✍️ विशेष संवाददाता•Published On 11th Sept, 2026 @ 8:51 PM
देशव्यापी बैंक हड़ताल का असर शुक्रवार को रीवा में भी दिखाई दिया। कई बैंक शाखाओं में कामकाज प्रभावित रहा और कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते नजर आए। यूनियनों की प्रमुख मांग 5-डे बैंकिंग लागू करने की है। देशभर में UFBU ने 11 सितंबर की हड़ताल के बाद 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय हड़ताल और मांगें नहीं माने जाने पर 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया है।
रीवा। देशभर में बैंक कर्मचारियों की एक दिवसीय हड़ताल का असर शुक्रवार को रीवा में भी दिखाई दिया। शहर की कई बैंक शाखाओं में नियमित कामकाज प्रभावित रहा। बैंकिंग कार्य के लिए शाखाओं में पहुंचे ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ा और कई लोगों को बिना काम कराए वापस लौटना पड़ा।
हड़ताल के दौरान बैंक कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते रहे। कर्मचारियों ने बैंक शाखाओं के बाहर नारेबाजी की और बाद में जुलूस निकालकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठाई। कर्मचारियों की प्रमुख मांग 5-डे बैंकिंग लागू करने की है।
5-डे बैंकिंग लागू करने की मांग
बैंक कर्मचारी संगठनों की प्रमुख मांग सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की है। कर्मचारियों का कहना है कि सोमवार से शुक्रवार तक बैंकिंग कामकाज हो और शनिवार-रविवार को साप्ताहिक अवकाश दिया जाए।
यूनियनों का कहना है कि 5-डे बैंकिंग का प्रस्ताव लंबे समय से लंबित है। UFBU ने 11 सितंबर की हड़ताल के साथ Performance Linked Incentive (PLI) और अन्य लंबित कर्मचारी एवं पेंशन संबंधी मुद्दों को भी आंदोलन के प्रमुख कारणों में शामिल किया है।
रीवा में बैंक कर्मचारियों ने निकाला जुलूस
हड़ताल के दौरान रीवा में बैंक कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने बैंक शाखाओं के बाहर नारेबाजी की और जुलूस निकालकर 5-डे बैंकिंग सहित अन्य मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की।
देशव्यापी हड़ताल का सबसे ज्यादा असर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की शाखाओं पर देखने को मिला। हालांकि अलग-अलग बैंक और शाखाओं में हड़ताल की भागीदारी के आधार पर असर अलग-अलग हो सकता है।
किन बैंकिंग कामों पर पड़ा असर?
हड़ताल के कारण शाखा स्तर पर होने वाले कई नियमित काम प्रभावित रहे। इनमें कैश जमा और निकासी, चेक जमा, चेक प्रोसेसिंग, KYC से जुड़े काम, दस्तावेज जमा करने और अन्य शाखा आधारित सेवाएं शामिल हैं।
वहीं ATM, UPI, Internet Banking और Mobile Banking जैसी डिजिटल सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहने की उम्मीद रही। हालांकि किसी बैंक की तकनीकी समस्या या सेवा संबंधी अलग व्यवधान की स्थिति में इन सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है।
शनिवार और रविवार के कारण लगातार तीन दिन शाखा कामकाज प्रभावित
11 सितंबर को हड़ताल के बाद 12 सितंबर को दूसरा शनिवार और 13 सितंबर को रविवार है। ऐसे में नियमित शाखा सेवाओं के लिए ग्राहकों को तीन दिन तक व्यवधान का सामना करना पड़ सकता है। जरूरी शाखा संबंधी काम के लिए ग्राहकों को अगले कार्यदिवस तक इंतजार करना पड़ सकता है।
हालांकि बैंक की Digital Banking Services इस दौरान अलग से उपलब्ध रह सकती हैं। ग्राहकों को जरूरी लेनदेन के लिए अपने बैंक की उपलब्ध सेवाओं और Advisory को ध्यान में रखना चाहिए।
28 से 30 सितंबर तक फिर होगी हड़ताल
UFBU ने सितंबर में आंदोलन को आगे बढ़ाने का कार्यक्रम भी घोषित किया है। इसके तहत 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिवसीय देशव्यापी हड़ताल प्रस्तावित है। इसके बाद भी मांगों का समाधान नहीं होने पर 26 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी गई है।
5-डे बैंकिंग के साथ अन्य मांगें भी
बैंक यूनियनों की मांग केवल 5-डे बैंकिंग तक सीमित नहीं है। UFBU ने PLI व्यवस्था में बदलाव/विरोध, पेंशन से जुड़े लंबित मुद्दों और अन्य कर्मचारी संबंधी मांगों को भी आंदोलन का हिस्सा बनाया है। यूनियनों का कहना है कि लंबे समय से लंबित मुद्दों पर ठोस निर्णय की जरूरत है।
ग्राहकों के लिए क्या जरूरी?
हड़ताल के कारण शाखा में होने वाले जरूरी काम प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए कैश जमा-निकासी, KYC, दस्तावेज जमा, चेक संबंधी कार्य या अन्य शाखा आधारित काम के लिए ग्राहकों को बैंक के अगले कार्यदिवस का ध्यान रखना चाहिए। वहीं तत्काल Digital Payment के लिए UPI, Mobile Banking और Internet Banking जैसे विकल्प उपलब्ध रह सकते हैं।
रीवा में शुक्रवार को बैंक कर्मचारियों के प्रदर्शन के साथ हड़ताल का असर साफ दिखाई दिया। अब कर्मचारियों की अगली रणनीति 28 से 30 सितंबर की प्रस्तावित तीन दिवसीय हड़ताल और उसके बाद मांगों पर होने वाली बातचीत के परिणाम पर निर्भर करेगी।