✍️ विशेष संवाददाता•Published On 22nd Aug, 2026 @ 10:08 AM
इंदौर के विजय नगर स्थित चर्चित सयाजी होटल में खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच में किचन और स्टोरेज एरिया में चूहे- कॉकरोच, वेज-नॉनवेज सामग्री का साथ रखा जाना, करीब 66 किलो बिना उचित पैकिंग और लेबलिंग वाला नॉनवेज तथा खराब खाद्य सामग्री मिलने की जानकारी सामने आई है। कार्रवाई के बाद होटल की खाद्य अनुज्ञप्ति निलंबित कर दोनों किचन और बेकरी सील कर दी गई।
Indore News: इंदौर के विजय नगर स्थित चर्चित सयाजी होटल में खाद्य सुरक्षा जांच के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। 20 अगस्त को हुई औचक जांच में होटल के किचन और स्टोरेज एरिया में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़ी कई गंभीर कमियां सामने आईं। इसके बाद 21 अगस्त को होटल की खाद्य अनुज्ञप्ति निलंबित कर दी गई और कार्रवाई के तहत दोनों किचन तथा बेकरी को सील कर दिया गया।
जांच के दौरान टीम को किचन और फूड स्टोरेज एरिया में चूहे और कॉकरोच की मौजूदगी के संकेत मिले। इसके अलावा करीब 66 किलो नॉनवेज खाद्य सामग्री बिना उचित पैकिंग और लेबलिंग के रखी मिली। कोल्ड स्टोरेज में वेज और नॉनवेज सामग्री को एक साथ रखने की बात भी सामने आई। खाद्य विभाग ने कई खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं।
इंदौर के सयाजी होटल में जांच के दौरान क्या मिला?
खाद्य सुरक्षा विभाग और FSSAI की टीम ने 20 अगस्त की रात सयाजी होटल के किचन और स्टोरेज एरिया का निरीक्षण किया। करीब पांच घंटे चली जांच में अधिकारियों ने खाद्य सामग्री के रखरखाव, तापमान, पैकिंग, लेबलिंग, स्वच्छता, पेस्ट कंट्रोल और लाइसेंस से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की।
निरीक्षण में कई स्तरों पर नियमों के पालन में कमी मिलने की जानकारी सामने आई। खाद्य सामग्री को रखने के तरीके से लेकर किचन की सफाई और स्टोरेज व्यवस्था तक अधिकारियों ने कई आपत्तियां दर्ज कीं।
66 किलो नॉनवेज बिना पैकिंग और लेबल के मिला
जांच के दौरान करीब 66 किलो नॉनवेज खाद्य सामग्री बिना उचित पैकिंग और निर्माण तिथि से संबंधित जानकारी के रखी मिली। अधिकारियों के मुताबिक सी-फूड, चिकन और मटन को अलग-अलग रखने की व्यवस्था भी मानकों के अनुरूप नहीं मिली।
सबसे अहम सवाल खाद्य सामग्री के ट्रेसबिलिटी रिकॉर्ड को लेकर भी उठा, क्योंकि पैकिंग और लेबलिंग के जरिए किसी खाद्य पदार्थ की पहचान, निर्माण और उपयोग की समयसीमा जैसी जानकारी सुनिश्चित की जाती है।
एक ही कोल्ड स्टोरेज में वेज और नॉनवेज
निरीक्षण के दौरान वेज और नॉनवेज खाद्य सामग्री को एक ही कोल्ड स्टोरेज में रखे जाने की बात सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार सी-फूड, चिकन और मटन के लिए भी अलग-अलग स्टोरेज व्यवस्था नहीं मिली।
खाद्य सुरक्षा के लिहाज से कच्चे और अलग-अलग प्रकार के खाद्य पदार्थों का उचित segregation जरूरी माना जाता है, ताकि cross-contamination का जोखिम कम किया जा सके।
किचन में चूहे और कॉकरोच, स्टोरेज में गंदगी
जांच टीम को फूड स्टोरेज में चूहे दिखाई देने और उनकी मौजूदगी के संकेत मिलने की जानकारी सामने आई। किचन तथा food preparation area में कॉकरोच और चूहों की गंदगी भी पाई गई।
इसके अलावा ड्राय स्टोरेज और नॉनवेज स्टोरेज में जंग लगी सामग्री मिलने की बात भी रिपोर्ट की गई। food preparation platform पर भी rust पाया गया। स्टोरेज क्षेत्र की दीवार और फर्श में दरारें तथा पैलेट के नीचे गंदगी मिलने की जानकारी सामने आई है।
सड़े आलू-टमाटर और मूंगफली में फंगस
खाद्य सुरक्षा जांच के दौरान सब्जियों के स्टोरेज में सड़े हुए आलू और टमाटर पाए गए। मूंगफली में फंगस मिलने की भी जानकारी सामने आई है।
इसके अलावा कुछ खाद्य सामग्री उचित लेबल के बिना रखी मिली। उबले हुए आलू पर expiry से संबंधित tagging की बात सामने आई, जबकि कुछ अन्य उत्पादों की पैकिंग और labeling में भी कमियां पाई गईं।
कुल्फी और फ्रोजन डेजर्ट को लेकर भी सवाल
जांच में पैक्ड कुल्फी पर manufacturing date, expiry date और batch number से संबंधित जानकारी नहीं मिलने की बात सामने आई। वहीं एक frozen dessert को होटल के menu में ice cream के रूप में दर्शाए जाने की जानकारी भी रिपोर्ट में दी गई है।
खाद्य उत्पादों की labeling इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे ग्राहक और नियामक एजेंसियां उत्पाद की पहचान तथा उसकी shelf life से जुड़ी जानकारी देख सकती हैं।
लाइसेंस में नॉनवेज और बेकरी का उल्लेख नहीं?
