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DUSU Election Result: ABVP ने जीते 3 पद, यश डबास अध्यक्ष; निर्दलीय दीपांशु शौकीन बने उपाध्यक्ष

DUSU Election Result 2026 में यश डबास, रिया छावड़ी, लक्ष्य राज सिंह और दीपांशु शौकीन
DUSU Election 2026 में ABVP के तीन उम्मीदवार जीते, जबकि निर्दलीय दीपांशु शौकीन उपाध्यक्ष बने।साभार: TCE

मुख्य बिंदुQuick Read

  • यश डबास ने अध्यक्ष पद पर 24,576 वोट हासिल किए।
  • दीपांशु शौकीन 30,615 वोट के साथ उपाध्यक्ष चुने गए।
  • रिया छावड़ी को 21,650 और लक्ष्य राज सिंह को 16,615 वोट मिले।
  • दिल्ली यूनिवर्सिटी के 91 कॉलेजों में से 52 कॉलेज और फैकल्टी DUSU के केंद्रीय चुनाव में सीधे हिस्सा लेते हैं।

नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव 2026 के नतीजे शनिवार, 19 सितंबर को घोषित कर दिए गए। चार केंद्रीय पदों में से तीन पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के उम्मीदवार विजयी रहे। यश डबास ने अध्यक्ष, रिया छावड़ी ने सचिव और लक्ष्य राज सिंह ने संयुक्त सचिव पद पर जीत दर्ज की। उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन विजयी रहे।

उपाध्यक्ष पद पर दीपांशु शौकीन को सबसे अधिक 30,615 वोट मिले। ABVP के ईशू मौर्य को 16,910 और NSUI के वीर चतरथ को 4,313 वोट मिले। शौकीन पहले NSUI से जुड़े रहे हैं। संगठन से टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था।

DUSU Election 2026 Result: ABVP ने 3 पद जीते, निर्दलीय दीपांशु शौकीन उपाध्यक्ष बने

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव 2026 के नतीजों में यश डबास ने अध्यक्ष, रिया छाबड़ी ने सचिव और लक्ष्य राज सिंह ने संयुक्त सचिव पद जीता, जबकि निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन उपाध्यक्ष निर्वाचित हुए। नीचे चारों केंद्रीय पदों के परिणाम और प्रमुख उम्मीदवारों के वोट दिए गए हैं।

अध्यक्ष पद पर यश डबास की जीत

अध्यक्ष पद पर ABVP के यश डबास ने NSUI के विजय शंकर मीना को हराया। डबास को 24,576 वोट मिले, जबकि मीना को 22,523 वोट मिले। दोनों उम्मीदवारों के बीच 2,053 वोट का अंतर रहा।

सचिव पद पर ABVP की रिया छावड़ी को 21,650 वोट मिले। NSUI की नम्रता चौधरी को 14,869 वोट मिले। संयुक्त सचिव पद पर ABVP के लक्ष्य राज सिंह ने 16,615 वोट हासिल किए। निर्दलीय विशाल यादव को 15,778 और NSUI के गोपाल चौधरी को 15,206 वोट मिले।

उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय दीपांशु शौकीन जीते

उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने 30,615 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। इस पद पर ABVP के ईशू मौर्य को 16,910 और NSUI के वीर चतरथ को 4,313 वोट मिले।

उपलब्ध चुनावी रिकॉर्ड के अनुसार DUSU के केंद्रीय पैनल में इससे पहले 2009 में मनोज चौधरी निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर अध्यक्ष चुने गए थे। इससे पहले 1991 में राजीव गोस्वामी भी निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में DUSU अध्यक्ष बने थे।

2009 के चुनाव से अलग था इस बार का परिणाम

2009 में मनोज चौधरी की जीत ऐसे चुनाव में हुई थी, जिसमें ABVP और NSUI के कई उम्मीदवारों के नामांकन नियमों के उल्लंघन के कारण खारिज कर दिए गए थे। 2026 के चुनाव में दीपांशु शौकीन ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और उपाध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की।

कौन हैं दीपांशु शौकीन?

