मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों के मेधावी विद्यार्थियों के लिए शनिवार को मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के तहत राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। भोपाल के शिवाजी नगर स्थित शासकीय सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 7,400 से ज्यादा पात्र विद्यार्थियों को ई-स्कूटी और मोटराइज्ड वाहन के लिए मिलने वाली सहायता का वितरण किया। मुख्यमंत्री ने कुछ विद्यार्थियों को सांकेतिक रूप से वाहन की चाबी सौंपी, जबकि पात्र विद्यार्थियों के खातों में वाहन खरीद की राशि ट्रांसफर की गई।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, मंत्री कृष्णा गौर और मंत्री विजय शाह सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। विद्यार्थियों के लिए सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आयोजित की गईं।
2026 में बदले मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के पात्रता नियम
मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के तहत इस साल पात्रता के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। अब योजना का लाभ लेने के लिए विद्यार्थी का कक्षा 12वीं की परीक्षा प्रथम प्रयास में न्यूनतम 70 प्रतिशत अंक के साथ पास करना और अपने विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त करना जरूरी है। योजना में सभी संकायों के पात्र विद्यार्थियों को शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री स्कूटी योजना की शुरुआत सत्र 2022-23 से की गई थी। सरकारी योजना के विवरण के अनुसार शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूलों में नियमित विद्यार्थी के रूप में अपने विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले बालक और बालिका इस योजना के पात्र हैं।
ई-स्कूटी के लिए ₹1.20 लाख, मोटराइज्ड वाहन के लिए ₹90 हजार
योजना के तहत पात्र विद्यार्थियों को वाहन खरीदने के लिए निर्धारित सीमा तक राशि दी जाती है। ई-स्कूटी के लिए अधिकतम ₹1.20 लाख और मोटराइज्ड वाहन के लिए अधिकतम ₹90 हजार तक की राशि उपलब्ध कराई जाती है। राज्य विधानसभा में फरवरी 2026 में दी गई जानकारी के अनुसार इस सहायता में वाहन की एक्स-शोरूम कीमत के साथ बीमा, रजिस्ट्रेशन और एसेसरीज जैसी लागतों को शामिल किया गया है।
योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि मेधावी विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई के दौरान आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराना भी है।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से की बातचीत
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मेधावी विद्यार्थियों से संवाद किया और उनके भविष्य के लक्ष्य जाने। विद्यार्थियों ने उन्हें CA, डॉक्टर, इंजीनियर और वकील बनने की योजनाओं के बारे में बताया। कुछ विद्यार्थियों ने खेती और पारंपरिक व्यवसाय को आधुनिक तकनीक से जोड़कर स्टार्टअप शुरू करने की इच्छा भी बताई।
मुख्यमंत्री ने स्कूटी प्राप्त करने वाली छात्राओं और छात्रों से उनकी पढ़ाई तथा परिवार के बारे में भी बातचीत की। एक छात्रा ने बताया कि वह B.Com के साथ CA की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई और करियर के लिए शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने एक मेधावी छात्रा के साथ ई-स्कूटी की सवारी भी की।
‘प्रतिभा और मेहनत के बल पर बच्चे हासिल कर सकते हैं बड़ा मुकाम’
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए सरकार अवसर उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि प्रतिभा और मेहनत के सामने गरीबी बाधा नहीं बननी चाहिए। उनके अनुसार स्कूटी जैसी योजनाओं का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करना और उच्च शिक्षा के दौरान उनकी सुविधा बढ़ाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों की बातचीत से यह सामने आया कि युवा अब पारंपरिक रोजगार के साथ नए क्षेत्रों में भी अवसर तलाश रहे हैं। किसी विद्यार्थी ने CA बनने की इच्छा जताई तो किसी ने डॉक्टर या वकील बनने की बात कही। कुछ विद्यार्थियों ने कृषि आधारित स्टार्टअप की योजना भी बताई।
स्कूल शिक्षा बजट का भी किया उल्लेख
