मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 12वीं कक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 19 सितंबर 2026 को बड़ी सौगात देने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के तहत प्रदेश के 7,500 से अधिक पात्र विद्यार्थियों को स्कूटी खरीदने के लिए सहायता राशि दी जाएगी। राज्य स्तरीय कार्यक्रम भोपाल के शासकीय सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, शिवाजी नगर में सुबह 10 बजे से प्रस्तावित है।
इस बार योजना को लेकर सिर्फ यह जानना जरूरी नहीं है कि खाते में कितनी राशि आएगी, बल्कि यह भी समझना जरूरी है कि राशि मिलने के बाद विद्यार्थी को क्या करना होगा, स्कूटी नहीं खरीदी तो क्या होगा और खरीदी गई स्कूटी को बेचने या किसी दूसरे व्यक्ति के नाम करने पर क्या नियम लागू होंगे। योजना के नए क्रियान्वयन निर्देशों में इन मामलों को लेकर स्पष्ट प्रावधान रखे गए हैं।
19 सितंबर को क्या मिलेगा?
19 सितंबर को होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम में पात्र विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री स्कूटी योजना का लाभ दिया जाएगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस चरण में 7,500 से अधिक विद्यार्थी लाभान्वित होंगे। पहले यह कार्यक्रम 16 सितंबर को प्रस्तावित था, लेकिन बाद में इसकी तारीख बदलकर 19 सितंबर कर दी गई।
यहां एक महत्वपूर्ण बात यह है कि इसे हर विद्यार्थी को कार्यक्रम स्थल पर स्कूटी की चाबी सौंपने वाली प्रक्रिया समझना सही नहीं होगा। योजना के तहत निर्धारित वाहन खरीदने के लिए सहायता राशि विद्यार्थी के बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेजने की व्यवस्था है। यदि विद्यार्थी का बैंक खाता उपलब्ध नहीं है तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत राशि माता-पिता या अभिभावक के खाते में भेजी जा सकती है।
कितनी राशि मिलेगी?
मुख्यमंत्री स्कूटी योजना में विद्यार्थी को निर्धारित वाहन का विकल्प चुनने की सुविधा है। मौजूदा प्रावधानों के अनुसार ई-स्कूटी के लिए अधिकतम ₹1.20 लाख और पेट्रोल से चलने वाले मोटराइज्ड वाहन के लिए अधिकतम ₹90,000 तक की सहायता का प्रावधान है।
मध्य प्रदेश विधानसभा में फरवरी 2026 में स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से बताया गया था कि पेट्रोल वाहन के लिए ₹90,000 का प्रावधान एक्स-शोरूम कीमत, Insurance और Accessories के साथ किया गया है। ई-स्कूटी के लिए ₹1.20 लाख तक का प्रावधान और Registration जैसी सुविधाओं का उल्लेख भी किया गया था।
सबसे जरूरी सवाल: राशि मिलने के बाद स्कूटी नहीं खरीदी तो क्या होगा?
यह योजना की सबसे महत्वपूर्ण शर्तों में से एक है। खाते में राशि आने का मतलब यह नहीं है कि विद्यार्थी उस रकम को अपनी इच्छा के अनुसार कहीं भी खर्च कर सकता है। नए क्रियान्वयन निर्देशों के अनुसार राशि का उपयोग निर्धारित ई-स्कूटी या मोटराइज्ड वाहन खरीदने के लिए ही किया जाना है। दूसरे वाहन या किसी अन्य सामान की खरीद के लिए इस राशि का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
यदि राशि मिलने के बाद विद्यार्थी निर्धारित वाहन नहीं खरीदता है तो विभाग राशि की वसूली की प्रक्रिया शुरू कर सकता है। उपलब्ध रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि ऐसे मामले में विद्यार्थी और उसके पालक से राशि की वसूली की जा सकती है। परिस्थितियों के आधार पर संबंधित थाने में FIR दर्ज कराने की कार्रवाई भी हो सकती है।
योजना की निगरानी की जिम्मेदारी जिला शिक्षा अधिकारी को दी गई है। जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता वाली समिति में जिला परिवहन अधिकारी, जिला कोषालय अधिकारी और जिला शिक्षा अधिकारी शामिल रहेंगे। इसका उद्देश्य राशि मिलने के बाद निर्धारित वाहन की खरीद की प्रक्रिया की निगरानी करना है।
क्या स्कूटी की राशि से कार या कोई दूसरा वाहन खरीद सकते हैं?