दीपांशु शौकीन दिल्ली के पीरागढ़ी इलाके से आते हैं। उनके पिता बस कंडक्टर हैं और मां आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हैं। उन्होंने भगत सिंह कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई की है। फिलहाल वह Buddhist Studies में Master's की पढ़ाई कर रहे हैं।

चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद शौकीन ने कहा कि उन्हें अलग-अलग वर्गों के छात्रों का समर्थन मिला। उन्होंने उन छात्रों के समर्थन का भी उल्लेख किया, जो सक्रिय छात्र राजनीति से जुड़े नहीं हैं।

NSUI से जुड़े रहे, टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय चुनाव लड़ा

दीपांशु शौकीन पहले NSUI से जुड़े रहे हैं। उन्होंने उपाध्यक्ष पद के लिए संगठन से टिकट मांगा था। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार उनका नाम संगठन समर्थित उम्मीदवार के तौर पर नामांकन प्रक्रिया में आया था, लेकिन बाद में उन्हें नामांकन वापस लेने के लिए कहा गया। शौकीन ने नामांकन वापस नहीं लिया और निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा।

उनके चुनाव प्रचार में छात्र सुरक्षा, हॉस्टल और कैंपस से जुड़े मुद्दे शामिल रहे। कुछ रिपोर्टों में NSUI से जुड़े असंतुष्ट कार्यकर्ताओं और अन्य छात्रों के समर्थन का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि चुनाव परिणाम के आधार पर किसी एक कारण को उनकी जीत का निर्णायक कारण नहीं माना जा सकता।

चारों केंद्रीय पदों पर NSUI के उम्मीदवार पीछे रहे

DUSU के चार केंद्रीय पदों में से किसी पर भी NSUI के उम्मीदवार जीत दर्ज नहीं कर सके। अध्यक्ष पद पर विजय शंकर मीना दूसरे स्थान पर रहे। सचिव पद पर नम्रता चौधरी और संयुक्त सचिव पद पर गोपाल चौधरी भी अपने-अपने पदों पर विजयी उम्मीदवारों से पीछे रहे। उपाध्यक्ष पद पर NSUI के वीर चतरथ तीसरे स्थान पर रहे।

DUSU चुनाव के परिणामों को दिल्ली विश्वविद्यालय के सभी छात्रों की राजनीतिक पसंद के रूप में नहीं देखा जा सकता, क्योंकि विश्वविद्यालय के सभी कॉलेज केंद्रीय DUSU चुनाव में मतदान नहीं करते हैं।

DU के 91 कॉलेजों में से 52 कॉलेज और फैकल्टी चुनाव में शामिल

दिल्ली विश्वविद्यालय के North Campus और South Campus में कुल 91 कॉलेज हैं। इनमें से 52 कॉलेज और फैकल्टी DUSU के केंद्रीय चुनाव में सीधे भाग लेते हैं। सेंट स्टीफंस कॉलेज, लेडी श्रीराम कॉलेज फॉर विमेन और जीसस एंड मैरी कॉलेज जैसे संस्थान केंद्रीय DUSU चुनावी प्रक्रिया में शामिल नहीं हैं।

इसलिए DUSU का केंद्रीय चुनाव परिणाम केवल उन कॉलेजों और फैकल्टी में मतदान करने वाले छात्रों का प्रतिनिधित्व करता है, जो इस चुनावी प्रक्रिया में शामिल हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय के कुल 91 कॉलेजों और DUSU चुनाव में शामिल 52 संस्थानों के आंकड़ों को अलग-अलग समझना जरूरी है।

DUSU चुनाव में 40.46 प्रतिशत मतदान

DUSU चुनाव के लिए 18 सितंबर को मतदान हुआ था। इस बार कुल 40.46 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। सुबह और शाम की कक्षाओं में पढ़ने वाले छात्रों को मतदान का अवसर देने के लिए मतदान दो चरणों में कराया गया था।

19 सितंबर को North Campus में मतगणना शुरू हुई और इसके बाद चारों केंद्रीय पदों के परिणाम घोषित किए गए। चुनाव परिणामों के बाद दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश के तहत विजय जुलूस निकालने पर रोक रही। विश्वविद्यालय और पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था भी की गई थी।

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