✍️ विशेष संवाददाता•Published On 22nd Aug, 2026 @ 12:30 AM
Updated On 22nd Aug, 2026 @ 12:31 AM
दिल्ली के जंतर-मंतर पर शुक्रवार को जाति आधारित आरक्षण और UGC से जुड़े मुद्दों के विरोध में बड़ी संख्या में लोग जुटे। दिल्ली पुलिस और RAF ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को हटाया और कई लोगों को हिरासत में लिया।
Jantar Mantar Reservation Protest Latest News: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर शुक्रवार को आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की मांग को लेकर बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। ‘रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन’ के आह्वान पर अलग-अलग जगहों से पहुंचे लोगों ने जाति आधारित आरक्षण व्यवस्था का विरोध करते हुए इसमें बदलाव और आर्थिक आधार को अधिक महत्व देने की मांग उठाई।
भीड़ बढ़ने के बाद जंतर-मंतर और आसपास के इलाके में दिल्ली पुलिस के साथ रैपिड एक्शन फोर्स यानी RAF की तैनाती की गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को मौके से हटाने की कार्रवाई की और कई लोगों को हिरासत में लिया गया।
जंतर-मंतर पर क्यों जुटे प्रदर्शनकारी?
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सरकारी सहायता और आरक्षण से जुड़े लाभों की व्यवस्था की समीक्षा की जानी चाहिए। आंदोलन से जुड़े लोगों ने आर्थिक स्थिति को भी आधार बनाने, क्रीमी लेयर से जुड़े प्रावधानों में बदलाव और मौजूदा आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा की मांग उठाई। प्रदर्शन में शामिल कुछ संगठनों और लोगों ने UGC से जुड़े नए नियमों पर भी आपत्ति जताई।
RAF ने संभाला मोर्चा, प्रदर्शनकारियों को हटाया गया
शुक्रवार को जंतर-मंतर पर भीड़ बढ़ने के बाद दिल्ली पुलिस और RAF ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। मौके पर बैरिकेडिंग की गई और बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए।
ताजा रिपोर्टों के अनुसार पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाने की कार्रवाई शुरू की और कई लोगों को हिरासत में लिया गया। कुछ प्रदर्शनकारियों को बसों में बैठाकर मौके से ले जाए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
यह स्पष्ट नहीं किया गया कि हिरासत में लिए गए सभी लोगों की संख्या कितनी थी। देर रात तक इस संबंध में कोई विस्तृत आधिकारिक आंकड़ा सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया था।
दिल्ली पुलिस ने क्या कहा?
दिल्ली पुलिस पहले ही स्पष्ट कर चुकी थी कि 21 अगस्त को जंतर-मंतर पर इस प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी गई थी। पुलिस के मुताबिक नई दिल्ली जिले में लागू प्रतिबंधात्मक आदेशों के बीच बिना अनुमति सभा या प्रदर्शन की अनुमति नहीं थी।
इसी आधार पर पुलिस और सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने और उन्हें वहां से हटाने की कार्रवाई की। पुलिस का रुख था कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है।
प्रदर्शनकारी क्यों नहीं हटना चाहते थे?
आंदोलन से जुड़े कुछ लोगों का कहना था कि वे अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं। कुछ प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री को ज्ञापन देने की मांग भी उठाई। आयोजकों से जुड़े लोगों का दावा था कि आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से किया जा रहा था और उनकी मुख्य मांग आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की है।
हालांकि प्रदर्शनकारियों के शांतिपूर्ण होने के दावे और पुलिस की कार्रवाई के बीच अनुमति का मुद्दा सबसे बड़ा विवाद बना रहा। पुलिस के अनुसार जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की मंजूरी नहीं थी, जबकि प्रदर्शनकारी वहां अपनी मांगों को लेकर जमा हुए।
रात तक क्या रही जंतर-मंतर की स्थिति?
