रीवा के कल्पना मिश्रा मामले में नया घटनाक्रम सामने आया है। संजय गांधी अस्पताल की प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग से जुड़ी डॉ. सोनल अग्रवाल की शासकीय सेवा 16 सितंबर 2026 से समाप्त कर दी गई है। श्याम शाह चिकित्सा महाविद्यालय, रीवा के अधिष्ठाता डॉ. शशिधर प्रसाद गर्ग की ओर से जारी आदेश में यह कार्रवाई कार्यकारिणी समिति के 16 सितंबर को लिए गए संकल्प के आधार पर की गई है।
हालांकि इस कार्रवाई को लेकर एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि सेवा समाप्ति का आधार 2023 में मरीजों को कथित रूप से Nursing Home भेजने से संबंधित पुराना विभागीय मामला है। दूसरी ओर, कल्पना मिश्रा और उनके नवजात की 26 अगस्त 2026 को हुई मौत के मामले में डॉ. सोनल अग्रवाल की भूमिका की अलग जांच चल रही है। इसलिए सेवा समाप्ति के आदेश को कल्पना मिश्रा मौत मामले में दोष तय होने के रूप में नहीं देखा जा सकता।
16 सितंबर से समाप्त हुई सेवाएं
विभागीय आदेश के मुताबिक डॉ. सोनल अग्रवाल की नियुक्ति प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में सहायक प्राध्यापक के पद पर हुई थी। उन्होंने नवंबर 2015 में पदभार ग्रहण किया था। 16 सितंबर 2026 को हुई कार्यकारिणी समिति की बैठक में लिए गए निर्णय के आधार पर उनकी सेवाएं समाप्त करने का आदेश जारी किया गया। आदेश में भविष्य में उनके किसी शासकीय या स्वशासी सेवा के लिए पात्र नहीं होने की बात भी कही गई है।
2023 में मरीजों को Nursing Home भेजने की शिकायत हुई थी
डॉ. सोनल अग्रवाल के खिलाफ यह विभागीय मामला वर्ष 2023 में सामने आया था। शिकायत में अस्पताल से जुड़े चिकित्सकों द्वारा मरीजों को निजी Nursing Home जाने के लिए बाध्य किए जाने का आरोप लगाया गया था। इसके बाद मध्य प्रदेश शासन के चिकित्सा शिक्षा विभाग ने 7 फरवरी 2023 को चार सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति गठित की थी।
समिति ने मामले की जांच के बाद 1 मार्च 2023 को अपनी रिपोर्ट तैयार की और इसे 7 मार्च 2023 को संबंधित कार्यालय को भेजा गया। रिपोर्ट के निष्कर्ष में डॉ. सोनल अग्रवाल के खिलाफ दीर्घशास्ति के लिए अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की गई थी।
स्पष्टीकरण के बाद मामला कार्यकारिणी समिति तक पहुंचा
जांच रिपोर्ट के बाद डॉ. सोनल अग्रवाल से स्पष्टीकरण मांगा गया था। उनके जवाब के बाद मामला कार्यकारिणी समिति के सामने रखा गया। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार 14 जून 2023 की समिति की कार्यवाही में भी संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई थी। इसके बाद यह मामला 16 सितंबर 2026 की कार्यकारिणी समिति की बैठक में फिर सामने आया।
बैठक में पारित संकल्प के आधार पर डॉ. सोनल अग्रवाल की सेवाएं समाप्त करने का निर्णय लिया गया और उसी दिन संबंधित आदेश जारी किया गया।
कल्पना मिश्रा मामले में पहले से निलंबित थीं
इसी बीच 26 अगस्त 2026 को संजय गांधी अस्पताल में प्रसूता कल्पना मिश्रा और उनके नवजात बच्चे की मौत के बाद डॉ. सोनल अग्रवाल की भूमिका भी जांच के दायरे में आई। इस मामले में डॉ. सोनल अग्रवाल, एनेस्थीसिया विभाग की डॉ. निधि पांडेय और दो Nursing Officers को निलंबित किया गया था। अस्पताल के तत्कालीन अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा को पद से हटाया गया, जबकि तत्कालीन Dean डॉ. सुनील अग्रवाल का तबादला सतना किया गया।
कल्पना मिश्रा की मौत की जांच अभी अलग से जारी
कल्पना मिश्रा की मौत के मामले में प्रशासनिक स्तर पर अलग जांच चल रही है। रीवा कलेक्टर ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच के लिए सिरमौर SDM दृष्टि जायसवाल को जिम्मेदारी दी है। जांच में अस्पताल के Medical Records, CCTV फुटेज, Duty Roster और संबंधित Staff की भूमिका जैसे बिंदुओं को देखा जाना है। रिपोर्ट के लिए एक महीने की समयसीमा तय किए जाने की जानकारी सामने आई है।
इस मामले में कल्पना मिश्रा के परिवार की ओर से जिम्मेदार लोगों के खिलाफ FIR और आपराधिक कार्रवाई की मांग की जा रही है। कल्पना के पिता रामशिरोमणि मिश्रा ने इसी मांग को लेकर सिरमौर चौराहे पर आमरण अनशन किया था। 16 सितंबर को उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद प्रशासन ने उन्हें धरना स्थल से हटाकर अस्पताल में भर्ती कराया।
सेवा समाप्ति और कल्पना केस को अलग-अलग समझना जरूरी
डॉ. सोनल अग्रवाल की सेवा समाप्ति को लेकर सामने आए दस्तावेजों और रिपोर्टों से यह स्पष्ट होता है कि 16 सितंबर की विभागीय कार्रवाई का आधार 2023 का Nursing Home संबंधी मामला है। वहीं कल्पना मिश्रा और उनके नवजात की मौत से संबंधित जांच अलग प्रक्रिया के तहत चल रही है। इसलिए अभी यह कहना उचित नहीं होगा कि 16 सितंबर की सेवा समाप्ति कल्पना मिश्रा की मौत की जांच में डॉ. अग्रवाल को दोषी ठहराए जाने का परिणाम है।
कल्पना मिश्रा मामले में जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि अस्पताल में इलाज के दौरान किन परिस्थितियों में मौत हुई, किस स्तर पर क्या भूमिका रही और जांच के आधार पर आगे कौन-सी कानूनी या विभागीय कार्रवाई की जाती है।