सतना। मध्य प्रदेश में ग्रामीण आबादी क्षेत्र की संपत्तियों के अधिकार अभिलेखों के नि:शुल्क निष्पादन और पंजीयन का अभियान 17 सितंबर 2026 से शुरू हो गया है। ‘स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026’ के तहत पात्र ग्रामीण संपत्तियों के पंजीयन पर स्टाम्प ड्यूटी और पंजीयन शुल्क हितग्राहियों से नहीं लिया जाएगा। सतना जिले में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार आठ तहसीलों की 56,821 संपत्तियां इस प्रक्रिया के दायरे में हैं।
प्रदेश स्तर पर इस अभियान के तहत करीब 50 लाख निजी संपत्तियों के अधिकार अभिलेखों का नि:शुल्क पंजीयन किया जाना है। राज्य स्तरीय अभियान की शुरुआत 17 सितंबर को इंदौर से की गई है। पंचायत और ग्राम स्तर पर शिविर लगाकर पात्र हितग्राहियों की पंजीयन प्रक्रिया पूरी कराने की व्यवस्था की गई है।
सतना की आठ तहसीलों में 56,821 संपत्तियां
सतना जिले के लिए उपलब्ध तहसीलवार आंकड़ों में नागौद सबसे आगे है। यहां 18,487 संपत्तियां पंजीयन प्रक्रिया में शामिल बताई गई हैं। इसके बाद उचेहरा में 12,649, रघुराजनगर में 6,245 और मझगवां में 5,645 संपत्तियों का आंकड़ा है।
| तहसील | संपत्तियों की संख्या |
|---|---|
| उचेहरा | 12,649 |
| कोटर | 2,711 |
| कोठी | 4,018 |
| नागौद | 18,487 |
| बिरसिंहपुर | 1,745 |
| मझगवां | 5,645 |
| रघुराजनगर | 6,245 |
| रामपुर बघेलान | 5,321 |
| कुल | 56,821 |
सरकार क्यों करा रही है मुफ्त रजिस्ट्री?
स्वामित्व योजना का उद्देश्य ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में मकान, भूखंड और अन्य संपत्तियों के स्वामित्व को स्पष्ट दस्तावेजी आधार देना है। केंद्र की SVAMITVA योजना में ग्रामीण आबादी क्षेत्रों की संपत्तियों का ड्रोन आधारित सर्वे कर रिकॉर्ड ऑफ राइट्स और कानूनी स्वामित्व कार्ड तैयार किए जाते हैं।
मध्य प्रदेश में तैयार अधिकार अभिलेखों के पंजीयन को अब राज्य सरकार के विशेष अभियान के जरिए आगे बढ़ाया जा रहा है। पात्र हितग्राहियों से इस प्रक्रिया के लिए स्टाम्प ड्यूटी और पंजीयन शुल्क नहीं लेने की व्यवस्था की गई है।
अधिकार अभिलेख और पंजीकृत दस्तावेज संपत्ति के स्वामित्व को अधिक स्पष्ट दस्तावेजी आधार देने के लिए उपयोगी होते हैं। SVAMITVA योजना के तहत ऐसे संपत्ति दस्तावेज ग्रामीण परिवारों को संपत्ति का आर्थिक उपयोग करने और संस्थागत ऋण तक पहुंच बनाने में मदद कर सकते हैं।
17 सितंबर से शुरू हुआ अभियान, तीन चरणों में शिविर
स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026 के तहत पंचायत और ग्राम स्तर पर विशेष शिविर लगाने की व्यवस्था की गई है। इसका उद्देश्य ग्रामीण हितग्राहियों को पंजीयन के लिए दूर स्थित कार्यालयों के चक्कर लगाने से बचाना है।
| चरण | शिविर की तारीख |
|---|---|
| पहला चरण | 17 से 19 सितंबर 2026 |
| दूसरा चरण | 24 से 26 सितंबर 2026 |
| तीसरा चरण | 1 से 3 अक्टूबर 2026 |
राज्य स्तर पर अधिकारियों को पंचायत स्तर पर अभियान की निगरानी और पंजीयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी दी गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार पटवारी को निष्पादन अधिकारी की भूमिका दी गई है, जबकि तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और अन्य संबंधित अधिकारियों को पंजीयन प्रक्रिया में जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मुफ्त रजिस्ट्री के लिए किन प्रक्रियाओं की जरूरत होगी?
