PM मोदी का लाल किले से बड़ा संदेश: 1 करोड़ युवाओं को AI ट्रेनिंग, मैन्युफैक्चरिंग पर जोर

80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं, AI स्किलिंग, मैन्युफैक्चरिंग और आत्मनिर्भर भारत पर जोर दिया। उन्होंने एक साल में 1 करोड़ युवाओं को AI ट्रेनिंग और छात्रों के लिए ऑनलाइन कोचिंग की घोषणा की।

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TheCityExpress News Desk
विशेष संवाददाता • The City Express
प्रकाशित: 15 अगस्त 2026 को 06:57 am बजे
अपडेटेड: 15 अगस्त 2026 को 06:59 am बजे
न्यूज़ आईडी: #100009
PM Narendra Modi Independence Day speech 2026 Red Fort
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया।फोटो क्रेडिट: ANI & AI
खबर के मुख्य बिंदु (Key Highlights)
  • प्रधानमंत्री मोदी ने एक साल में 1 करोड़ युवाओं को AI स्किल्स की ट्रेनिंग देने की घोषणा की।
  • छात्रों के लिए ऑनलाइन कोचिंग व्यवस्था शुरू करने की बात कही गई।
  • भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन का भरोसेमंद केंद्र बनाने के लिए मैन्युफैक्चरिंग में Cost, Quality और Scale पर जोर दिया गया।
  • PM मोदी ने इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, मोबाइल उत्पादन और डिफेंस प्रोडक्शन में बढ़ोतरी का उल्लेख किया।
  • सेमीकंडक्टर उत्पादन और आत्मनिर्भर भारत को देश की रणनीतिक प्राथमिकताओं से जोड़ा गया।
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नई दिल्ली। 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने विकसित भारत के लक्ष्य, युवाओं की भूमिका, AI स्किलिंग, मैन्युफैक्चरिंग और आत्मनिर्भरता पर खास जोर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य देश की मौजूदा क्षमता और पिछले वर्षों में हुए बदलावों की नींव पर आगे बढ़ रहा है। भाषण में युवाओं के लिए दो बड़े ऐलान प्रमुख रहे। प्रधानमंत्री ने कहा कि अगले एक साल में 1 करोड़ युवाओं को AI स्किल्स की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके साथ ही छात्रों के लिए ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था शुरू करने की बात भी कही गई।

युवाओं को AI स्किलिंग से जोड़ने का ऐलान प्रधानमंत्री ने

अपने संबोधन में युवाओं को देश की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उन्होंने AI और नई तकनीक से जुड़ी क्षमताओं को आने वाले समय की जरूरत से जोड़ा। एक साल में 1 करोड़ युवाओं को AI स्किल्स की ट्रेनिंग देने का लक्ष्य इसी दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। छात्रों के लिए ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था की घोषणा भी शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़े युवाओं के लिए महत्वपूर्ण है।

मैन्युफैक्चरिंग में Cost, Quality और Scale पर जोर प्रधानमंत्री मोदी

ने भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन का भरोसेमंद केंद्र बनाने की जरूरत बताई। इसके लिए उन्होंने भारतीय मैन्युफैक्चरिंग को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए तीन अहम मानकों पर जोर दिया—Cost, Quality और Scale। उन्होंने अपने भाषण में पिछले वर्षों में देश के अलग-अलग उत्पादन क्षेत्रों में हुई वृद्धि का भी उल्लेख किया। PM मोदी के अनुसार डिफेंस प्रोडक्शन करीब चार गुना, खादी और ग्रामोद्योग का उत्पादन करीब पांच गुना और इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग करीब सात गुना बढ़ी है। उन्होंने आधुनिक रेलवे कोच के निर्माण में करीब 21 गुना और मोबाइल फोन के उत्पादन में करीब 33 गुना वृद्धि का भी उल्लेख किया।

सेमीकंडक्टर में आत्मनिर्भरता पर फोकस प्रधानमंत्री ने डिजिटल अर्थव्यवस्था और

आधुनिक तकनीक में सेमीकंडक्टर की अहमियत पर भी बात की। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक सामान, मेडिकल उपकरण और ट्रांसपोर्ट सिस्टम समेत कई क्षेत्रों में चिप की भूमिका जरूरी हो गई है। PM मोदी ने बताया कि देश में तीन बड़े सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू हो चुके हैं और इनमें उत्पादन के साथ निर्यात की दिशा में भी काम हो रहा है। आने वाले वर्षों में 5 से 8 नए सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू करने की दिशा में काम होने की बात भी उन्होंने कही। भारत की सेमीकंडक्टर क्षमता को उन्होंने आत्मनिर्भर भारत के बड़े लक्ष्य से जोड़ते हुए इसे रणनीतिक जरूरत बताया।

आत्मनिर्भर भारत को बताया जरूरी प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत

को जरूरी क्षेत्रों में दूसरे देशों पर निर्भरता कम करके अपनी क्षमताएं बढ़ानी होंगी। उन्होंने आत्मनिर्भरता को केवल आर्थिक विषय नहीं, बल्कि देश के हितों और जरूरी संसाधनों की सुरक्षा से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि दुनिया में बदलते हालात के बीच संसाधनों का इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए भी किया जा रहा है। ऐसे समय में देश की अपनी उत्पादन क्षमता और आपूर्ति व्यवस्था मजबूत होना जरूरी है।

महिला आरक्षण लागू करने की अपील प्रधानमंत्री मोदी ने अपने

भाषण में राजनीतिक दलों से महिला आरक्षण को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। प्रधानमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों से महिलाओं को उनका प्रतिनिधित्व देने की दिशा में सहयोग करने का आग्रह किया।

बड़े सपनों के साथ आगे बढ़ने का संदेश प्रधानमंत्री ने

देशवासियों से बड़े लक्ष्य तय करने और अपनी क्षमताओं पर भरोसा रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत को अब छोटे सपनों तक सीमित रहने के बजाय बड़े लक्ष्य तय करने होंगे। स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में युवाओं, तकनीक, उत्पादन क्षमता और आत्मनिर्भरता को विकास की अगली दिशा से जोड़ते हुए प्रधानमंत्री ने 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने का संदेश दिया।