में प्रथम स्थान के साथ पहली बार में कम से कम 70% अंक हासिल करना जरूरी किया गया है।
भोपाल। मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले मेधावी विद्यार्थियों के लिए मुख्यमंत्री स्कूटी प्रदाय योजना को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। राज्य सरकार ने योजना को अगले पांच साल तक जारी रखने का फैसला किया है। इसी के तहत 16 सितंबर 2026 को भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में 7,500 से अधिक विद्यार्थियों को स्कूटी दी जाएगी।
यह योजना आम तौर पर सभी 12वीं पास विद्यार्थियों के लिए नहीं है। इसका लाभ उन विद्यार्थियों को मिलता है जो शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में नियमित विद्यार्थी के रूप में पढ़ते हैं और अपनी शाला में 12वीं की बोर्ड परीक्षा में सर्वोच्च अंक हासिल करते हैं। 2026-27 से पात्रता में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है—विद्यार्थी को पहली बार में परीक्षा पास करने के साथ कम से कम 70 प्रतिशत अंक भी हासिल करने होंगे।
क्या है मुख्यमंत्री स्कूटी योजना?
मध्य प्रदेश सरकार की योजना का आधिकारिक नाम निःशुल्क ई-स्कूटी/आईसीईएस प्रदाय योजना है। स्कूल शिक्षा विभाग के योजना पोर्टल के अनुसार इसका उद्देश्य सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूलों में 12वीं में अपनी शाला में प्रथम स्थान हासिल करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी उपलब्ध कराना है। यह योजना सत्र 2022-23 से संचालित है।
इसमें स्कूल शिक्षा विभाग और जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत आने वाले शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूलों के नियमित विद्यार्थियों को शामिल किया जाता है। योजना में छात्र और छात्रा दोनों लाभार्थी हो सकते हैं। यानी इसे केवल छात्राओं के लिए सीमित योजना समझना सही नहीं है।
2026 में सबसे बड़ा बदलाव क्या हुआ?
2026-27 से योजना की पात्रता में 70 प्रतिशत अंक की शर्त जोड़ी गई है। अब संबंधित सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल में 12वीं की परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करने के साथ विद्यार्थी का पहली बार में न्यूनतम 70 प्रतिशत अंक हासिल करना जरूरी है।
राज्य सरकार के आदेश से जुड़ी उपलब्ध जानकारी के मुताबिक यह व्यवस्था योजना क्रमांक 1139 के तहत 2026-27 से 2030-31 तक लागू रहेगी। इसके लिए पांच वर्षों के लिए ₹495 करोड़ का वित्तीय आकार स्वीकृत किया गया है।
किसे मिलेगी मुफ्त स्कूटी?
योजना का लाभ लेने के लिए मुख्य रूप से ये शर्तें पूरी करनी होंगी:
- विद्यार्थी मध्य प्रदेश के शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में नियमित विद्यार्थी रहा हो।
- विद्यार्थी ने कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा नियमित परीक्षार्थी के रूप में दी हो।
- 12वीं में अपने संबंधित शासकीय स्कूल में प्रथम स्थान प्राप्त किया हो।
- 2026-27 से लागू व्यवस्था के अनुसार पहली बार में न्यूनतम 70 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हों।
- विद्यार्थी स्कूल शिक्षा विभाग या जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत आने वाले पात्र शासकीय स्कूल से हो।
- सभी संकायों के विद्यार्थियों को पात्रता के दायरे में रखा गया है; योजना केवल किसी एक स्ट्रीम तक सीमित नहीं है।
इसका मतलब यह है कि केवल 70 प्रतिशत अंक हासिल कर लेना पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थी को अपने पात्र सरकारी स्कूल में प्रथम स्थान भी हासिल करना होगा। इसी तरह केवल स्कूल टॉपर होना भी पर्याप्त नहीं होगा, यदि नई 70 प्रतिशत की न्यूनतम अंक शर्त पूरी नहीं होती।
क्या छात्राओं के साथ छात्रों को भी मिलेगी स्कूटी?
हां। योजना की आधिकारिक जानकारी में छात्र और छात्रा दोनों को लाभार्थी वर्ग में शामिल किया गया है। इसलिए इसे केवल “बालिका स्कूटी योजना” कहना सही नहीं होगा। संबंधित शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में पात्रता पूरी करने वाला प्रथम स्थान प्राप्त छात्र भी योजना का लाभ ले सकता है।
किस विषय या स्ट्रीम के विद्यार्थियों को मिलेगी?