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के स्कूल शिक्षा बजट का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्तमान में स्कूल शिक्षा के लिए करीब ₹38 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है। उन्होंने प्रदेश के कुल बजट का आंकड़ा ₹4.38 लाख करोड़ बताते हुए कहा कि शिक्षा और विद्यार्थियों के भविष्य के लिए संसाधनों में लगातार वृद्धि की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था में हुए बदलावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने प्राथमिक स्तर पर ड्रॉपआउट में कमी और सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के मेरिट में बेहतर प्रदर्शन का दावा किया। राज्य सरकार की ओर से जारी हालिया जानकारी में भी प्राथमिक स्तर पर ड्रॉपआउट दर शून्य तक पहुंचने का दावा किया गया है।
‘कोयले की खदान से भी हीरे निकलते हैं’
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आर्थिक अभाव किसी बच्चे की प्रतिभा को रोक नहीं सकता। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि “कोयले की खदान से भी हीरे निकलते हैं।” उन्होंने मेधावी विद्यार्थियों को उनकी मेहनत और उपलब्धि के लिए बधाई दी तथा भविष्य में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
अब तक 23 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों को मिला लाभ
सरकार के अनुसार मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के तहत अब तक प्रदेश में 23 हजार से ज्यादा विद्यार्थी लाभान्वित हो चुके हैं। योजना के संचालन पर करीब ₹246 करोड़ खर्च होने की जानकारी भी सामने आई है। वर्ष 2025-26 में 7,865 पात्र विद्यार्थियों को योजना का लाभ मिलने की जानकारी मध्य प्रदेश विधानसभा में दी गई थी।
योजना 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी
मुख्यमंत्री स्कूटी योजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी गई है। योजना क्रमांक 1139 के लिए पांच वर्षों में ₹495 करोड़ का वित्तीय आकार स्वीकृत किए जाने की जानकारी उपलब्ध है। 2026-27 से पात्रता में न्यूनतम 70 प्रतिशत अंक की शर्त जोड़ी गई है।
राशि मिलने के बाद वाहन खरीदना जरूरी
योजना से जुड़ा एक महत्वपूर्ण नियम यह है कि पात्र विद्यार्थी के खाते में राशि आने के बाद उसका उपयोग निर्धारित वाहन खरीदने के लिए किया जाना है। राशि को किसी दूसरे सामान की खरीद में इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार वाहन नहीं खरीदने की स्थिति में राशि की वसूली की कार्रवाई की जा सकती है और परिस्थितियों के अनुसार FIR की कार्रवाई भी हो सकती है।
इसी तरह योजना के तहत खरीदे गए वाहन को निर्धारित अवधि तक बेचने या ट्रांसफर करने पर भी प्रतिबंध है। इसलिए विद्यार्थियों और अभिभावकों को राशि मिलने के बाद योजना की शर्तों के अनुसार ही वाहन खरीदना चाहिए।
मुख्यमंत्री स्कूटी योजना में दी जाने वाली राशि को सामान्य नकद पुरस्कार के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। यह निर्धारित वाहन खरीदने के लिए दी जाने वाली सरकारी सहायता है।
19 सितंबर के राज्य स्तरीय कार्यक्रम के साथ इस वर्ष के लिए योजना का वितरण चरण पूरा हुआ है। अब पात्र विद्यार्थियों के लिए वाहन खरीद और योजना की शर्तों के पालन से जुड़ी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।
सबसे जरूरी सवाल: राशि मिलने के बाद स्कूटी नहीं खरीदी तो क्या होगा?
यह योजना की सबसे महत्वपूर्ण शर्तों में से एक है। खाते में राशि आने का मतलब यह नहीं है कि विद्यार्थी उस रकम को अपनी इच्छा के अनुसार कहीं भी खर्च कर सकता है। नए क्रियान्वयन निर्देशों के अनुसार राशि का उपयोग निर्धारित ई-स्कूटी या मोटराइज्ड वाहन खरीदने के लिए ही किया जाना है। दूसरे वाहन या किसी अन्य सामान की खरीद के लिए इस राशि का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
यदि राशि मिलने के बाद विद्यार्थी निर्धारित वाहन नहीं खरीदता है तो विभाग राशि की वसूली की प्रक्रिया शुरू कर सकता है। उपलब्ध रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि ऐसे मामले में विद्यार्थी और उसके पालक से राशि की वसूली की जा सकती है। परिस्थितियों के आधार पर संबंधित थाने में FIR दर्ज कराने की कार्रवाई भी हो सकती है।
योजना की निगरानी की जिम्मेदारी जिला शिक्षा अधिकारी को दी गई है। जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता वाली समिति में जिला परिवहन अधिकारी, जिला कोषालय अधिकारी और जिला शिक्षा अधिकारी शामिल रहेंगे। इसका उद्देश्य राशि मिलने के बाद निर्धारित वाहन की खरीद की प्रक्रिया की निगरानी करना है।
क्या स्कूटी की राशि से कार या कोई दूसरा वाहन खरीद सकते हैं?
नहीं। योजना की राशि निर्धारित वाहन खरीदने के लिए है। उपलब्ध निर्देशों के अनुसार इस रकम से कोई दूसरा वाहन या अन्य सामान खरीदने की अनुमति नहीं है। इसलिए यदि किसी विद्यार्थी के खाते में ₹90,000 या ₹1.20 लाख तक की राशि आती है तो उसे सामान्य Cash Benefit मानकर किसी दूसरे काम में खर्च करना योजना की शर्तों के अनुरूप नहीं होगा।
स्कूटी खरीदने के बाद क्या उसे बेच सकते हैं?
