रीवा में प्रसव के दौरान कल्पना मिश्रा और उनके नवजात बच्चे की मौत के मामले में अब अथर्वन ब्लड सेंटर से जुड़ी अनियमितताओं पर कार्रवाई की गई है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन, मध्यप्रदेश के नियंत्रक ने रीवा के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को पत्र भेजकर अथर्वन ब्लड सेंटर के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। इसी मामले में रीवा के औषधि निरीक्षक राधेश्याम बट्टी को भी निलंबित किया गया है।
अथर्वन ब्लड सेंटर के खिलाफ FIR के निर्देश
खाद्य एवं औषधि प्रशासन के नियंत्रक की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि अथर्वन ब्लड सेंटर, रीवा में सामने आई अनियमितताओं के संबंध में संबंधित औषधि निरीक्षक के माध्यम से आपराधिक प्रकरण दर्ज कराया जाए। कार्रवाई की जानकारी विभाग को उपलब्ध कराने के लिए भी कहा गया है।
यह कार्रवाई मध्यप्रदेश शासन के लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से 15 सितंबर 2026 को दिए गए निर्देशों के आधार पर की गई है। 16 सितंबर को जारी विभागीय पत्र में इस संबंध में रीवा के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई करने के लिए कहा गया।
उपलब्ध आदेशों में प्रस्तावित FIR की धाराओं या आरोपियों के नाम का विस्तृत उल्लेख नहीं है। इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि पुलिस किस-किस व्यक्ति के खिलाफ और किन धाराओं में प्रकरण दर्ज करेगी। यह जानकारी FIR दर्ज होने और पुलिस की आगे की कार्रवाई के बाद स्पष्ट होगी।
औषधि निरीक्षक राधेश्याम बट्टी निलंबित
अथर्वन ब्लड सेंटर जिस क्षेत्र में संचालित हो रहा था, वह औषधि निरीक्षक राधेश्याम बट्टी के अधिकार क्षेत्र में आता था। विभागीय आदेश में उनके खिलाफ कर्तव्यों के प्रति गंभीर लापरवाही, स्वेच्छाचारिता और अनुशासनहीनता का उल्लेख करते हुए निलंबन की कार्रवाई की गई है।
निलंबन अवधि के दौरान बट्टी का मुख्यालय खाद्य एवं औषधि प्रशासन के उपसंचालक कार्यालय, शहडोल निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिए जाने का भी उल्लेख आदेश में किया गया है।
कल्पना मिश्रा केस में पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
कल्पना मिश्रा की मौत के मामले में इससे पहले भी स्वास्थ्य विभाग के स्तर पर कई कार्रवाई हो चुकी हैं। डॉ. सोनल अग्रवाल, डॉ. निधि पांडेय, साधना वर्मा और सीमा मुजाल्दे को निलंबित किया गया था। संजय गांधी अस्पताल के तत्कालीन अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा को पद से हटाया गया, जबकि तत्कालीन डीन डॉ. सुनील अग्रवाल का तबादला सतना मेडिकल कॉलेज किया गया।
16 सितंबर को डॉ. सोनल अग्रवाल की सेवाएं भी समाप्त कर दी गईं। हालांकि उनकी सेवा समाप्ति की कार्रवाई 2023 में मरीजों को निजी Nursing Homes में भेजने संबंधी शिकायत की विभागीय जांच से जुड़ी थी। इसे कल्पना मिश्रा की मौत के मामले में अंतिम दोष निर्धारण के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
मौत की जांच अभी जारी
कल्पना मिश्रा और उनके नवजात की मौत की मजिस्ट्रियल जांच भी चल रही है। रीवा कलेक्टर ने मामले की जांच सिरमौर एसडीएम दृष्टि जायसवाल को सौंपी है। जांच में अस्पताल के रिकॉर्ड, CCTV फुटेज, Duty Roster और संबंधित कर्मचारियों की भूमिका जैसे बिंदुओं को देखा जाना है।
अथर्वन ब्लड बैंक के खिलाफ FIR के निर्देश इस जांच से जुड़े घटनाक्रम में एक अलग कार्रवाई हैं। ब्लड सेंटर की कथित अनियमितताओं और कल्पना मिश्रा की मौत के बीच कानूनी रूप से क्या संबंध स्थापित होता है, यह जांच और आगे की पुलिस कार्रवाई से स्पष्ट होगा।