21 अगस्त की रात लगभग 10 बजे तक उपलब्ध ताजा रिपोर्टों के अनुसार, दिल्ली पुलिस और RAF की कार्रवाई के बाद कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया जा चुका था और जंतर-मंतर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी बनी हुई थी।
प्रदर्शन के दौरान भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस ने बैरिकेडिंग और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की मदद से स्थिति को नियंत्रित किया। देर रात तक उपलब्ध रिपोर्टों में किसी बड़े हिंसक टकराव या व्यापक नुकसान की पुष्टि नहीं हुई थी।
हालांकि सोशल मीडिया पर इस प्रदर्शन से जुड़े कई वीडियो और दावे सामने आए। ऐसे में किसी भी वीडियो या दावे को उसकी तारीख और आधिकारिक पुष्टि के बिना सही मानना उचित नहीं होगा।
‘आरक्षण हटाओ आंदोलन’ की मुख्य मांगें क्या रहीं?
- जाति आधारित आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा की मांग।
- आर्थिक स्थिति को सहायता और आरक्षण के लिए महत्वपूर्ण आधार बनाने की मांग।
- क्रीमी लेयर से जुड़े नियमों में बदलाव की मांग।
- आरक्षण का लाभ वास्तव में जरूरतमंद लोगों तक पहुंचने की व्यवस्था की समीक्षा की मांग।
- UGC से जुड़े कुछ नियमों और नीतिगत प्रावधानों पर आपत्ति।
आरक्षण पर बहस फिर क्यों तेज हुई?
भारत में आरक्षण व्यवस्था लंबे समय से सामाजिक और राजनीतिक बहस का विषय रही है। संविधान के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए अलग-अलग परिस्थितियों में आरक्षण की व्यवस्था की गई है। वहीं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग यानी EWS के लिए भी अलग प्रावधान मौजूद है।
जंतर-मंतर पर हुआ यह प्रदर्शन मौजूदा संवैधानिक व्यवस्था में तत्काल बदलाव का संकेत नहीं है। प्रदर्शनकारियों द्वारा उठाई गई मांगों को लागू करने के लिए संवैधानिक, कानूनी और नीतिगत प्रक्रियाओं की आवश्यकता होगी।
क्या जंतर-मंतर पर प्रदर्शन खत्म हो गया?
रात तक की उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार पुलिस और RAF की कार्रवाई के बाद प्रदर्शनकारियों को हटाया गया और कई लोगों को हिरासत में लिया गया। मौके पर सुरक्षा व्यवस्था बनी रही।
हालांकि आंदोलन के आयोजकों या उससे जुड़े समूहों की ओर से आगे के कार्यक्रम को लेकर कोई अंतिम और व्यापक आधिकारिक घोषणा देर रात तक स्पष्ट रूप से सामने नहीं आई थी। इसलिए अगले चरण या किसी नए प्रदर्शन की जानकारी के लिए आधिकारिक पुलिस और प्रशासनिक अपडेट महत्वपूर्ण होंगे।
Jantar Mantar Protest: अब तक क्या-क्या हुआ?
| घटनाक्रम |
स्थिति |
| प्रदर्शन |
जाति आधारित आरक्षण और UGC से जुड़े मुद्दों के विरोध में |
| स्थान |
जंतर-मंतर, नई दिल्ली |
| आंदोलन |
‘रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन’ के नाम से आह्वान |
| प्रमुख मांग |
आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा और आर्थिक आधार पर बदलाव की मांग |
| पुलिस का रुख |
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं होने की बात |
| सुरक्षा व्यवस्था |
दिल्ली पुलिस के साथ RAF और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात |
| कार्रवाई |
प्रदर्शनकारियों को हटाया गया, कई लोगों को हिरासत में लिया गया |
| रात तक स्थिति |
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, पुलिस की कार्रवाई के बाद स्थिति नियंत्रण में बताई गई |
क्या पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया?
ताजा रिपोर्टों में कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। हिरासत और औपचारिक गिरफ्तारी अलग कानूनी प्रक्रियाएं हैं। देर रात तक सभी लोगों के खिलाफ दर्ज मामलों या औपचारिक गिरफ्तारी की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई थी।
दिल्ली पुलिस की अगली कार्रवाई पर नजर
जंतर-मंतर पर हुए इस प्रदर्शन के बाद अब नजर दिल्ली पुलिस और प्रशासन के अगले आधिकारिक अपडेट पर रहेगी। हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या, किसी FIR या कानूनी कार्रवाई और आंदोलन के अगले कार्यक्रम को लेकर नई जानकारी सामने आ सकती है।
The City Express इस मामले में आधिकारिक और सत्यापित अपडेट मिलने पर खबर को अपडेट करेगा।