दिल्ली के Satya Niketan में रविवार दोपहर ढही Boys PG की इमारत का हादसा अब राहत-बचाव से आगे जवाबदेही की जांच तक पहुंच गया है। हादसे में अब तक 5 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और 10 लोगों को मलबे से सुरक्षित निकाला जा चुका है। दिल्ली पुलिस ने कथित मालिक हरिराम और अन्य के खिलाफ FIR दर्ज की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने Magisterial Inquiry के आदेश दिए हैं। शुरुआती जांच में इमारत में चल रहे Renovation/Repair Work को लेकर सवाल उठे हैं।
दिल्ली के Satya Niketan में रविवार को हुए भीषण Building Collapse हादसे में अब मौतों का आंकड़ा बढ़कर 5 हो गया है। South-West Delhi के इस इलाके में एक Boys PG के तौर पर इस्तेमाल हो रही बहुमंजिला इमारत दोपहर करीब 1:30 बजे भरभराकर गिर गई थी। हादसे के बाद शुरू हुए बड़े Rescue Operation में अब तक 10 लोगों को मलबे से बाहर निकाला जा चुका है।
हादसे के बाद अब मामले में प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई भी शुरू हो गई है। Delhi Police ने कथित भवन मालिक हरिराम और अन्य के खिलाफ FIR दर्ज की है। वहीं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का जायजा लेने के बाद मामले की Magisterial Inquiry के आदेश दिए हैं।
5 लोगों की मौत, 10 रेस्क्यू
हादसे के शुरुआती घंटों में मौत और फंसे लोगों की संख्या को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आए थे। देर रात तक Delhi Police के अनुसार हादसे में 5 लोगों की मौत हो चुकी थी और 10 लोगों को मलबे से निकालकर इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया था। Rescue Operation देर रात तक जारी रहा।
मलबे में कई छात्रों के फंसे होने की आशंका के कारण NDRF, Delhi Fire Service, Delhi Police, Delhi Disaster Management Authority, MCD, CATS और Civil Defence की टीमें मौके पर लगाई गईं। JCB और अन्य Heavy Equipment की मदद से मलबा हटाया गया। ()
लगभग 40-50 साल पुरानी थी इमारत
पुलिस और स्थानीय जानकारी के मुताबिक गिरने वाली इमारत को Hostel Daze के नाम से Boys PG के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। यह इमारत करीब 40 से 50 साल पुरानी बताई जा रही है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार इसमें Basement के साथ पांच ऊपरी मंजिलें थीं।
इमारत में बड़ी संख्या में छात्र रह रहे थे। Satya Niketan और Delhi University South Campus के आसपास का इलाका बड़ी संख्या में Students और PG Accommodations के लिए जाना जाता है। हादसे के समय कितने लोग इमारत के भीतर थे, इसका अंतिम आंकड़ा अभी जांच और रिकॉर्ड की पुष्टि के बाद ही स्पष्ट होगा। ()
मरम्मत के काम पर सबसे बड़ा सवाल
हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल इमारत में चल रहे Renovation/Repair Work को लेकर उठा है। Delhi Police की प्रारंभिक जांच के अनुसार इमारत में Renovation का काम चल रहा था और इसी दौरान Structure Collapse हुआ। कुछ रिपोर्टों में यह काम Ground Floor पर बताया गया है, जबकि अन्य रिपोर्टों में Basement में चल रहे काम और Foundation पर संभावित असर की बात सामने आई है।
इसलिए अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि इमारत केवल Renovation के कारण ही गिरी। जांच में यह देखा जा रहा है कि निर्माण या तोड़फोड़ के दौरान किसी Structural Element पर असर पड़ा था या नहीं, और क्या इसके लिए जरूरी अनुमति तथा Safety Measures अपनाए गए थे। ()
मालिक हरिराम और अन्य के खिलाफ FIR
Delhi Police ने मामले में कथित मालिक हरिराम और अन्य के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। पुलिस के मुताबिक FIR नंबर 153/26 South Campus Police Station में दर्ज की गई है। इसमें BNS की धाराएं 105, 290 और 125(a) लगाई गई हैं।
पुलिस ने बताया कि इमारत PG के रूप में इस्तेमाल हो रही थी और वहां Renovation का काम किया जा रहा था। मामले में शामिल कथित लोगों की पहचान और भूमिका की जांच के लिए कई टीमें बनाई गई हैं। ()
CM रेखा गुप्ता ने दिए Magisterial Inquiry के आदेश
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का जायजा लेने के बाद मामले की Magisterial Inquiry के आदेश दिए। सरकार ने कहा है कि हादसे के लिए जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने Rescue Operation में लगी सभी एजेंसियों के बीच Coordination बनाए रखने और मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। ()
AIIMS Trauma Centre में घायलों का इलाज
मलबे से निकाले गए घायलों को आसपास के अस्पतालों में पहुंचाया गया। AIIMS Trauma Centre में भी कई लोगों को भर्ती कराया गया। शुरुआती मेडिकल अपडेट में दो मरीजों की हालत Critical बताई गई थी। मुख्यमंत्री ने AIIMS Trauma Centre पहुंचकर घायलों के इलाज की स्थिति की जानकारी ली। ()
मलबे में छात्रों के फंसे होने की आशंका से मचा हड़कंप
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और छात्रों ने मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका जताई। कुछ लोगों ने बताया कि इमारत में बड़ी संख्या में Students रहते थे। एक अनुमान में 40 से 50 लोगों के भीतर होने की बात कही गई, लेकिन अधिकारियों ने उस समय अंदर मौजूद लोगों की अंतिम संख्या की पुष्टि नहीं की थी।
Rescue Teams को कई जगह मलबा हटाने में कठिनाई हुई। स्थानीय लोग भी शुरुआती दौर में बचाव कार्य में मदद करते दिखाई दिए। बाद में NDRF और अन्य प्रशिक्षित एजेंसियों ने Search Operation संभाला।
पास की इमारत भी जांच के घेरे में
हादसे के बाद आसपास की इमारतों की Safety को लेकर भी चिंता बढ़ गई। रिपोर्टों के मुताबिक आसपास की एक अन्य इमारत को लेकर भी MCD की ओर से कार्रवाई और Safety Assessment की बात सामने आई है। इसका उद्देश्य यह देखना है कि आसपास की Structures में भी किसी तरह का Structural Risk तो नहीं है।
हादसे ने PG और Building Safety पर फिर खड़े किए सवाल
Satya Niketan और आसपास का इलाका Delhi University के South Campus के कारण Students के बीच बेहद लोकप्रिय है। यहां बड़ी संख्या में PG और Hostel संचालित होते हैं। ऐसे में एक पुराने भवन का PG के तौर पर इस्तेमाल और उसमें चल रहे Renovation Work ने Building Safety, Structural Audit और Construction Permission की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हालांकि, यह तय करना अभी बाकी है कि हादसा किस तकनीकी कारण से हुआ। Structural Experts और Magisterial Inquiry की रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि Collapse के पीछे भवन की पुरानी संरचना, Renovation Work, Foundation/Structural Damage, पानी का जमाव या कोई अन्य कारण जिम्मेदार था।