✍️ विशेष संवाददाता•Published On 5th Sept, 2026 @ 11:27 AM
रीवा के चोरहटा थाना क्षेत्र के दुआरी गांव में मिले मोहम्मद इसरार के शव के मामले का पुलिस ने 4 सितंबर को खुलासा किया। पुलिस के मुताबिक, इसरार की हत्या उसके दोस्त आशीष कोल ने की थी। दोनों एक ही युवती से प्रेम करते थे और इसी बात को लेकर उनके बीच विवाद चल रहा था। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने पहले इसरार को शराब पिलाई और विवाद के दौरान धारदार हथियार से हमला कर उसकी हत्या कर दी।
रीवा इसरार हत्याकांड: रीवा के चोरहटा थाना क्षेत्र के दुआरी गांव में 28 अगस्त को मिले मोहम्मद इसरार के शव के मामले में पुलिस ने 4 सितंबर को बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, इसरार की हत्या उसके ही दोस्त आशीष कोल ने की थी। जांच में हत्या की वजह एक युवती को लेकर दोनों दोस्तों के बीच चल रहा विवाद सामने आया है। पुलिस का कहना है कि दोनों एक ही युवती से प्रेम करते थे और इसी बात को लेकर उनके बीच विवाद था।
पुलिस के मुताबिक, वारदात से पहले आशीष ने इसरार को शराब पिलाई थी। इसके बाद दोनों के बीच विवाद हुआ और आरोपी ने धारदार हथियार से हमला कर इसरार की हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को दुआरी गांव में डैम/नहर के पास नाले में फेंक दिया गया था।
26 अगस्त से लापता था मोहम्मद इसरार
मोहम्मद इसरार करीब 30 वर्ष का था और दुआरी पिपरहा गांव का रहने वाला था। परिजनों के मुताबिक, वह 26 अगस्त से लापता था। काफी तलाश के बाद भी उसका पता नहीं चला। इसके दो दिन बाद यानी 28 अगस्त को दुआरी गांव में डैम/नहर के पास नाले में उसका शव मिला।
शव मिलने की सूचना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। प्रारंभिक तौर पर ही मामला हत्या का प्रतीत हुआ, क्योंकि मृतक के गले और शरीर पर धारदार हथियार से हमले के निशान मिले थे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और मामले की जांच शुरू की।
शव मिलने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश
इसरार का शव मिलने के बाद परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया था। पोस्टमार्टम के बाद ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर चक्का जाम किया और हत्याकांड में शामिल आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की थी। पुलिस ने लोगों को जल्द कार्रवाई का भरोसा दिया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की और मृतक के संपर्क में रहने वाले लोगों की जानकारी जुटाई। इसी दौरान जांच का फोकस इसरार के परिचितों और उसके मोबाइल संपर्कों पर गया।
Call Detail और Technical Evidence से खुली हत्या की कड़ी
एडिशनल एसपी भावना मरावी के मुताबिक, पुलिस ने हत्याकांड की जांच में Call Detail और अन्य Technical Evidence का सहारा लिया। मृतक के Mobile Phone और उससे जुड़े संपर्कों को खंगाला गया। पुलिस ने घटना से पहले और बाद की गतिविधियों की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया।
जांच के दौरान सामने आए Technical Evidence और पूछताछ के आधार पर पुलिस आरोपी आशीष कोल तक पहुंची। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों से हत्या में उसकी भूमिका सामने आई। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
एक युवती को लेकर दो दोस्तों में विवाद
पुलिस के मुताबिक, मोहम्मद इसरार और आशीष कोल दोस्त थे, लेकिन दोनों एक ही युवती से प्रेम करते थे। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था। पुलिस का दावा है कि यही विवाद धीरे-धीरे इतना बढ़ गया कि दोनों के बीच दुश्मनी की स्थिति बन गई।
जांच के अनुसार, आरोपी आशीष ने इसरार को शराब पिलाई। इसके बाद दोनों के बीच विवाद हुआ। इसी दौरान धारदार हथियार से हमला कर इसरार की हत्या कर दी गई। पुलिस अब इस वारदात से जुड़े सभी पहलुओं और उपलब्ध साक्ष्यों को मामले की विवेचना में शामिल कर रही है।
ऐसे सामने आया हत्या का राज
इसरार का शव मिलने के बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही था कि उसकी हत्या किसने और क्यों की। शुरुआत में पुलिस ने आसपास के लोगों और मृतक के संपर्क में रहने वाले संदिग्धों से पूछताछ की। इसके बाद मृतक के Mobile Phone और Call Detail की जांच की गई।
Technical Evidence के जरिए पुलिस ने घटना से पहले इसरार के संपर्क में रहे लोगों की जानकारी जुटाई। इसी जांच के दौरान आशीष कोल पर संदेह मजबूत हुआ। पूछताछ और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी गिरफ्तार, न्यायालय ने भेजा जेल
पुलिस ने आरोपी आशीष कोल को गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय में पेश किया। न्यायालय से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस के मुताबिक, मामले में Technical Evidence और पूछताछ के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया गया है।
एडिशनल एसपी भावना मरावी ने बताया कि पुलिस ने मामले की कड़ियां Technical Evidence के आधार पर जोड़ीं और आरोपी की गिरफ्तारी की गई है।
28 अगस्त को मिला था शव, 4 सितंबर को खुलासा
इस पूरे मामले की Timeline पर नजर डालें तो 26 अगस्त को इसरार के लापता होने की जानकारी सामने आई। 28 अगस्त को उसका शव दुआरी गांव में डैम/नहर के पास नाले में मिला। शव पर धारदार हथियार के निशान पाए गए, जिसके बाद हत्या की आशंका में जांच आगे बढ़ी। इसके बाद पुलिस ने Call Detail और अन्य Technical Evidence की जांच शुरू की।
करीब एक सप्ताह की जांच के बाद 4 सितंबर को पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए आशीष कोल को आरोपी बताया और उसकी गिरफ्तारी की जानकारी दी।
पुलिस के दावे पर टिका है हत्या का Motive
पुलिस के अनुसार, इसरार और आशीष के बीच एक ही युवती को लेकर विवाद था और यही हत्या की वजह बनी। हालांकि, हत्या के Motive से संबंधित ये बातें पुलिस जांच के निष्कर्ष और आरोपी से पूछताछ पर आधारित हैं। इन्हें न्यायालय द्वारा सिद्ध तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
फिलहाल आरोपी न्यायिक प्रक्रिया का सामना कर रहा है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस द्वारा जुटाए गए Technical Evidence और अन्य साक्ष्यों की भूमिका आगे की न्यायिक प्रक्रिया में महत्वपूर्ण होगी।
एक युवती, दो दोस्त और फिर हत्या
इसरार हत्याकांड ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि व्यक्तिगत विवाद किस तरह गंभीर अपराध में बदल सकते हैं। पुलिस की जांच के मुताबिक, एक ही युवती से प्रेम संबंध को लेकर दो दोस्तों के बीच शुरू हुआ विवाद आखिरकार हत्या तक पहुंच गया।
हालांकि, मामले की पूरी तस्वीर न्यायिक प्रक्रिया और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही अंतिम रूप से स्पष्ट होगी। फिलहाल पुलिस ने आरोपी आशीष कोल को गिरफ्तार कर लिया है और न्यायालय के आदेश पर उसे जेल भेजा जा चुका है।