पंजीयन प्रक्रिया में पात्र संपत्ति के रिकॉर्ड को संबंधित भूमि रिकॉर्ड से जोड़ने और हितग्राही की पहचान से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी करने की व्यवस्था है। उपलब्ध योजना संबंधी जानकारी के अनुसार आबादी भूखंड की लैंड लिंकिंग और समग्र आईडी की ई-केवाईसी के साथ भूमि स्वामी की आधार ई-केवाईसी जैसी प्रक्रियाएं पूरी की जानी हैं।
अलग-अलग चरणों के लिए सरकारी डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल किया जाएगा। उपलब्ध जानकारी में निष्पादन के लिए सारा मोबाइल एप, भूमि की जानकारी और लिंकिंग के लिए भूलेख व्यवस्था, पंजीयन के लिए संपदा एप और पंजीयन दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए WhatsApp का उल्लेख है।
रजिस्ट्री के बाद दस्तावेज मोबाइल पर मिलने की व्यवस्था
पंजीयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद पंजीयन विलेख को हितग्राही के मोबाइल नंबर पर WhatsApp के माध्यम से उपलब्ध कराने की व्यवस्था बताई गई है। इससे दस्तावेज प्राप्त करने के लिए अलग से पंजीयन कार्यालय जाने की जरूरत कम हो सकती है।
SVAMITVA योजना में ड्रोन से तैयार होते हैं संपत्ति रिकॉर्ड
SVAMITVA केंद्र सरकार के पंचायती राज मंत्रालय की योजना है। इसके तहत ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में संपत्तियों की सीमाओं का ड्रोन तकनीक और अन्य सर्वे तकनीकों के जरिए मानचित्रण किया जाता है। इसके बाद राज्य स्तर पर आवश्यक सत्यापन और प्रक्रिया पूरी होने पर रिकॉर्ड ऑफ राइट्स तथा प्रॉपर्टी कार्ड जारी किए जाते हैं।
केंद्र सरकार के अनुसार योजना का उद्देश्य ग्रामीण संपत्तियों के स्पष्ट स्वामित्व दस्तावेज उपलब्ध कराना है। संपत्ति की सीमाओं के स्पष्ट रिकॉर्ड से संपत्ति विवादों को कम करने और ग्रामीण परिवारों के लिए संपत्ति को वित्तीय संपत्ति के रूप में इस्तेमाल करने की संभावनाओं को बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
सतना में नागौद के बाद उचेहरा का आंकड़ा सबसे बड़ा
सतना के उपलब्ध तहसीलवार आंकड़ों में नागौद की 18,487 संपत्तियां सबसे अधिक हैं। उचेहरा में 12,649 संपत्तियां बताई गई हैं। इसके बाद रघुराजनगर में 6,245, मझगवां में 5,645 और रामपुर बघेलान में 5,321 संपत्तियों का आंकड़ा है।
कोठी में 4,018, कोटर में 2,711 और बिरसिंहपुर में 1,745 संपत्तियां बताई गई हैं। इन आठ तहसीलों के आंकड़ों को जोड़ने पर कुल संख्या 56,821 होती है। ये तहसीलवार आंकड़े उपलब्ध स्थानीय रिपोर्ट से संबंधित हैं।
प्रदेश स्तर पर मुफ्त पंजीयन अभियान 17 सितंबर से शुरू किया गया है। सतना में पात्र हितग्राहियों के लिए स्थानीय प्रशासन और पंचायत स्तर पर शिविरों की जानकारी के आधार पर प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी।