रीवा के संजय गांधी अस्पताल में कल्पना मिश्रा और उनके नवजात बच्चे की मौत के मामले में गुरुवार को सिरमौर चौराहे पर एक बार फिर तनाव की स्थिति बन गई। कल्पना मिश्रा के पिता रामशिरोमणि मिश्रा को धरना स्थल से हटाकर अस्पताल भेजे जाने के विरोध में कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा अपने समर्थकों के साथ सिरमौर चौराहे पहुंचे। वहां पहले से पुलिस और प्रशासन के अधिकारी तैनात थे। विधायक और अधिकारियों के बीच काफी देर तक बहस हुई, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें मौके से हटाकर हिरासत में ले लिया।
सिरमौर चौराहे पर पहुंचते ही अधिकारियों से हुई बहस
गुरुवार दोपहर करीब 1 बजे अभय मिश्रा समर्थकों के साथ सिरमौर चौराहे पहुंचे। यहां पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी पहले से मौजूद थे। विधायक ने अधिकारियों से सवाल किया कि लोगों को चौराहे पर एकत्र होने से क्यों रोका जा रहा है। उन्होंने वहां लागू प्रतिबंधों और धारा 144 को लेकर भी अधिकारियों से जवाब मांगा।
इस दौरान विधायक और एसडीएम अनुराग तिवारी के बीच काफी देर तक बहस हुई। प्रशासन की ओर से चौराहे पर भीड़ नहीं लगाने और मौके से हटने के लिए कहा गया। विधायक ने पुलिसकर्मियों से भी उन्हें हाथ नहीं लगाने की बात कही। बहस बढ़ने के बाद पुलिसकर्मियों ने उन्हें मौके से हटाया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार पुलिस ने उन्हें पकड़कर हिरासत में लिया।
पुलिस और समर्थकों के बीच भी हुई खींचतान
विधायक को मौके से हटाए जाने के दौरान उनके समर्थकों और पुलिसकर्मियों के बीच कुछ देर के लिए खींचतान की स्थिति बनी। इसके बाद पुलिस ने विधायक को वहां से हटाकर हिरासत में लिया और मौके पर मौजूद लोगों को भी हटाया गया।
इस कार्रवाई को लेकर विधायक ने आपत्ति जताई। उनका कहना था कि वे कल्पना मिश्रा के परिवार की मांग के समर्थन में वहां पहुंचे हैं और परिवार को न्याय मिलने तक उनकी आवाज उठाते रहेंगे। विधायक ने पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए।
पिता को धरना स्थल से हटाकर अस्पताल भेजा गया था
कल्पना मिश्रा के पिता रामशिरोमणि मिश्रा 2 सितंबर से सिरमौर चौराहे पर धरना और आमरण अनशन कर रहे थे। उनकी मांग थी कि उनकी बेटी और नवजात बच्चे की मौत के मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की जाए और आपराधिक कार्रवाई हो।
लगातार अनशन के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद 16 सितंबर को पुलिस और प्रशासन की टीम उन्हें धरना स्थल से हटाकर जिला अस्पताल ले गई थी। धरना स्थल पर लगा टेंट भी हटाया गया। प्रशासन की ओर से बताया गया कि पिता की स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया। प्रशासन ने यह भी कहा कि सड़क पर धरने के लिए वैध अनुमति नहीं थी।
पिता को हटाए जाने के बाद परिवार और समर्थकों की ओर से कार्रवाई का विरोध किया गया। इसी घटनाक्रम के बाद अभय मिश्रा गुरुवार को समर्थकों के साथ सिरमौर चौराहे पहुंचे।
26 अगस्त को हुई थी कल्पना और नवजात की मौत
कल्पना मिश्रा की 26 अगस्त 2026 को संजय गांधी अस्पताल में प्रसव के दौरान मौत हुई थी। उनके नवजात बच्चे की भी मौत हो गई थी। इसके बाद परिवार ने इलाज में कथित लापरवाही का आरोप लगाया और जिम्मेदार डॉक्टरों तथा कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग शुरू की।
मामले में प्रशासनिक स्तर पर कई कार्रवाइयां हो चुकी हैं। दो डॉक्टरों और दो Nursing Officers को निलंबित किया गया, अस्पताल अधीक्षक को हटाया गया और मेडिकल कॉलेज के Dean स्तर पर भी प्रशासनिक कार्रवाई की गई। साथ ही मामले की Magistrial Investigation चल रही है।
परिवार की मुख्य मांग FIR और आपराधिक कार्रवाई
कल्पना के परिवार का कहना है कि केवल विभागीय निलंबन और प्रशासनिक कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। परिवार जिम्मेदार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराने और जांच के बाद आपराधिक जिम्मेदारी तय करने की मांग कर रहा है। इसी मांग को लेकर पिता ने सिरमौर चौराहे पर आमरण अनशन शुरू किया था। 4
परिवार की मांगों के बीच प्रशासनिक जांच आगे बढ़ रही है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार जांच में Medical Records, CCTV Footage, Duty Roster और संबंधित Staff की भूमिका जैसे बिंदुओं को शामिल किया जाना है। जांच पूरी होने के बाद ही जिम्मेदारी को लेकर अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।
अभय मिश्रा पहले भी कर चुके हैं प्रदर्शन
कल्पना मिश्रा मामले को लेकर अभय मिश्रा इससे पहले भोपाल में भी प्रदर्शन कर चुके हैं। 9 सितंबर को वे मंत्रालय के सामने धरने पर बैठे थे, जहां पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था। उस समय उन्होंने मामले की CBI जांच और उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के इस्तीफे की मांग की थी।
रीवा में पिता को धरना स्थल से हटाए जाने के बाद उनका सिरमौर चौराहे पहुंचना इसी मामले को लेकर उनके जारी विरोध का अगला घटनाक्रम है। गुरुवार की कार्रवाई के बाद अब यह मामला एक बार फिर रीवा की राजनीति और प्रशासनिक कार्रवाई के केंद्र में आ गया है।
जांच पूरी होने तक क्या स्पष्ट है?
कल्पना मिश्रा और उनके नवजात बच्चे की मौत के बाद परिवार ने Medical Negligence के आरोप लगाए हैं, जबकि प्रशासनिक स्तर पर जांच और कार्रवाई चल रही है। अब तक हुई विभागीय कार्रवाई को अंतिम आपराधिक दोषसिद्धि नहीं माना जा सकता। मौत की परिस्थितियों और किसी व्यक्ति की आपराधिक जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण जांच और उपलब्ध Medical तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर होना बाकी है।
फिलहाल गुरुवार की कार्रवाई के बाद अभय मिश्रा को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने और सिरमौर चौराहे से समर्थकों को हटाए जाने से आंदोलन का यह चरण भी समाप्त हो गया। दूसरी ओर कल्पना मिश्रा का परिवार FIR और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग पर कायम है।