राजस्थान के सीकर जिले में स्थित खाटू धाम में भी इस अवसर पर कार्तिक मेले का आयोजन होगा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में अगर आप बाबा के दर्शन की योजना बना रहे हैं, तो जन्मोत्सव की तारीख और मेले की जानकारी पहले से जान लें।
Khatu Shyam Ji Ka Birthday Kab Hai: नवंबर में किस तारीख को मनाया जाएगा जन्मदिन? जाने अपडेट

मुख्य बिंदुQuick Read
- खाटू श्याम जी का जन्मोत्सव 20 नवंबर 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा।
- यह दिन कार्तिक शुक्ल एकादशी यानी देवउठनी एकादशी है।
- श्याम भक्त इस तिथि को बाबा का प्राकट्य दिवस मानते हैं।
- खाटू में 18 से 20 नवंबर तक कार्तिक मेले का आयोजन बताया गया है।
- मुख्य दिन बाबा को विशेष श्रृंगार और छप्पन भोग अर्पित करने की परंपरा है।
खाटू श्याम जी का जन्मदिन 2026 में कब है?
पारंपरिक श्याम भक्तों की मान्यता के अनुसार, खाटू श्याम जी का जन्मोत्सव हर साल कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाया जाता है। इसे देवउठनी एकादशी और बाबा का प्राकट्य दिवस भी कहा जाता है।
- जन्मोत्सव की तारीख: 20 नवंबर 2026, शुक्रवार
- तिथि: कार्तिक शुक्ल एकादशी
- पर्व: देवउठनी एकादशी
- स्थान: खाटू श्याम मंदिर, खाटूश्यामजी, सीकर, राजस्थान
- कार्तिक मेले की अवधि: 18 से 20 नवंबर 2026
ध्यान दें कि यहां जन्मदिन से आशय बाबा के प्राकट्य दिवस से है। यह भगवान श्रीकृष्ण के जन्मदिन यानी जन्माष्टमी से अलग पर्व है।
देवउठनी एकादशी को क्यों मनाया जाता है बाबा का जन्मोत्सव?
श्याम भक्तों की धार्मिक मान्यता के अनुसार, कार्तिक शुक्ल एकादशी को बाबा खाटू श्याम जी का प्राकट्य दिवस माना जाता है। इसी कारण इस दिन उनका जन्मोत्सव मनाया जाता है। श्रद्धालु बाबा को हारे का सहारा और शीश के दानी के नाम से भी पुकारते हैं।
धार्मिक कथाओं में खाटू श्याम जी को महाभारत के वीर बर्बरीक से जोड़ा जाता है। मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने बर्बरीक के बलिदान से प्रसन्न होकर उन्हें कलियुग में श्याम नाम से पूजे जाने का वरदान दिया था। इसी आस्था के साथ भक्त बाबा की पूजा करते हैं।
खाटू श्याम जन्मोत्सव पर क्या होंगे विशेष आयोजन?
जन्मोत्सव के अवसर पर खाटू धाम में बाबा का विशेष श्रृंगार किया जाता है। भक्तों की ओर से फूल, इत्र और प्रसाद अर्पित करने की परंपरा है। कई धार्मिक आयोजनों में छप्पन भोग भी लगाया जाता है।
इस अवसर पर भजन-कीर्तन, जागरण और निशान यात्रा जैसे आयोजन भी होते हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए खाटू पहुंचते हैं। मंदिर की ओर से आरती और दर्शन की विशेष व्यवस्था की जा सकती है। इसके लिए यात्रा से पहले मंदिर की आधिकारिक सूचना देखना जरूरी है।
खाटू श्याम कार्तिक मेला 2026 कब से कब तक है?
खाटू धाम में कार्तिक मेले की अवधि 18 से 20 नवंबर 2026 बताई गई है। मुख्य पर्व 20 नवंबर को देवउठनी एकादशी के दिन होगा। इस दौरान खाटू में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ सकती है।
मेले के दौरान भक्त निशान लेकर बाबा के दरबार में पहुंचते हैं। रींगस से खाटू तक पैदल यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की भी बड़ी संख्या रहती है। यात्रा पर जाने वाले लोगों को भीड़, मौसम, ठहरने और यातायात की जानकारी पहले से जुटा लेनी चाहिए।
बाबा खाटू श्याम की पूजा कैसे करें?
जो श्रद्धालु जन्मोत्सव पर घर में पूजा करना चाहते हैं, वे अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार बाबा श्याम की आराधना कर सकते हैं। सामान्य रूप से पूजा में ये कार्य किए जाते हैं:
- सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- पूजा स्थल पर बाबा खाटू श्याम की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करें।
- फूल, फल, मिठाई और प्रसाद अर्पित करें।
- बाबा के सामने दीपक जलाकर भजन और कीर्तन करें।
- श्रद्धा के साथ श्याम मंत्र का जाप करें।
- पूजा के बाद प्रसाद वितरित करें।
खाटू श्याम जन्मोत्सव और कृष्ण जन्माष्टमी में क्या अंतर है?
कई भक्तों के मन में सवाल रहता है कि खाटू श्याम जी का जन्मदिन जन्माष्टमी पर मनाया जाता है या देवउठनी एकादशी पर। दोनों पर्व अलग-अलग हैं। जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की तिथि है, जबकि कार्तिक शुक्ल एकादशी को श्याम भक्त बाबा खाटू श्याम का प्राकट्य दिवस मानते हैं।
खाटू मंदिर में दोनों अवसरों पर धार्मिक आयोजन हो सकते हैं, लेकिन बाबा का मुख्य जन्मोत्सव देवउठनी एकादशी को मनाया जाता है।
खाटू श्याम जन्मोत्सव 2026 से जुड़े सवाल-जवाब
खाटू श्याम जी का जन्मदिन 2026 में कब है?
खाटू श्याम जी का जन्मोत्सव 20 नवंबर 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा।
बाबा खाटू श्याम का जन्मदिन किस तिथि को आता है?
श्याम भक्तों की परंपरा के अनुसार, बाबा का जन्मोत्सव कार्तिक शुक्ल एकादशी यानी देवउठनी एकादशी को मनाया जाता है।
खाटू श्याम कार्तिक मेला 2026 कब लगेगा?
उपलब्ध मेले के कैलेंडर के अनुसार, कार्तिक मेला 18 से 20 नवंबर 2026 तक आयोजित होगा।
क्या खाटू श्याम जी का जन्मदिन और कृष्ण जन्माष्टमी एक ही है?
नहीं। जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव है, जबकि देवउठनी एकादशी को बाबा खाटू श्याम का प्राकट्य दिवस माना जाता है।