✍️ विशेष संवाददाता•Published On 22nd Aug, 2026 @ 2:25 AM
Updated On 22nd Aug, 2026 @ 2:28 AM
मध्य प्रदेश में मानसून फिर से पूरी तरह सक्रिय है। मौसम विभाग ने 22 अगस्त को पूर्वी मध्य प्रदेश में बहुत भारी बारिश और 23 से 25 अगस्त तक भारी बारिश की चेतावनी दी है। रीवा, सतना, पन्ना, सीधी, सिंगरौली, डिंडौरी समेत कई जिले पहले ही भारी बारिश और बाढ़ जैसे हालात से प्रभावित हैं, इसलिए अगले चार दिनों में नदी-नालों और निचले इलाकों पर विशेष नजर रहेगी।
🌪️
️ मौसम एवं पर्यावरण चेतावनी (Emergency Weather Alert)
चेतावनी स्तर (Alert Level)
🟠 ऑरेंज अलर्ट (Orange Alert - तैयार रहें)
प्रभावित क्षेत्र (Affected Region)
East Madhya Pradesh, West Madhya Pradesh, Rewa, Satna, Panna, Sidhi, Singrauli, Dindori, Chhatarpur, Shahdol, Jabalpur
वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI Level)
Heavy to Very Heavy Rain / 24°C–30°C
MP Weather Today 22 August 2026: मध्य प्रदेश में बारिश का दौर अभी थमने वाला नहीं है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सक्रिय मौसम प्रणाली के कारण एक बार फिर भारी से बहुत भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 22 अगस्त के अपडेट के अनुसार पूर्वी मध्य प्रदेश में आज Very Heavy Rain की चेतावनी है, जबकि 23, 24 और 25 अगस्त को भी भारी बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।
इसका असर खास तौर पर उन इलाकों में ज्यादा दिखाई दे सकता है, जहां पिछले दिनों लगातार बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं और कई जगह बाढ़ जैसे हालात बने हैं। रीवा, सतना, पन्ना, डिंडौरी, छतरपुर और आसपास के जिलों में प्रशासन पहले ही राहत और बचाव कार्यों में जुटा है।
MP Weather Today: 22 अगस्त को कहां सबसे ज्यादा बारिश?
मौसम विभाग के अनुसार 22 अगस्त को पूर्वी मध्य प्रदेश में बहुत भारी बारिश की संभावना है। इसके बाद 23 से 25 अगस्त तक भी भारी बारिश का दौर बना रह सकता है। पश्चिमी मध्य प्रदेश के लिए भी 22 से 25 अगस्त तक भारी बारिश की चेतावनी जारी है।
पूर्वी मध्य प्रदेश में सक्रिय कम दबाव के क्षेत्र और मानसून ट्रफ की स्थिति बारिश को बढ़ावा दे रही है। IMD के अनुसार पूर्वी मध्य प्रदेश में 21 और 22 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश की गतिविधि प्रमुख रहने की संभावना है।
इन जिलों में बारिश का ज्यादा असर
22 अगस्त को भारी बारिश की चेतावनी वाले जिलों में निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सीधी, सिंगरौली, सागर, दमोह, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट शामिल हैं। इसके अलावा रीवा, सतना, मऊगंज, मैहर, डिंडौरी, मंडला, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर समेत कई जिलों में भी बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।
जिले के स्तर पर बारिश की तीव्रता अलग-अलग हो सकती है। इसलिए किसी जिले के पूरे क्षेत्र में एक जैसी बारिश होने की उम्मीद नहीं की जानी चाहिए।
22 से 25 अगस्त तक कैसा रहेगा MP का मौसम?
| तारीख |
मौसम की स्थिति |
मुख्य चेतावनी |
| 22 अगस्त |
भारी से बहुत भारी बारिश |
पूर्वी MP में Very Heavy Rain, कई इलाकों में Heavy Rain |
| 23 अगस्त |
बारिश जारी |
पूर्वी और पश्चिमी MP में Heavy Rain |
| 24 अगस्त |
बारिश का दौर |
कई हिस्सों में Heavy Rain की संभावना |
| 25 अगस्त |
बारिश जारी रहने की संभावना |
पूर्वी और पश्चिमी MP में Heavy Rain |
नोट: यह जिला-स्तरीय मौसम पूर्वानुमान का सार है। स्थानीय स्तर पर बारिश की मात्रा और समय में अंतर हो सकता है। मौसम विभाग के नए अपडेट के साथ चेतावनी में बदलाव संभव है।
बाढ़ जैसे हालात के बीच फिर भारी बारिश क्यों चिंता बढ़ा रही?
मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में पिछले दिनों हुई भारी बारिश से कई जिलों में नदी-नाले उफान पर आ गए थे। रीवा, सतना, पन्ना, डिंडौरी और छतरपुर में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति की रिपोर्ट सामने आई है।
रीवा में बाढ़ प्रभावित इलाकों से बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। जिला प्रशासन की जानकारी के अनुसार हजारों लोगों को सुरक्षित निकाला गया और राहत शिविरों में ठहराया गया।
ऐसे में यदि अगले कुछ दिनों में फिर भारी बारिश होती है तो पहले से जलभराव वाले इलाकों में स्थिति दोबारा बिगड़ सकती है। खासकर नदी किनारे बसे गांवों, निचले इलाकों और कमजोर पुल-पुलियों पर अतिरिक्त सावधानी जरूरी होगी।
रीवा, सतना और पन्ना में क्या स्थिति?
रीवा: जिले में पिछले दिनों भारी बारिश के बाद बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान चलाया गया। कई गांवों में पानी पहुंचने के कारण लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाना पड़ा।
सतना: बारिश के कारण कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी है। जिले में 22 अगस्त को भी बारिश की गतिविधि जारी रहने की संभावना है।
पन्ना: जिले में भारी बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने और निचले इलाकों में पानी जमा होने का खतरा बना हुआ है।
इन जिलों के अलावा सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल और उमरिया में भी बारिश के अगले दौर पर नजर रहेगी।
नदियां और नाले उफान पर, इन जगहों पर सबसे ज्यादा सावधानी
भारी बारिश के दौरान छोटी नदियां और नाले भी तेजी से उफान पर आ सकते हैं। ऐसे में पानी से भरी पुलिया या रपटे को पार करना बेहद जोखिम भरा हो सकता है। पानी की गहराई कम दिखाई देने पर भी तेज बहाव वाहन या व्यक्ति को बहा सकता है।
प्रशासन की ओर से लोगों को नदी-नालों और जलभराव वाले रास्तों से दूर रहने की सलाह दी जाती है। विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को ऐसे स्थानों पर जाने से रोकना जरूरी है।
क्या 25 अगस्त तक बारिश से राहत मिलेगी?
फिलहाल पूरी तरह राहत मिलने के संकेत नहीं हैं। IMD की 22 अगस्त की चेतावनी के अनुसार पूर्वी मध्य प्रदेश में 23 से 25 अगस्त तक भी Heavy Rain की संभावना बनी हुई है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी 22 से 25 अगस्त तक भारी बारिश की चेतावनी है।
इसका मतलब यह नहीं है कि हर जिले में लगातार चार दिन मूसलाधार बारिश होगी। बारिश की तीव्रता और अवधि अलग-अलग स्थानों पर अलग रह सकती है। लेकिन अगले चार दिनों तक प्रदेश में मानसूनी गतिविधि सक्रिय रहने की संभावना है।
MP में बारिश का सिस्टम क्यों एक्टिव है?
मौसम विभाग के अनुसार पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्र में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। मानसून ट्रफ भी सक्रिय है। इन मौसम प्रणालियों के प्रभाव से मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बारिश की गतिविधियां मजबूत हुई हैं।
21 अगस्त को जारी IMD के बुलेटिन में पूर्वी मध्य प्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान बहुत भारी बारिश दर्ज होने की जानकारी भी दी गई थी। कुछ स्थानों पर 12 से 20 सेंटीमीटर तक बारिश रिकॉर्ड की गई।
MP में बारिश का आंकड़ा अभी सामान्य से कम
दिलचस्प बात यह है कि बाढ़ जैसे हालात के बावजूद पूरे प्रदेश का मौसमी बारिश आंकड़ा अभी सामान्य से नीचे है। 21 अगस्त तक उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार मध्य प्रदेश में करीब 599 मिमी यानी 23.6 इंच बारिश हुई थी, जबकि इस अवधि की सामान्य बारिश करीब 675.1 मिमी यानी 26.6 इंच है। यानी प्रदेश में कुल बारिश सामान्य से लगभग 11 प्रतिशत कम थी।
इससे स्पष्ट है कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का वितरण एक जैसा नहीं रहा है। कुछ जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई, जबकि कई जिलों में अभी भी बारिश की कमी दर्ज की गई है।
किसानों के लिए क्या मायने रखता है?