जांच के दौरान होटल की food licence category और मौके पर चल रही food activities को लेकर भी आपत्तियां सामने आईं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार होटल के लाइसेंस में नॉनवेज गतिविधि का उल्लेख नहीं था, जबकि मौके पर नॉनवेज खाद्य सामग्री तैयार होती मिली।
इसी तरह बेकरी और स्वीट्स से संबंधित गतिविधियों को लेकर भी लाइसेंस रिकॉर्ड पर सवाल उठे। खाद्य विभाग ने इन बिंदुओं को जांच का हिस्सा बनाया।
जांच के बाद होटल पर क्या कार्रवाई हुई?
निरीक्षण में मिली कमियों के बाद प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी। 21 अगस्त को होटल की खाद्य अनुज्ञप्ति निलंबित करने का आदेश जारी किया गया। इसके बाद संबंधित खाद्य कारोबार गतिविधियों को रोकने के लिए होटल के दोनों किचन और बेकरी को सील किया गया।
प्रशासन ने होटल प्रबंधन को खाद्य सुरक्षा से जुड़ी कमियों को दूर करने और निर्धारित मानकों को पूरा करने के निर्देश दिए हैं। केंद्रीय FSSAI लाइसेंस से संबंधित अनुपालन को लेकर भी कार्रवाई की प्रक्रिया सामने आई है।
होटल से लिए गए खाद्य सैंपल की रिपोर्ट का इंतजार
खाद्य सुरक्षा टीम ने जांच के दौरान कई खाद्य पदार्थों के नमूने भी लिए हैं। इनमें पनीर, नॉनवेज खाद्य सामग्री, मूंगफली, सौंफ, मसाले और ड्रायफ्रूट्स जैसे उत्पाद शामिल होने की जानकारी सामने आई है।
इन सैंपल को प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया है। इसलिए अभी यह कहना सही नहीं होगा कि सभी खाद्य पदार्थ असुरक्षित या मिलावटी पाए गए हैं। किसी उत्पाद की गुणवत्ता पर अंतिम निष्कर्ष प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर ही निकलेगा।
कलेक्टर के निर्देश के बाद कार्रवाई
जिला प्रशासन के अनुसार खाद्य प्रतिष्ठानों में मिलावट, अमानक खाद्य पदार्थ और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के खिलाफ अभियान जारी है। सयाजी होटल की कार्रवाई भी इसी निरीक्षण अभियान का हिस्सा रही।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इंदौर के होटल और रेस्टोरेंट में Food Safety क्यों बड़ा मुद्दा?
इंदौर में होटल, रेस्टोरेंट, कैफे और दूसरे food businesses की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में सिर्फ खाने का स्वाद या होटल की श्रेणी ही पर्याप्त नहीं है। खाद्य सामग्री का तापमान, storage, pest control, साफ-सफाई, expiry और labeling भी food safety का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
सयाजी होटल की जांच ने इसी पहलू को फिर सामने ला दिया है कि महंगे या बड़े प्रतिष्ठानों में भी food safety compliance की नियमित जांच जरूरी है।
ग्राहक खाने से पहले किन चीजों पर ध्यान दे सकते हैं?
किसी भी होटल या रेस्टोरेंट में ग्राहक को खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर संदेह हो तो वह प्रतिष्ठान के प्रबंधन से जानकारी मांग सकता है। पैक्ड उत्पादों में manufacturing date, expiry date और batch details देखना भी उपयोगी है।
किसी खाद्य प्रतिष्ठान के खिलाफ गंभीर शिकायत होने पर संबंधित खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण के माध्यम से शिकायत दर्ज की जा सकती है।
अब आगे क्या होगा?
अब आगे की कार्रवाई दो स्तरों पर होगी। पहला, होटल प्रबंधन को खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा बताई गई कमियों को दूर करना होगा। दूसरा, जिन खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए गए हैं, उनकी प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद उनकी गुणवत्ता को लेकर आगे का निर्णय लिया जाएगा।
इसलिए फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि सयाजी होटल की खाद्य अनुज्ञप्ति निलंबित है और दोनों किचन तथा बेकरी सील किए गए हैं। सैंपल रिपोर्ट आने के बाद मामले की अगली स्थिति और स्पष्ट होगी।