Devuthni Ekadashi Kab Hai: 19 या 20 नवंबर? जानें सही तारीख

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New Delhi: Devuthni Ekadashi Kab Hai: 19 या 20 नवंबर? जानें सही तारीख
Devuthni Ekadashi Kab Hai: 19 या 20 नवंबर? जानें सही तारीख

मुख्य बिंदुQuick Read

  • देवउठनी एकादशी की मुख्य व्रत तिथि 20 नवंबर 2026, शुक्रवार है।
  • एकादशी तिथि 20 नवंबर सुबह 7:16 बजे शुरू होगी।
  • तिथि 21 नवंबर सुबह 6:32 बजे समाप्त होगी।
  • वैष्णव परंपरा में गौण एकादशी 21 नवंबर को मनाई जाएगी।
  • 20 नवंबर का व्रत रखने वालों का पारण 21 नवंबर को होगा।
Devuthni Ekadashi 2026, Devuthani Ekadashi Date:कार्तिक महीने की देवउठनी एकादशी को लेकर इस साल तारीख को लेकर भ्रम है। कुछ लोग 19 नवंबर तो कुछ 20 नवंबर को व्रत रखने की बात कर रहे हैं। पंचांग के अनुसार, साल 2026 में देवउठनी एकादशी का मुख्य व्रत शुक्रवार, 20 नवंबर को रखा जाएगा। वहीं, वैष्णव संप्रदाय में गौण एकादशी का पालन शनिवार, 21 नवंबर को किया जाएगा।

देवउठनी एकादशी को देवोत्थान, प्रबोधिनी और देवउठान एकादशी भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु चार महीने की योगनिद्रा से जागते हैं। इसके साथ ही चातुर्मास समाप्त होता है और मांगलिक कार्यों की शुरुआत मानी जाती है।

देवउठनी एकादशी 19 या 20 नवंबर, सही तारीख क्या है?

पंचांग गणना के अनुसार, कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 20 नवंबर 2026 को सुबह लगभग 7:16 बजे शुरू होगी और 21 नवंबर को सुबह लगभग 6:32 बजे समाप्त होगी। स्मार्त परंपरा के अनुसार गृहस्थ श्रद्धालु 20 नवंबर, शुक्रवार को एकादशी का व्रत रखेंगे।

वहीं, वैष्णव परंपरा में गौण एकादशी का व्रत 21 नवंबर, शनिवार को रखा जाएगा। इसलिए 19 और 20 नवंबर की तारीख को लेकर भ्रम होने पर यह समझना जरूरी है कि मुख्य स्मार्त व्रत 20 नवंबर को है, जबकि कुछ वैष्णव अनुयायी 21 नवंबर को व्रत रखेंगे।

देवउठनी एकादशी 2026 तिथि और पारण का समय

  • एकादशी तिथि शुरू: 20 नवंबर 2026, सुबह लगभग 7:16 बजे
  • एकादशी तिथि समाप्त: 21 नवंबर 2026, सुबह लगभग 6:32 बजे
  • मुख्य व्रत: शुक्रवार, 20 नवंबर 2026
  • स्मार्त व्रत का पारण: शनिवार, 21 नवंबर 2026
  • वैष्णव गौण एकादशी: शनिवार, 21 नवंबर 2026

भोपाल के लिए उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार, 20 नवंबर का व्रत रखने वालों के पारण का समय 21 नवंबर को दोपहर लगभग 1:11 बजे से 3:22 बजे तक बताया गया है। अलग-अलग पंचांग और स्थानीय गणना में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है।

भगवान विष्णु की योगनिद्रा से जुड़ी है मान्यता

हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आषाढ़ शुक्ल एकादशी यानी देवशयनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु योगनिद्रा में चले जाते हैं। इसके बाद चार महीने तक चातुर्मास रहता है। कार्तिक शुक्ल एकादशी पर भगवान विष्णु के जागने की मान्यता है। इसी वजह से इस दिन को देवउठनी एकादशी कहा जाता है।

देवउठनी एकादशी के साथ चातुर्मास समाप्त होता है। इसके बाद विवाह, गृह प्रवेश और दूसरे मांगलिक कार्यों की शुरुआत का समय माना जाता है।

देवउठनी एकादशी पर कैसे करें पूजा?

इस दिन श्रद्धालु सुबह स्नान करके भगवान विष्णु की पूजा और व्रत का संकल्प लेते हैं। पूजा में तुलसी दल, फल, फूल, दीपक और नैवेद्य अर्पित किया जाता है। कई स्थानों पर भगवान विष्णु को योगनिद्रा से जगाने की परंपरा भी निभाई जाती है।

  • सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • भगवान विष्णु के सामने व्रत का संकल्प लें।
  • भगवान विष्णु को फूल, फल और तुलसी दल अर्पित करें।
  • विष्णु मंत्र का जाप और एकादशी व्रत कथा का पाठ करें।
  • शाम को दीपक जलाकर भगवान विष्णु की आरती करें।
  • अगले दिन द्वादशी तिथि में निर्धारित समय पर पारण करें।

देवउठनी एकादशी पर तुलसी विवाह का महत्व

देवउठनी एकादशी के आसपास तुलसी विवाह की परंपरा भी निभाई जाती है। कई क्षेत्रों में कार्तिक शुक्ल द्वादशी को तुलसी विवाह किया जाता है। वर्ष 2026 में यह तिथि 21 नवंबर, शनिवार को पड़ रही है। इस दिन तुलसी माता और भगवान शालिग्राम के विवाह का आयोजन किया जाता है।

तुलसी विवाह के साथ ही कई परिवारों में विवाह और अन्य शुभ कार्यों की शुरुआत की जाती है। हालांकि, पूजा की परंपरा और आयोजन का दिन स्थानीय पंचांग तथा परिवार की मान्यता के अनुसार अलग हो सकता है।

देवउठनी एकादशी 2026 से जुड़े सवाल-जवाब

देवउठनी एकादशी 2026 में कब है?

स्मार्त परंपरा के अनुसार देवउठनी एकादशी का मुख्य व्रत 20 नवंबर 2026, शुक्रवार को रखा जाएगा।

क्या 19 नवंबर को भी देवउठनी एकादशी है?

नहीं। 2026 में मुख्य स्मार्त व्रत 20 नवंबर को है। वैष्णव परंपरा में गौण एकादशी 21 नवंबर को मनाई जाएगी।

देवउठनी एकादशी का पारण कब होगा?

20 नवंबर को व्रत रखने वाले श्रद्धालु 21 नवंबर को द्वादशी तिथि में निर्धारित पारण समय पर व्रत खोलेंगे।

देवउठनी एकादशी को दूसरा नाम क्या है?

इसे देवोत्थान एकादशी, प्रबोधिनी एकादशी और देवउठान एकादशी भी कहा जाता है।

तुलसी विवाह 2026 में कब है?

उपलब्ध पंचांग के अनुसार, तुलसी विवाह 21 नवंबर 2026 को किया जाएगा।

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द सिटी एक्सप्रेस न्यूज़ डेस्क
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