✍️ विशेष संवाददाता•Published On 8th Sept, 2026 @ 12:39 AM
रीवा में डिप्टी CM राजेंद्र शुक्ल के अमहिया स्थित आवास पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन और परिसर में प्रवेश के बाद सियासी विवाद बढ़ गया है। भाजपा सांसद जनार्दन मिश्रा ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि दोबारा ऐसी घटना हुई तो भाजपा कार्यकर्ता खुद जवाब देंगे। मामले में पुलिस ने 5 नामजद समेत 15 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
रीवा: डिप्टी CM एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के अमहिया स्थित आवास पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन और परिसर में प्रवेश के बाद रीवा की सियासत गरमा गई है। 6 सितंबर को हुए इस घटनाक्रम को लेकर भाजपा सांसद जनार्दन मिश्रा ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर तीखा हमला बोला और दोबारा ऐसी घटना होने पर कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी।
सोमवार शाम भाजपा के प्रदर्शन के दौरान सांसद जनार्दन मिश्रा ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को लेकर कहा कि वे धोखे से वार करते हैं। उन्होंने कहा कि अगर ताकत है तो सामने से चुनौती देकर आएं, फिर देखा जाएगा कि किसमें कितना दम है। सांसद ने यह भी कहा कि अगली बार ऐसी घटना हुई तो इसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
“इनकी मौत आ चुकी है, इसलिए बंगले की तरफ भाग रहे”
जनार्दन मिश्रा ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर तीखा हमला करते हुए कहा, “जब गीदड़ों की मौत आती है तो वे शहर की तरफ भागते हैं। अब ऐसे कांग्रेसियों की मौत आ चुकी है, इसलिए वे डिप्टी CM के बंगले की तरफ भाग रहे हैं।”
उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को शिखंडी बताते हुए आरोप लगाया कि वे धोखे से वार करते हैं। सांसद ने कहा कि अगर किसी में ताकत है तो सामने आकर चुनौती दे, फिर देखा जाएगा कि किसमें कितना दम है।
सांसद ने चेतावनी देते हुए कहा कि पुलिस अपना काम करेगी, लेकिन ऐसी घटना दोबारा हुई तो भाजपा कार्यकर्ता खुद न्याय करेंगे। उन्होंने अगली बार मुंहतोड़ जवाब देने की बात भी कही।
डिप्टी CM के आवास में कैसे पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ता?
6 सितंबर को कांग्रेस कार्यकर्ता प्रसूता कल्पना मिश्रा और उनके नवजात की मौत के मामले में विरोध प्रदर्शन करते हुए डिप्टी CM राजेंद्र शुक्ल के अमहिया स्थित आवास पहुंचे थे। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
पुलिस के अनुसार प्रदर्शन के दौरान कुछ कांग्रेस कार्यकर्ता आवास के परिसर तक पहुंच गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और प्रदर्शनकारियों को बाहर निकाला। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस भी हुई। स्वतंत्र रिपोर्टों में भी प्रदर्शनकारियों के डिप्टी CM के आवास तक पहुंचने और पुलिस द्वारा उन्हें हटाए जाने की पुष्टि हुई है।
5 नामजद समेत 15 के खिलाफ केस
अमहिया थाना पुलिस ने इस मामले में 5 नामजद समेत 15 लोगों के खिलाफ BNS की विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। शिकायतकर्ता चेतन तिवारी के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने जबरन घर में प्रवेश किया, वहां मौजूद लोगों और परिजनों से गाली-गलौज की और तोड़फोड़ की।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर BNS की धारा 190, 191(2), 296(ब), 333 और 324(2) के तहत मामला दर्ज किया है। नामजद आरोपियों में अभिषेक परमार, रोहन जैन, रवि सुमित सिंह, अनूप सिंह चंदेल और मंजुल त्रिपाठी शामिल हैं। इनके अलावा अन्य अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।
पुलिस जांच में जुटी
मामले की जांच कार्यवाहक सहायक उप निरीक्षक सुरेश कुमार शुक्ला को सौंपी गई है। पुलिस घटना के दौरान मौजूद लोगों, प्रदर्शन की परिस्थितियों, परिसर में प्रवेश और कथित तोड़फोड़ से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
किसी व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज होना आरोपों की जांच की शुरुआत है। मामले में आरोपों की पुष्टि और आगे की कानूनी स्थिति जांच के आधार पर तय होगी।
कल्पना मिश्रा और नवजात की मौत को लेकर शुरू हुआ था विरोध
रीवा के संजय गांधी अस्पताल में प्रसूता कल्पना मिश्रा और उनके नवजात की मौत का मामला लगातार राजनीतिक मुद्दा बना हुआ है। कांग्रेस इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और FIR की मांग कर रही है। इसी विरोध के तहत कांग्रेस कार्यकर्ता डिप्टी CM एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के आवास पहुंचे थे।
मामले में अस्पताल के दो डॉक्टर और दो नर्सिंग अधिकारियों के निलंबन की कार्रवाई भी सामने आई है। अधीक्षक को पद से हटा दिया गया है, डीन सुनील अग्रवाल का ट्रांसफर किया गया है। वहीं, कल्पना मिश्रा के परिवार की ओर से मामले में आपराधिक कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग जारी है।
भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने
डिप्टी CM के आवास पर हुए प्रदर्शन के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव बढ़ गया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि विरोध प्रदर्शन लोकतांत्रिक तरीके से किया जाना चाहिए और किसी जनप्रतिनिधि के आवास में प्रवेश कर हंगामा करना स्वीकार्य नहीं है।
दूसरी ओर, कांग्रेस का कहना है कि कल्पना मिश्रा और उनके नवजात की मौत के मामले में परिवार को न्याय दिलाने के लिए उसका आंदोलन जारी रहेगा। इस पूरे विवाद के बीच सांसद जनार्दन मिश्रा की तीखी चेतावनी ने रीवा की सियासत को और गरमा दिया है।
मामले में आगे क्या?
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं और कथित तोड़फोड़ से जुड़े तथ्यों को जांच रही है। दूसरी तरफ कल्पना मिश्रा और उनके नवजात की मौत से जुड़े मूल मामले में भी जांच और कार्रवाई का सिलसिला जारी है।