अगले कुछ दिनों में बारिश जारी रहने से खरीफ फसलों को कई इलाकों में फायदा मिल सकता है, लेकिन लगातार अत्यधिक बारिश खेतों में जलभराव की समस्या भी पैदा कर सकती है। निचले खेतों में पानी की निकासी और फसल की स्थिति पर नजर रखना जरूरी है।
किसानों को स्थानीय कृषि विभाग और मौसम विभाग की सलाह के अनुसार ही खेतों में जरूरी गतिविधियां करने की सलाह दी जाती है।
बारिश और बिजली गिरने के दौरान क्या सावधानी रखें?
- तेज बारिश के दौरान नदी, नाले और रपटे पार करने की कोशिश न करें।
- जलभराव वाली सड़क पर वाहन चलाते समय विशेष सावधानी रखें।
- गरज-चमक के दौरान खुले मैदान में खड़े होने से बचें।
- पेड़, बिजली के खंभे और कमजोर संरचनाओं से दूरी बनाए रखें।
- बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की सलाह के बिना वापस न लौटें।
- मौसम खराब होने पर गैर-जरूरी यात्रा टालना बेहतर है।
MP Weather Alert: 22 अगस्त को क्या करें?
आज पूर्वी मध्य प्रदेश में बहुत भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। यदि आपके क्षेत्र में पहले से जलभराव या बाढ़ की स्थिति है तो नदी-नालों के आसपास जाने से बचें। जरूरी यात्रा से पहले स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग के ताजा अपडेट जरूर देखें।
विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों में पुलिया, रपटा और छोटे नालों के ऊपर से पानी बहने की स्थिति में रास्ता पार करने का जोखिम न लें।
MP Weather 22-25 August: एक नजर में
| बिंदु |
ताजा स्थिति |
| 22 अगस्त |
पूर्वी MP में Very Heavy Rain, कई हिस्सों में Heavy Rain |
| 23 अगस्त |
Heavy Rain की संभावना |
| 24 अगस्त |
Heavy Rain की संभावना |
| 25 अगस्त |
Heavy Rain की संभावना |
| सबसे सक्रिय क्षेत्र |
पूर्वी मध्य प्रदेश |
| प्रमुख प्रभावित क्षेत्र |
रीवा, सतना, पन्ना, सीधी, सिंगरौली, डिंडौरी, छतरपुर समेत कई जिले |
| मुख्य खतरा |
जलभराव, नदी-नालों का बढ़ता जलस्तर और स्थानीय बाढ़ |
MP Weather Today FAQ
22 अगस्त को मध्य प्रदेश में बारिश होगी?
हां। IMD के अनुसार 22 अगस्त को पूर्वी मध्य प्रदेश में बहुत भारी बारिश की संभावना है, जबकि कई अन्य हिस्सों में भी भारी बारिश हो सकती है।
MP में भारी बारिश का अलर्ट कब तक है?
पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश के लिए 22 से 25 अगस्त तक बारिश की चेतावनी जारी है। पूर्वी MP में 22 अगस्त को Very Heavy Rain की चेतावनी है।
मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश कहां हो सकती है?
22 अगस्त को पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधि सबसे ज्यादा सक्रिय रहने की संभावना है। रीवा संभाग, शहडोल और जबलपुर संभाग के कई हिस्सों पर विशेष नजर रहेगी।
क्या MP में फिर बाढ़ आ सकती है?
जिन इलाकों में पहले से जलभराव या बाढ़ की स्थिति है, वहां नई भारी बारिश से जोखिम बढ़ सकता है। हालांकि किसी पूरे जिले में बाढ़ आने की निश्चित भविष्यवाणी नहीं की जा सकती।
रीवा और सतना में 22 अगस्त को बारिश होगी?
दोनों जिलों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश के लिए जारी चेतावनी को देखते हुए स्थानीय स्तर पर भारी बारिश के दौर से इनकार नहीं किया जा सकता।
25 अगस्त के बाद मौसम साफ होगा?
IMD की 22 अगस्त की warning में 26 अगस्त तक पूर्वी मध्य प्रदेश के लिए Heavy Rain का उल्लेख है, जबकि 27 अगस्त से warning में कमी दिखाई गई है। नया पूर्वानुमान आने पर स्थिति बदल सकती है।