नहीं। योजना की राशि निर्धारित वाहन खरीदने के लिए है। उपलब्ध निर्देशों के अनुसार इस रकम से कोई दूसरा वाहन या अन्य सामान खरीदने की अनुमति नहीं है। इसलिए यदि किसी विद्यार्थी के खाते में ₹90,000 या ₹1.20 लाख तक की राशि आती है तो उसे सामान्य Cash Benefit मानकर किसी दूसरे काम में खर्च करना योजना की शर्तों के अनुरूप नहीं होगा।
स्कूटी खरीदने के बाद क्या उसे बेच सकते हैं?
यहां भी विद्यार्थियों को सावधानी रखनी होगी। योजना के तहत खरीदे गए वाहन को तीन साल तक बेचने या किसी अन्य व्यक्ति को Transfer करने पर रोक है। यानी विद्यार्थी स्कूटी खरीदने के तुरंत बाद उसे किसी दूसरे व्यक्ति के नाम नहीं कर सकता और न ही बेच सकता है।
इस प्रतिबंध को लागू करने के लिए वाहन के Registration के समय तीन साल की Hypothecation मध्य प्रदेश शासन के नाम दर्ज किए जाने की व्यवस्था बताई गई है। इसका उद्देश्य सरकारी सहायता से खरीदे गए वाहन को निर्धारित अवधि से पहले बेचने या Transfer करने से रोकना है।
अगर तीन साल से पहले स्कूटी बेच दी तो क्या होगा?
योजना के नियमों के अनुसार तीन साल की अवधि पूरी होने से पहले वाहन को बेचने या Transfer करने की अनुमति नहीं है। इसलिए लाभार्थी को वाहन खरीदते समय इस शर्त का ध्यान रखना होगा। उपलब्ध रिपोर्टों में ऐसी स्थिति में सरकारी सहायता की राशि वापस लिए जाने की संभावना का उल्लेख है।
हालांकि उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी में हर संभावित मामले के लिए अलग-अलग Recovery Amount या दंड की विस्तृत गणना स्पष्ट नहीं की गई है। इसलिए यह कहना उचित नहीं होगा कि हर मामले में निश्चित रूप से पूरी ₹90,000 या ₹1.20 लाख राशि ही वसूल की जाएगी। कार्रवाई संबंधित रिकॉर्ड, Registration और मामले की परिस्थितियों के आधार पर होगी।
क्या राशि मिलने के बाद स्कूटी खरीदना अनिवार्य है?
हां, योजना की राशि निर्धारित वाहन खरीदने के लिए दी जाती है। इसलिए लाभार्थी द्वारा राशि प्राप्त करने के बाद निर्धारित वाहन खरीदना योजना की मूल शर्त से जुड़ा है। सरकार ने इस प्रक्रिया की निगरानी के लिए जिला शिक्षा अधिकारी और जिला स्तर की समिति को जिम्मेदारी दी है।
यानी इसे इस तरह समझें कि सरकार विद्यार्थी को सामान्य Cash Reward नहीं दे रही है, बल्कि स्कूटी खरीदने के उद्देश्य से वित्तीय सहायता उपलब्ध करा रही है। इसलिए राशि मिलने के बाद उसका उपयोग योजना के निर्धारित उद्देश्य के अनुसार करना होगा।
कौन विद्यार्थी योजना के पात्र हैं?
2026-27 से योजना की पात्रता में 70 प्रतिशत अंक की शर्त जोड़ी गई है। पात्र विद्यार्थी को संबंधित शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में नियमित विद्यार्थी होना, कक्षा 12वीं की परीक्षा पहले प्रयास में कम से कम 70 प्रतिशत अंक के साथ पास करना और अपने स्कूल में प्रथम स्थान प्राप्त करना जरूरी है। योजना में विभिन्न संकायों के विद्यार्थियों को शामिल किया गया है।
मध्य प्रदेश सरकार की योजना जानकारी के अनुसार यह योजना शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूलों में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले बालक और बालिका विद्यार्थियों के लिए संचालित है।
क्या केवल 70 प्रतिशत अंक आने पर स्कूटी मिलेगी?
