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MP High Court जस्टिस अवनींद्र सिंह ने दान किए ₹1.01 करोड़: रिटायरमेंट पर बोले - 'अपने लिए जिए तो क्या जिए', पत्नी के साथ देहदान का संकल्प

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के रिटायर जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह और उनके देहदान व दान के संकल्प की खबर
रिटायरमेंट के दिन जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह ने ₹1.01 करोड़ दान और देहदान का संकल्प लिया।साभार: The City Express

मुख्य बिंदुQuick Read

  • जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह ने 36 साल न्यायिक सेवा में बिताए।
  • रिटायरमेंट के दिन ₹1.01 करोड़ GPF राशि PM CARES Fund में दान करने की घोषणा की।
  • जस्टिस सिंह और उनकी पत्नी ने जबलपुर मेडिकल कॉलेज में देहदान का पंजीयन कराया।
  • उन्होंने 1990 में Civil Judge के रूप में न्यायिक करियर शुरू किया और मई 2023 में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के Judge बने।

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह का 36 साल लंबा न्यायिक सफर 17 सितंबर 2026 को पूरा हुआ। रिटायरमेंट के अवसर पर आयोजित Full Court Farewell में उन्होंने अपने भविष्य को लेकर ऐसे दो फैसलों की घोषणा की, जिनमें अपनी बचत और देह को समाज के लिए समर्पित करने की बात कही। जस्टिस सिंह ने अपने GPF की 1 करोड़ 1 लाख रुपए की राशि PM CARES Fund में दान करने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि वह और उनकी पत्नी मृत्यु के बाद देहदान के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज में पंजीयन करा चुके हैं।

रिटायरमेंट के दिन ₹1.01 करोड़ दान करने की घोषणा

17 सितंबर को आयोजित विदाई समारोह में जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह ने अपने GPF में जमा 1 करोड़ 1 लाख रुपए PM CARES Fund में दान करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि न्यायिक सेवा के दौरान अर्जित उनकी जीवनभर की कमाई का उपयोग समाज और जरूरतमंदों के लिए होना चाहिए। इस घोषणा की जानकारी समारोह में मौजूद लोगों को उनके Farewell Speech के दौरान मिली।

उनके इस फैसले के साथ ही रिटायरमेंट का यह अवसर उनके 36 साल के न्यायिक करियर के समापन के अलावा सामाजिक योगदान से जुड़े संकल्प के लिए भी चर्चा में रहा।

पति-पत्नी ने कराया देहदान का पंजीयन

जस्टिस सिंह ने Farewell के दौरान बताया कि उन्होंने और उनकी पत्नी ने रिटायरमेंट से दो दिन पहले जबलपुर मेडिकल कॉलेज में देहदान के लिए पंजीयन कराया है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि जिस शरीर ने जीवनभर न्यायिक दायित्व निभाया, मृत्यु के बाद वही शरीर किसी भावी चिकित्सक के ज्ञान का माध्यम बन सके।

देहदान का यह संकल्प मेडिकल शिक्षा और प्रशिक्षण के लिए मानव शरीर की आवश्यकता से जुड़ा है। जस्टिस सिंह और उनकी पत्नी का पंजीयन इसी उद्देश्य के लिए बताया गया है।

1990 में Civil Judge के रूप में शुरू हुआ सफर

जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह ने वर्ष 1990 में Civil Judge के रूप में न्यायिक सेवा की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने न्यायिक सेवा के अलग-अलग पदों पर जिम्मेदारियां निभाईं और विभिन्न मामलों में न्यायिक दायित्व का निर्वहन किया। करीब 33 साल की न्यायिक सेवा के बाद मई 2023 में उन्होंने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के Judge के रूप में शपथ ली।

इसके बाद करीब तीन साल तक मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में न्यायाधीश के रूप में सेवाएं देने के बाद 17 सितंबर 2026 को वे सेवानिवृत्त हुए। उनके सम्मान में Full Court Farewell कार्यक्रम आयोजित किया गया था।

36 साल की न्यायिक सेवा के बाद विदाई

जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह की न्यायिक यात्रा 1990 से 2026 तक करीब 36 वर्षों की रही। इस दौरान उन्होंने निचली न्यायपालिका से लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट तक न्यायिक जिम्मेदारियां निभाईं। उनके रिटायरमेंट के बाद मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या 38 रह गई है।

रिटायरमेंट समारोह में उनके द्वारा अपनी बचत का एक बड़ा हिस्सा समाजसेवा के लिए देने और मृत्यु के बाद देहदान करने की घोषणा उनके न्यायिक जीवन के समापन से जुड़े इस अवसर का प्रमुख हिस्सा रही।

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