योजना किसी एक संकाय तक सीमित नहीं है। उपलब्ध सरकारी जानकारी के अनुसार हायर सेकेंडरी की परीक्षा में सभी संकायों को शामिल किया गया है। इसलिए पात्र सरकारी स्कूलों में कला, विज्ञान, वाणिज्य या अन्य मान्य संकायों के विद्यार्थियों के लिए स्कूल में प्रथम स्थान हासिल करने पर योजना का लाभ मिल सकता है, बशर्ते बाकी पात्रता शर्तें पूरी हों।
पेट्रोल स्कूटी या ई-स्कूटी—कितनी राशि मिलेगी?
योजना में विद्यार्थी को ई-स्कूटी या पेट्रोल से चलने वाले वाहन का विकल्प उपलब्ध है। मौजूदा प्रावधान के अनुसार यदि विद्यार्थी पेट्रोल वाहन का चयन करता है तो सरकार की ओर से अधिकतम ₹90,000 तक का प्रावधान है। ई-स्कूटी के मामले में अधिकतम ₹1.20 लाख तक की राशि का प्रावधान है।
मध्य प्रदेश विधानसभा में फरवरी 2026 में स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से बताया गया था कि पेट्रोल स्कूटी/मोटरसाइकिल के लिए ₹90,000 का प्रावधान एक्स-शोरूम कीमत, इंश्योरेंस और एक्सेसरीज के साथ किया जाता है। ई-स्कूटी के लिए ₹1.20 लाख तक का प्रावधान है और इसमें रजिस्ट्रेशन जैसी सुविधाएं भी शामिल की जा रही हैं।
क्या सरकार विद्यार्थियों को सीधे पैसे देती है?
इसे सामान्य छात्रवृत्ति की तरह नकद राशि मिलने वाली योजना नहीं समझना चाहिए। सरकारी योजना की मूल व्यवस्था स्कूटी उपलब्ध कराने की है। विधानसभा में विभाग की ओर से बताया गया था कि पात्र विद्यार्थी पेट्रोल वाहन या ई-स्कूटी का विकल्प चुन सकते हैं और निर्धारित सीमा के भीतर वाहन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाती है।
2026 में कितने विद्यार्थियों को मिलेगी स्कूटी?
मध्य प्रदेश सरकार 16 सितंबर 2026 को राज्य स्तरीय कार्यक्रम में 7,500 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी देने जा रही है। मुख्यमंत्री स्कूटी वितरण योजना का राज्य स्तरीय कार्यक्रम भोपाल में 16 सितंबर को सुबह 10 बजे निर्धारित है।
आकाशवाणी की रिपोर्ट के अनुसार इस योजना से अब तक 23 हजार से अधिक विद्यार्थी लाभान्वित हो चुके हैं और इस पर लगभग ₹246 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं।
पिछले साल कितने विद्यार्थियों को लाभ मिला?
वर्ष 2024-25 में योजना के तहत 7,832 पात्र छात्र-छात्राओं को ई-स्कूटी/आईसीईएस से लाभान्वित किया गया था। उस वर्ष के लिए ₹100 करोड़ का बजट प्रावधान बताया गया था।
फरवरी 2026 में विधानसभा में विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार वर्ष 2025-26 में 7,865 पात्र विद्यार्थी योजना से लाभान्वित हुए थे। वर्ष 2026-27 के लिए भी करीब ₹100 करोड़ का प्रावधान विभागीय स्तर पर बताया गया था।
क्या योजना 2026 के बाद बंद हो जाएगी?
नहीं। सरकार ने इसे अगले पांच वित्तीय वर्षों के लिए जारी रखने का फैसला किया है। उपलब्ध आदेश संबंधी जानकारी के अनुसार योजना क्रमांक 1139 का वित्तीय आकार 2026-27 से 2030-31 तक ₹495 करोड़ रखा गया है। इसका अर्थ है कि योजना को अगले कुछ वर्षों तक जारी रखने के लिए वित्तीय प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के लिए आवेदन कैसे करें?
