नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना को नया प्रमुख मिल गया है। एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने 31 अक्टूबर 2026 को वायुसेना के 29वें प्रमुख के रूप में कार्यभार संभाल लिया। उन्होंने एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह का स्थान लिया है, जो 42 साल की विशिष्ट सैन्य सेवा पूरी करने के बाद सेवानिवृत्त हुए।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, आशुतोष दीक्षित इससे पहले वायुसेना के उप प्रमुख (Vice Chief of the Air Staff) के पद पर कार्यरत थे। वह ऑपरेशनल प्लानिंग, फ्लाइट टेस्टिंग, सैन्य क्षमता विकास और तीनों सेनाओं के बीच समन्वय जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में काम कर चुके हैं।
कारगिल से ऑपरेशन सिंदूर तक, इन अभियानों का रहा अनुभव
एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित का करीब चार दशक का सैन्य करियर रहा है। इस दौरान वह कई महत्वपूर्ण सैन्य अभियानों और अभ्यासों से जुड़े रहे हैं। उनके अनुभव में तीन प्रमुख ऑपरेशन शामिल हैं।
- ऑपरेशन सफेद सागर: 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय वायुसेना के इस अभियान में उनकी भूमिका रही।
- ऑपरेशन रक्षक: जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों से जुड़े रहे।
- ऑपरेशन सिंदूर: पाकिस्तान के खिलाफ चलाए गए इस सैन्य अभियान के दौरान भी उन्होंने महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई। उस समय वह चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (CISC) के पद पर थे।
3,500 घंटे से ज्यादा विमान उड़ाने का अनुभव
आशुतोष दीक्षित एक अनुभवी फाइटर पायलट, क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर और एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट हैं। उनके पास अलग-अलग श्रेणियों के विमानों को उड़ाने का 3,500 घंटे से अधिक का अनुभव है।
उन्होंने मिराज-2000, मिग के विभिन्न संस्करणों, जगुआर, किरण, IL-78, हॉक और तेजस जैसे विमानों को उड़ाया है। विमान परीक्षण और उड़ान प्रशिक्षण के क्षेत्र में भी उन्हें व्यापक अनुभव हासिल है।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, उन्होंने 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन प्राप्त किया था। वह नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA), बांग्लादेश के डिफेंस सर्विसेज कमांड एंड स्टाफ कॉलेज और नेशनल डिफेंस कॉलेज के पूर्व छात्र हैं।
इन महत्वपूर्ण पदों पर कर चुके हैं काम
वायुसेना में अपने लंबे करियर के दौरान आशुतोष दीक्षित ने कई महत्वपूर्ण कमांड और स्टाफ पदों पर जिम्मेदारी संभाली है। वायुसेना प्रमुख बनने से पहले उनके प्रमुख पदों में शामिल हैं:
- चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (CISC): चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष के अधीन इस महत्वपूर्ण पद पर काम किया।
- एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ: सेंट्रल एयर कमांड की कमान संभाली।
- डिप्टी चीफ ऑफ एयर स्टाफ: वायुसेना मुख्यालय में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई।
- नंबर-9 स्क्वाड्रन: मिराज-2000 विमानों से लैस वायुसेना की नंबर-9 स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर रहे।
- फाइटर एयरबेस कमांड: पश्चिमी सेक्टर में फ्रंटलाइन फाइटर एयरबेस और दक्षिणी सेक्टर में फाइटर ट्रेनिंग बेस की कमान संभाली।
इसके अलावा उन्होंने एयर फोर्स टेस्ट पायलट स्कूल में डायरेक्टिंग स्टाफ और वायुसेना मुख्यालय में एयर स्टाफ रिक्वायरमेंट से संबंधित महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां भी निभाई हैं।
इन सैन्य सम्मानों से हो चुके हैं सम्मानित
देश के प्रति विशिष्ट सेवाओं और सैन्य योगदान के लिए आशुतोष दीक्षित को कई प्रतिष्ठित सैन्य सम्मान मिले हैं। इनमें शामिल हैं:
- वायु सेना मेडल (VM): 2006
- विशिष्ट सेवा मेडल (VSM): 2011
- अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM): 2023
- परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM): 2026
अमर प्रीत सिंह के बाद संभाली जिम्मेदारी
एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने 31 अक्टूबर 2026 को अपना कार्यकाल पूरा किया। वह करीब 42 साल तक भारतीय वायुसेना में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाने के बाद सेवानिवृत्त हुए। इसके बाद आशुतोष दीक्षित ने वायुसेना की कमान संभाली।
नए वायुसेना प्रमुख के सामने भारतीय वायुसेना की ऑपरेशनल क्षमता को मजबूत करने, आधुनिक तकनीक और स्वदेशी रक्षा उपकरणों को बढ़ावा देने तथा तीनों सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय बनाने जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां रहेंगी।
