✍️ विशेष संवाददाता•Published On 19th Aug, 2026 @ 12:09 AM
Updated On 19th Aug, 2026 @ 12:18 AM
रानी तालाब मोहल्ले में गंदगी और भैंसों के तबेले के बीच अवैध रूप से संचालित हो रही थी फैक्ट्री; झारखंड से आए संचालक तैयार कर रहे थे मिलावटी मिठाइयां, सैंपल जांच के लिए भेजे गए।
TCE रीवा न्यूज डेस्क। रक्षाबंधन के आगामी पावन पर्व के मद्देनजर मिलावटखोरों के खिलाफ रीवा जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग ने कड़ा शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। शहर के रानी तालाब मोहल्ले में खाद्य विभाग की टीम ने औचक कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से चल रही एक नकली मिठाई फैक्ट्री पर छापा मारा। छापामार कार्रवाई के दौरान मौके से करीब 2 क्विंटल (200 किलोग्राम) मिलावटी व संदिग्ध मिठाई जब्त की गई है। प्रारंभिक जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि फैक्ट्री में असली मावा (खोया) के बजाय भारी मात्रा में मैदे का इस्तेमाल कर विभिन्न प्रकार की मिठाइयां तैयार की जा रही थीं, जिन्हें त्योहार के दौरान रीवा शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की दुकानों में खपाने की बड़ी साजिश थी।
गंदगी और भैंसों के तबेले के बीच बन रही थी मिठाई
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम जब रानी तालाब स्थित परिसर में पहुंची, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी दंग रह गए। जिस स्थान पर खाद्य सामग्री तैयार और स्टोर की जा रही थी, वहां स्वच्छता के मानकों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही थीं।
फैक्ट्री परिसर के ठीक बगल में कई भैंसें बंधी हुई थीं और वहीं पर उनकी धुलाई व गोबर का ढेर लगा हुआ था। दुर्गंध और मक्खियों के बीच खुले में मिठाइयां बनाई जा रही थीं, जो सीधे तौर पर नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ है। खाद्य सुरक्षा मानकों का घोर उल्लंघन पाए जाने पर टीम ने तत्काल निर्माण कार्य बंद कराया।
झारखंड से आए कारीगर चला रहे थे अवैध कारोबार
प्रारंभिक पूछताछ और जांच में सामने आया है कि इस अवैध फैक्ट्री का संचालन करने वाले मुख्य लोग झारखंड से आकर रीवा में किराए का परिसर लेकर मिठाई बनाने का नेटवर्क चला रहे थे। ये लोग कम लागत में मैदे और सस्ते केमिकल-फ्लेवर की मदद से पेड़ा, बर्फी और अन्य खोया आधारित मिठाइयां तैयार करते थे और फिर उन्हें स्थानीय मिठाई विक्रेताओं को औने-पौने दामों पर सप्लाई करते थे।
खाद्य विभाग अब उन सभी दुकानों और फुटकर विक्रेताओं की कुंडली खंगाल रहा है, जहां इस फैक्ट्री से मिठाई की नियमित आपूर्ति की जा रही थी।
घरेलू गैस सिलेंडरों का अवैध इस्तेमाल, सैंपल भेजे गए लैब
खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमरीश दुबे ने बताया कि मौके से लगभग 2 क्विंटल निर्मित और अर्ध-निर्मित मिठाइयां जब्त की गई हैं। परिसर में अत्यधिक गंदगी पाई गई और व्यावसायिक निर्माण के लिए नियमों के विरुद्ध घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का उपयोग किया जा रहा था।
अधिकारियों ने मौके पर मौजूद मिठाइयों और कच्चे माल के विधिक नमूने (सैंपल) एकत्र किए हैं, जिन्हें राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला (लैब) भेजा जा रहा है। खाद्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि लैब से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद दोषियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSSAI) तथा सुसंगत धाराओं के तहत कठोर वैधानिक व दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. रीवा में नकली मिठाई फैक्ट्री पर कार्रवाई कहां की गई है?
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने रीवा शहर के रानी तालाब मोहल्ले में स्थित अवैध मिठाई निर्माण इकाई पर छापा मारा।
2. छापे के दौरान कितनी मात्रा में मिठाई जब्त हुई है?
कार्रवाई के दौरान लगभग 2 क्विंटल (200 किलोग्राम) मिलावटी और संदिग्ध मिठाई जब्त की गई है।
3. मिठाई निर्माण में क्या अनियमितता पाई गई?
मावा की जगह मैदा मिलाकर मिठाइयां बनाई जा रही थीं, परिसर में अत्यधिक गंदगी थी, भैंसों के तबेले के पास निर्माण हो रहा था और घरेलू गैस सिलेंडर का इस्तेमाल पाया गया।
4. क्या आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है?
खाद्य विभाग ने मिठाइयों के सैंपल जांच के लिए लैब भेजे हैं और रिपोर्ट आने के बाद संचालकों के खिलाफ एफआईआर व वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।