नहीं। केवल 70 प्रतिशत अंक हासिल करना पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थी को अपने पात्र शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में 12वीं में प्रथम स्थान भी प्राप्त करना होगा। इसी तरह केवल स्कूल टॉपर होना भी पर्याप्त नहीं है, यदि नई व्यवस्था के तहत न्यूनतम 70 प्रतिशत अंक की शर्त पूरी नहीं होती।
योजना में अब तक कितने विद्यार्थियों को लाभ मिला?
मुख्यमंत्री स्कूटी योजना वर्ष 2022-23 से संचालित है। उपलब्ध सरकारी जानकारी और हालिया रिपोर्टों के अनुसार योजना शुरू होने से अब तक 23 हजार से अधिक विद्यार्थी लाभान्वित हो चुके हैं। सरकार के अनुसार योजना पर अब तक लगभग ₹246 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं।
वर्ष 2025-26 में 7,865 पात्र विद्यार्थियों को योजना का लाभ मिलने की जानकारी मध्य प्रदेश विधानसभा में दी गई थी। वर्ष 2026-27 के लिए भी योजना के तहत बजट प्रावधान किया गया है।
आज राशि मिलने के बाद विद्यार्थियों को क्या करना चाहिए?
- बैंक खाते में योजना की राशि आने की जानकारी जांचें।
- योजना के तहत निर्धारित वाहन का चयन करें।
- वाहन खरीदते समय Invoice और अन्य जरूरी दस्तावेज सुरक्षित रखें।
- Registration और Insurance की प्रक्रिया पूरी कराएं।
- वाहन खरीदने के बाद सभी दस्तावेज सुरक्षित रखें, क्योंकि विभागीय सत्यापन में इनकी जरूरत पड़ सकती है।
- तीन साल की अवधि पूरी होने से पहले वाहन बेचने या Transfer करने से बचें।
- योजना की राशि को किसी दूसरे वाहन, सामान या निजी खर्च में इस्तेमाल न करें।
मुख्यमंत्री स्कूटी योजना का नया अपडेट एक नजर में
| जानकारी | नियम/अपडेट |
|---|---|
| लाभ वितरण | 19 सितंबर 2026 |
| लाभार्थी | 7,500 से अधिक विद्यार्थी |
| ई-स्कूटी सहायता | अधिकतम ₹1.20 लाख |
| मोटराइज्ड/पेट्रोल वाहन | अधिकतम ₹90,000 |
| राशि का उपयोग | निर्धारित वाहन खरीदने के लिए |
| स्कूटी नहीं खरीदी | राशि की वसूली हो सकती है; परिस्थितियों के अनुसार FIR की कार्रवाई भी संभव |
| वाहन बेचने/Transfer पर रोक | 3 साल |
| सुरक्षा व्यवस्था | वाहन Registration में 3 साल की Hypothecation |
एक बात याद रखें
मुख्यमंत्री स्कूटी योजना का लाभ मिलने के बाद विद्यार्थी को इसे “खाते में आई सरकारी रकम” के बजाय “निर्धारित वाहन खरीदने के लिए मिली सहायता” के रूप में समझना चाहिए। राशि मिलने के बाद वाहन नहीं खरीदने या योजना की शर्तों के विपरीत उसका उपयोग करने पर Recovery और अन्य कार्रवाई का प्रावधान है। वहीं खरीदी गई स्कूटी को तीन साल तक बेचने या Transfer करने की अनुमति नहीं है।
इसलिए 19 सितंबर को राशि मिलने वाले विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए जरूरी है कि वे वाहन खरीदने, Registration, Insurance और तीन साल की Transfer Restriction से जुड़े दस्तावेज और शर्तों को ध्यान से समझकर ही आगे की प्रक्रिया पूरी करें।