इस योजना की प्रक्रिया सामान्य छात्रवृत्ति की तरह हर विद्यार्थी द्वारा अलग से किसी खुले आवेदन फॉर्म को भरने वाली व्यवस्था नहीं है। मध्य प्रदेश शासन के योजना डैशबोर्ड के अनुसार आवेदन/संपर्क के लिए संबंधित शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल के प्राचार्य को पदाभिहित अधिकारी बताया गया है। योजना के लिए आवेदन शुल्क भी नहीं है।
इसलिए पात्र विद्यार्थी को सबसे पहले अपने स्कूल के प्राचार्य या संबंधित स्कूल शिक्षा अधिकारी से संपर्क करना चाहिए। स्कूल स्तर पर बोर्ड परिणाम, स्कूल में प्राप्त प्रथम स्थान और अन्य पात्रता की पुष्टि के बाद आगे की प्रक्रिया की जाती है।
क्या इसके लिए कोई ऑनलाइन आवेदन लिंक है?
सरकारी योजना डैशबोर्ड पर योजना से संबंधित ऑनलाइन प्रक्रिया के लिए Education Portal का लिंक दिया गया है। हालांकि पात्रता और वितरण की प्रक्रिया विद्यार्थी के स्कूल रिकॉर्ड और परिणाम के आधार पर संचालित होती है। इसलिए केवल किसी अनधिकृत वेबसाइट पर फॉर्म भरने के बजाय स्कूल के प्राचार्य या शिक्षा विभाग के आधिकारिक माध्यम से प्रक्रिया की पुष्टि करना जरूरी है।
अगर दो विद्यार्थियों के अंक बराबर हों तो?
ऐसी स्थिति में चयन का तरीका संबंधित शासन के विस्तृत निर्देशों और परीक्षा परिणाम के आधार पर तय होगा। उपलब्ध सामान्य योजना विवरण में “अपनी शाला में प्रथम स्थान” को पात्रता का आधार बताया गया है। इसलिए बराबरी की स्थिति में अपने स्तर से कोई अनुमान लगाना उचित नहीं होगा; संबंधित स्कूल या विभाग द्वारा जारी चयन निर्देश को ही अंतिम माना जाना चाहिए।
क्या प्राइवेट स्कूल के टॉपर को स्कूटी मिलेगी?
नहीं, योजना का मूल दायरा शासकीय हायर सेकेंडरी विद्यालयों के नियमित विद्यार्थियों से जुड़ा है। सरकारी योजना पोर्टल में स्कूल शिक्षा विभाग एवं जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत संचालित शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूलों को पात्र संस्थान बताया गया है। इसलिए किसी निजी स्कूल के टॉपर को केवल 12वीं में प्रथम स्थान प्राप्त करने के आधार पर इस योजना का लाभ नहीं मिलता।
क्या प्राइवेट छात्र भी आवेदन कर सकते हैं?
योजना की मौजूदा पात्रता के अनुसार इसका लाभ पात्र शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल के नियमित विद्यार्थियों के लिए है। इसलिए निजी स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थी इस योजना के सामान्य पात्रता दायरे में नहीं आते।
योजना का उद्देश्य क्या है?
सरकार का उद्देश्य मेधावी विद्यार्थियों को पढ़ाई के बाद आगे की शिक्षा के लिए आवागमन की सुविधा देना और सरकारी स्कूलों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करना है। खासकर ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए कॉलेज या उच्च शिक्षा संस्थान तक आने-जाने में वाहन उपयोगी हो सकता है।
योजना का क्षेत्र ग्रामीण और शहरी दोनों बताया गया है। इसलिए लाभ केवल शहरों में रहने वाले विद्यार्थियों तक सीमित नहीं है।
मुख्यमंत्री स्कूटी योजना में सबसे जरूरी बात क्या है?
2026-27 से योजना को समझने के लिए तीन शर्तें सबसे महत्वपूर्ण हैं—विद्यार्थी पात्र शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल का नियमित विद्यार्थी हो, 12वीं में अपने स्कूल में प्रथम स्थान हासिल करे और पहली बार में कम से कम 70 प्रतिशत अंक प्राप्त करे। इसके बाद पात्र विद्यार्थी के लिए पेट्रोल वाहन या ई-स्कूटी का विकल्प निर्धारित प्रावधानों के अनुसार उपलब्ध कराया जाता है।
योजना को 2030-31 तक जारी रखने का निर्णय होने से आने वाले वर्षों में भी सरकारी स्कूलों के मेधावी विद्यार्थियों के लिए यह प्रोत्साहन उपलब्ध रहेगा। हालांकि प्रत्येक शैक्षणिक वर्ष में लागू पात्रता, चयन और वितरण संबंधी ताजा आदेश को ही अंतिम माना जाना चाहिए।