✍️ आदित्य तिवारी की रिपोर्ट•Published On 20th Aug, 2026 @ 11:23 AM
बुधवार दोपहर से शुरू हुई अनवरत मूसलाधार बारिश ने खोली नगर निगम के दावों की पोल; अरुण नगर, बोदाबाग, उपरहटी और बैकुंठपुर के दर्जनों मोहल्लों में भारी जलभराव, रातभर पानी निकालते रहे लोग।
TCE रीवा न्यूज डेस्क। मध्य प्रदेश के रीवा जिले में बुधवार दोपहर से शुरू हुआ मूसलाधार बारिश का दौर गुरुवार को शहरवासियों के लिए भारी आफत बन गया। लगातार हो रही तेज बारिश के कारण रीवा शहर के कई प्रमुख रिहायशी इलाकों और मुख्य सड़कों पर बाढ़ जैसे हालात निर्मित हो गए हैं। सड़कों पर 2 से 3 फीट तक पानी जमा हो जाने से मार्ग पूरी तरह तालाब में तब्दील हो गए, जिससे यातायात ठप हो गया। शहर के निचले इलाकों, बस्तियों और कॉलोनियों में नालियों के अभाव व चोक होने के कारण बारिश का गंदा पानी सैकड़ों घरों और दुकानों के भीतर तक घुस गया, जिसके चलते लोगों को पूरी रात जागकर पानी निकालने और सामान बचाने की जद्दोजहद करनी पड़ी।
सड़कें डूबीं, वार्डों में तालाब जैसा मंजर
शहर के उपरहटी और तरहटी क्षेत्र में मुख्य मार्गों पर जलभराव के चलते राहगीरों और वाहन चालकों की आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई। संजय नगर और नगर निगम के वार्ड क्रमांक 15 में भी स्थिति गंभीर बनी रही।
वहीं वार्ड क्रमांक 9 में इंजीनियरिंग कॉलेज के पीछे स्थित विभीषण नगर और पांडे किराना स्टोर के आसपास की सड़कें घंटों तक पानी में डूबी रहीं। इसके अलावा निराला नगर हॉस्टल, नीम चौराहा, बोदाबाग, समान बांध मोहल्ला और लाखोरीबाग के निचले हिस्सों में जल निकासी अवरुद्ध होने से नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
शिल्पी उपवन में नाली नहीं होने से घुसा 3 फीट पानी
अरुण नगर अनंतपुर स्थित शिल्पी उपवन कॉलोनी के दक्षिणी हिस्से में हालात सर्वाधिक विकराल नजर आए। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कॉलोनी में उचित ड्रेनेज और नाली का निर्माण न होने के कारण मुख्य मार्ग पर लगभग 2 से 3 फीट तक पानी भर गया। देखते ही देखते यह पानी कई मकानों के कमरों में घुस गया।
स्थानीय रहवासी रविशंकर कुशवाहा ने बताया कि नाली न होने से घरों के अंदर तक पानी भर गया और पूरे परिवार को रातभर बाल्टियों के सहारे पानी बाहर फेंकना पड़ा। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नाली निर्माण को लेकर नगर निगम प्रशासन को कई बार लिखित आवेदन दिए गए, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया।
'हर साल यही परेशानी': कागजी साबित हुए प्री-मानसून सफाई के दावे
स्थानीय नागरिकों में नगर निगम की लचर कार्यप्रणाली को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है:
- बोदाबाग निवासी जीतेन्द्र गुप्ता ने कहा कि हल्की बारिश में भी सड़कें डूब जाती हैं। यदि बारिश से पहले नालों और नालियों की तली-झाड़ सफाई कराई गई होती, तो यह नौबत नहीं आती।
- लाखोरीबाग निवासी प्रतीक शुक्ला ने आक्रोश जताते हुए कहा कि हर साल बारिश से पहले निगम प्रशासन बड़े-बड़े दावे करता है, लेकिन पहली तेज बारिश में ही रीवा की सड़कें तालाब बन जाती हैं।
बैकुंठपुर में भी जनजीवन प्रभावित, बस्तियों में घुसा पानी
लगातार बारिश का असर केवल रीवा शहर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बैकुंठपुर कस्बे में भी जलभराव से हाहाकार मच गया। बैकुंठपुर के प्रमुख बारो चौराहा, शक्ति चौराहा, केपी तिराहा, झंडा चौक और हनुमान तिराहा पर सड़कें पूरी तरह जलमग्न हो गईं।
क्षेत्र की हरिजन बस्ती और आदिवासी बस्ती के निचले मकानों और दुकानों में बारिश का पानी घुसने से व्यापारियों का सामान खराब हो गया। लोग घरों से पानी उलीचते नजर आए।
निगमायुक्त बोले: टीमें तैनात, पानी निकासी का काम जारी
शहर में उपजे जलभराव संकट पर नगर निगम आयुक्त अक्षत जैन ने बताया कि शहर के जिन भी क्षेत्रों से जलभराव की सूचनाएं मिल रही हैं, वहां निगम की स्वास्थ्य और तकनीकी टीमों को तत्काल रवाना किया जा रहा है। सक्शन मशीनों और पंपों के जरिए पानी निकालने की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि सभी निचले और संवेदनशील इलाकों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि नागरिकों को राहत पहुंचाई जा सके।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. रीवा में भारी बारिश के कारण कौन-कौन से इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं?
अरुण नगर (शिल्पी उपवन), बोदाबाग, निराला नगर, उपरहटी, तरहटी, संजय नगर, लाखोरीबाग, नीम चौराहा और बैकुंठपुर कस्बा सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।
2. अरुण नगर अनंतपुर में जलभराव का मुख्य कारण क्या रहा?
स्थानीय रहवासियों के अनुसार, कॉलोनी में नाली निर्माण न होने और ड्रेनेज सिस्टम के अभाव के कारण 2 से 3 फीट पानी सड़क और घरों में घुस गया।
3. जलभराव से राहत के लिए नगर निगम प्रशासन क्या कदम उठा रहा है?
नगर निगम आयुक्त अक्षत जैन के अनुसार, प्रभावित इलाकों में निगम की टीमों और पंपिंग मशीनों को लगाकर तेजी से पानी निकासी कराई जा रही है।
4. क्या बैकुंठपुर क्षेत्र में भी दुकानों और मकानों में पानी घुसा है?
हां, बैकुंठपुर के बारो चौराहा, शक्ति चौराहा, हरिजन व आदिवासी बस्ती में दुकानों और मकानों के भीतर जलभराव की स्थिति बनी।