रीवा | मध्य प्रदेशरीवा

[ब्रेकिंग न्यूज़]कल्पना मिश्रा केस: डॉ. सोनल अग्रवाल की सेवाएं खत्म, 2023 की जांच में अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश; अब सरकारी नौकरी के लिए भी अपात्र

रीवा | मध्य प्रदेश: कल्पना मिश्रा केस: डॉ. सोनल अग्रवाल की सेवाएं खत्म, 2023 की जांच में अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश; अब सरकारी नौकरी के लिए भी अपात्र
कल्पना मिश्रा केस: डॉ. सोनल अग्रवाल की सेवाएं खत्म, 2023 की जांच में अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश; अब सरकारी नौकरी के लिए भी अपात्रसाभार: The City Express

रीवा के संजय गांधी अस्पताल से जुड़े कल्पना मिश्रा मामले के बीच डॉ. सोनल अग्रवाल की सरकारी सेवा समाप्त कर दी गई है। श्याम शाह मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. शशिधर प्रसाद गर्ग की ओर से 16 सितंबर 2026 को जारी आदेश में कार्यकारिणी समिति के संकल्प के आधार पर उनकी सेवाएं उसी तारीख से समाप्त करने की बात कही गई है।

Quick Read

  • डॉ. सोनल अग्रवाल की सरकारी सेवा 16 सितंबर 2026 से समाप्त की गई।
  • 2023 में मरीजों को Nursing Home जाने के लिए बाध्य किए जाने की शिकायत पर चार सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति ने जांच की थी।
  • समिति ने 1 मार्च 2023 की रिपोर्ट में डॉ. अग्रवाल के खिलाफ दीर्घशास्ति के लिए अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की थी।
  • कल्पना मिश्रा की मौत के मामले में डॉ. अग्रवाल पहले से निलंबित थीं और उस मामले की अलग जांच जारी है; उनकी सेवा समाप्ति को उस जांच का अंतिम निष्कर्ष नहीं बताया गया है।

रीवा के कल्पना मिश्रा मामले में नया घटनाक्रम सामने आया है। संजय गांधी अस्पताल की प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग से जुड़ी डॉ. सोनल अग्रवाल की शासकीय सेवा 16 सितंबर 2026 से समाप्त कर दी गई है। श्याम शाह चिकित्सा महाविद्यालय, रीवा के अधिष्ठाता डॉ. शशिधर प्रसाद गर्ग की ओर से जारी आदेश में यह कार्रवाई कार्यकारिणी समिति के 16 सितंबर को लिए गए संकल्प के आधार पर की गई है।

हालांकि इस कार्रवाई को लेकर एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि सेवा समाप्ति का आधार 2023 में मरीजों को कथित रूप से Nursing Home भेजने से संबंधित पुराना विभागीय मामला है। दूसरी ओर, कल्पना मिश्रा और उनके नवजात की 26 अगस्त 2026 को हुई मौत के मामले में डॉ. सोनल अग्रवाल की भूमिका की अलग जांच चल रही है। इसलिए सेवा समाप्ति के आदेश को कल्पना मिश्रा मौत मामले में दोष तय होने के रूप में नहीं देखा जा सकता।

16 सितंबर से समाप्त हुई सेवाएं

विभागीय आदेश के मुताबिक डॉ. सोनल अग्रवाल की नियुक्ति प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में सहायक प्राध्यापक के पद पर हुई थी। उन्होंने नवंबर 2015 में पदभार ग्रहण किया था। 16 सितंबर 2026 को हुई कार्यकारिणी समिति की बैठक में लिए गए निर्णय के आधार पर उनकी सेवाएं समाप्त करने का आदेश जारी किया गया। आदेश में भविष्य में उनके किसी शासकीय या स्वशासी सेवा के लिए पात्र नहीं होने की बात भी कही गई है।

2023 में मरीजों को Nursing Home भेजने की शिकायत हुई थी

डॉ. सोनल अग्रवाल के खिलाफ यह विभागीय मामला वर्ष 2023 में सामने आया था। शिकायत में अस्पताल से जुड़े चिकित्सकों द्वारा मरीजों को निजी Nursing Home जाने के लिए बाध्य किए जाने का आरोप लगाया गया था। इसके बाद मध्य प्रदेश शासन के चिकित्सा शिक्षा विभाग ने 7 फरवरी 2023 को चार सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति गठित की थी।