यहां भी विद्यार्थियों को सावधानी रखनी होगी। योजना के तहत खरीदे गए वाहन को तीन साल तक बेचने या किसी अन्य व्यक्ति को Transfer करने पर रोक है। यानी विद्यार्थी स्कूटी खरीदने के तुरंत बाद उसे किसी दूसरे व्यक्ति के नाम नहीं कर सकता और न ही बेच सकता है।
इस प्रतिबंध को लागू करने के लिए वाहन के Registration के समय तीन साल की Hypothecation मध्य प्रदेश शासन के नाम दर्ज किए जाने की व्यवस्था बताई गई है। इसका उद्देश्य सरकारी सहायता से खरीदे गए वाहन को निर्धारित अवधि से पहले बेचने या Transfer करने से रोकना है।
अगर तीन साल से पहले स्कूटी बेच दी तो क्या होगा?
योजना के नियमों के अनुसार तीन साल की अवधि पूरी होने से पहले वाहन को बेचने या Transfer करने की अनुमति नहीं है। इसलिए लाभार्थी को वाहन खरीदते समय इस शर्त का ध्यान रखना होगा। उपलब्ध रिपोर्टों में ऐसी स्थिति में सरकारी सहायता की राशि वापस लिए जाने की संभावना का उल्लेख है।
हालांकि उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी में हर संभावित मामले के लिए अलग-अलग Recovery Amount या दंड की विस्तृत गणना स्पष्ट नहीं की गई है। इसलिए यह कहना उचित नहीं होगा कि हर मामले में निश्चित रूप से पूरी ₹90,000 या ₹1.20 लाख राशि ही वसूल की जाएगी। कार्रवाई संबंधित रिकॉर्ड, Registration और मामले की परिस्थितियों के आधार पर होगी।
क्या राशि मिलने के बाद स्कूटी खरीदना अनिवार्य है?
हां, योजना की राशि निर्धारित वाहन खरीदने के लिए दी जाती है। इसलिए लाभार्थी द्वारा राशि प्राप्त करने के बाद निर्धारित वाहन खरीदना योजना की मूल शर्त से जुड़ा है। सरकार ने इस प्रक्रिया की निगरानी के लिए जिला शिक्षा अधिकारी और जिला स्तर की समिति को जिम्मेदारी दी है।
यानी इसे इस तरह समझें कि सरकार विद्यार्थी को सामान्य Cash Reward नहीं दे रही है, बल्कि स्कूटी खरीदने के उद्देश्य से वित्तीय सहायता उपलब्ध करा रही है। इसलिए राशि मिलने के बाद उसका उपयोग योजना के निर्धारित उद्देश्य के अनुसार करना होगा।
योजना में अब तक कितने विद्यार्थियों को लाभ मिला?
मुख्यमंत्री स्कूटी योजना वर्ष 2022-23 से संचालित है। उपलब्ध सरकारी जानकारी और हालिया रिपोर्टों के अनुसार योजना शुरू होने से अब तक 23 हजार से अधिक विद्यार्थी लाभान्वित हो चुके हैं। सरकार के अनुसार योजना पर अब तक लगभग ₹246 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं।
वर्ष 2025-26 में 7,865 पात्र विद्यार्थियों को योजना का लाभ मिलने की जानकारी मध्य प्रदेश विधानसभा में दी गई थी। वर्ष 2026-27 के लिए भी योजना के तहत बजट प्रावधान किया गया है।
आज राशि मिलने के बाद विद्यार्थियों को क्या करना चाहिए?
- बैंक खाते में योजना की राशि आने की जानकारी जांचें।
- योजना के तहत निर्धारित वाहन का चयन करें।
- वाहन खरीदते समय Invoice और अन्य जरूरी दस्तावेज सुरक्षित रखें।
- Registration और Insurance की प्रक्रिया पूरी कराएं।
- वाहन खरीदने के बाद सभी दस्तावेज सुरक्षित रखें, क्योंकि विभागीय सत्यापन में इनकी जरूरत पड़ सकती है।
- तीन साल की अवधि पूरी होने से पहले वाहन बेचने या Transfer करने से बचें।
- योजना की राशि को किसी दूसरे वाहन, सामान या निजी खर्च में इस्तेमाल न करें।
एक बात याद रखें
मुख्यमंत्री स्कूटी योजना का लाभ मिलने के बाद विद्यार्थी को इसे “खाते में आई सरकारी रकम” के बजाय “निर्धारित वाहन खरीदने के लिए मिली सहायता” के रूप में समझना चाहिए। राशि मिलने के बाद वाहन नहीं खरीदने या योजना की शर्तों के विपरीत उसका उपयोग करने पर Recovery और अन्य कार्रवाई का प्रावधान है। वहीं खरीदी गई स्कूटी को तीन साल तक बेचने या Transfer करने की अनुमति नहीं है।
इसलिए 19 सितंबर को राशि मिलने वाले विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए जरूरी है कि वे वाहन खरीदने, Registration, Insurance और तीन साल की Transfer Restriction से जुड़े दस्तावेज और शर्तों को ध्यान से समझकर ही आगे की प्रक्रिया पूरी करें।