समिति ने मामले की जांच के बाद 1 मार्च 2023 को अपनी रिपोर्ट तैयार की और इसे 7 मार्च 2023 को संबंधित कार्यालय को भेजा गया। रिपोर्ट के निष्कर्ष में डॉ. सोनल अग्रवाल के खिलाफ दीर्घशास्ति के लिए अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की गई थी।

स्पष्टीकरण के बाद मामला कार्यकारिणी समिति तक पहुंचा

जांच रिपोर्ट के बाद डॉ. सोनल अग्रवाल से स्पष्टीकरण मांगा गया था। उनके जवाब के बाद मामला कार्यकारिणी समिति के सामने रखा गया। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार 14 जून 2023 की समिति की कार्यवाही में भी संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई थी। इसके बाद यह मामला 16 सितंबर 2026 की कार्यकारिणी समिति की बैठक में फिर सामने आया।

बैठक में पारित संकल्प के आधार पर डॉ. सोनल अग्रवाल की सेवाएं समाप्त करने का निर्णय लिया गया और उसी दिन संबंधित आदेश जारी किया गया।

कल्पना मिश्रा मामले में पहले से निलंबित थीं

इसी बीच 26 अगस्त 2026 को संजय गांधी अस्पताल में प्रसूता कल्पना मिश्रा और उनके नवजात बच्चे की मौत के बाद डॉ. सोनल अग्रवाल की भूमिका भी जांच के दायरे में आई। इस मामले में डॉ. सोनल अग्रवाल, एनेस्थीसिया विभाग की डॉ. निधि पांडेय और दो Nursing Officers को निलंबित किया गया था। अस्पताल के तत्कालीन अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा को पद से हटाया गया, जबकि तत्कालीन Dean डॉ. सुनील अग्रवाल का तबादला सतना किया गया।

कल्पना मिश्रा की मौत की जांच अभी अलग से जारी

कल्पना मिश्रा की मौत के मामले में प्रशासनिक स्तर पर अलग जांच चल रही है। रीवा कलेक्टर ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच के लिए सिरमौर SDM दृष्टि जायसवाल को जिम्मेदारी दी है। जांच में अस्पताल के Medical Records, CCTV फुटेज, Duty Roster और संबंधित Staff की भूमिका जैसे बिंदुओं को देखा जाना है। रिपोर्ट के लिए एक महीने की समयसीमा तय किए जाने की जानकारी सामने आई है।

इस मामले में कल्पना मिश्रा के परिवार की ओर से जिम्मेदार लोगों के खिलाफ FIR और आपराधिक कार्रवाई की मांग की जा रही है। कल्पना के पिता रामशिरोमणि मिश्रा ने इसी मांग को लेकर सिरमौर चौराहे पर आमरण अनशन किया था। 16 सितंबर को उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद प्रशासन ने उन्हें धरना स्थल से हटाकर अस्पताल में भर्ती कराया।

सेवा समाप्ति और कल्पना केस को अलग-अलग समझना जरूरी

डॉ. सोनल अग्रवाल की सेवा समाप्ति को लेकर सामने आए दस्तावेजों और रिपोर्टों से यह स्पष्ट होता है कि 16 सितंबर की विभागीय कार्रवाई का आधार 2023 का Nursing Home संबंधी मामला है। वहीं कल्पना मिश्रा और उनके नवजात की मौत से संबंधित जांच अलग प्रक्रिया के तहत चल रही है। इसलिए अभी यह कहना उचित नहीं होगा कि 16 सितंबर की सेवा समाप्ति कल्पना मिश्रा की मौत की जांच में डॉ. अग्रवाल को दोषी ठहराए जाने का परिणाम है।

कल्पना मिश्रा मामले में जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि अस्पताल में इलाज के दौरान किन परिस्थितियों में मौत हुई, किस स्तर पर क्या भूमिका रही और जांच के आधार पर आगे कौन-सी कानूनी या विभागीय कार्रवाई की जाती है।

पाठकों की प्रतिक्रियाएं

खुला मंच
इस खबर पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। सबसे पहले अपनी राय साझा करें!

रीवा की अन्य खबरें

15 खबरें प्रदर्शित

मध्य प्रदेश की मुख्य खबरें

और देखें >

📍मध्य प्रदेश के अन्य जिलों से समाचार (District Dispatches)

आस-पास के जिले

सतना की बड़ी खबरें

सतना का पूरा पेज >

सीधी की बड़ी खबरें

सीधी का पूरा पेज >

भोपाल की बड़ी खबरें

भोपाल का पूरा पेज >

इंदौर की बड़ी खबरें

इंदौर का पूरा पेज >