✍️ विशेष संवाददाता•Published On 6th Sept, 2026 @ 9:18 PM
रीवा के संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय में कल्पना मिश्रा और उनके नवजात बच्चे की मौत के मामले में प्रशासनिक कार्रवाई का दायरा बढ़ गया है। 6 सितंबर 2026 को श्याम शाह Medical College, रीवा के Dean डॉ. सुनील कुमार अग्रवाल का तबादला Satna Medical College कर दिया गया, जबकि Satna Medical College के Dean डॉ. शशिधर प्रसाद गर्ग को रीवा की जिम्मेदारी दी गई है। हालांकि, सरकारी आदेश में तबादले का कारण स्पष्ट नहीं बताया गया है। दूसरी ओर, मृतका के पिता का आमरण अनशन पांचवें दिन भी जारी है और परिवार FIR की मांग पर अड़ा है।
रीवा में कल्पना मिश्रा और उनके नवजात बच्चे की मौत के मामले में प्रशासनिक कार्रवाई का दायरा अब मेडिकल कॉलेज के शीर्ष स्तर तक पहुंच गया है। मध्यप्रदेश शासन के लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने 6 सितंबर 2026 को श्याम शाह मेडिकल कॉलेज, रीवा के Dean डॉ. सुनील कुमार अग्रवाल का तबादला कर दिया। उन्हें अब चिकित्सा महाविद्यालय, Satna में पदस्थ किया गया है। उनकी जगह Satna Medical College के Dean डॉ. शशिधर प्रसाद गर्ग को रीवा Medical College की जिम्मेदारी दी गई है।
सरकारी आदेश में तबादले का कारण स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं है। हालांकि, यह आदेश ऐसे समय आया है जब कल्पना मिश्रा और उनके नवजात बच्चे की मौत को लेकर रीवा में लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं और परिवार जिम्मेदार लोगों के खिलाफ FIR की मांग कर रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स में इस तबादले को मामले के बीच हुई बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है।
डॉ. सुनील अग्रवाल को Satna भेजा गया
लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक डॉ. सुनील कुमार अग्रवाल को रीवा से स्थानांतरित कर अधिष्ठाता, चिकित्सा महाविद्यालय Satna पद पर पदस्थ किया गया है। वहीं Satna से डॉ. शशिधर प्रसाद गर्ग को रीवा Medical College का नया अधिष्ठाता बनाया गया है।
यह बदलाव कल्पना मिश्रा प्रकरण में लगातार बढ़ रहे विरोध के बीच हुआ है। हालांकि, केवल तबादले के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा कि डॉ. सुनील अग्रवाल को इस मामले में दोषी पाया गया है। उनकी प्रशासनिक या अन्य जिम्मेदारी को लेकर अंतिम स्थिति जांच और सरकारी निष्कर्ष के बाद ही स्पष्ट होगी।
कल्पना मिश्रा की मौत के बाद लगातार कार्रवाई
रीवा के संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय में कल्पना मिश्रा और उनके नवजात बच्चे की मौत के बाद अस्पताल स्तर पर पहले ही कार्रवाई शुरू हो गई थी। प्रारंभिक कार्रवाई में ड्यूटी डॉक्टर डॉ. सोनल अग्रवाल और निश्चेतना विभाग की डॉ. निधि पांडे को निलंबित किया गया। इसके अलावा दो Nursing Officers पर भी निलंबन की कार्रवाई हुई।
इसके बाद अस्पताल के तत्कालीन अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा को भी पद से हटा दिया गया था। उनकी जगह डॉ. प्रियंक शर्मा को अस्पताल के अधीक्षक की जिम्मेदारी दी गई। इस कार्रवाई के बीच अब Medical College के Dean का तबादला होने से प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर चर्चा और तेज हो गई है।
पिता का आमरण अनशन पांचवें दिन भी जारी
प्रशासनिक कार्रवाई के बावजूद कल्पना मिश्रा के पिता रामशिरोमणि मिश्रा का आंदोलन खत्म नहीं हुआ है। 6 सितंबर को उनका आमरण अनशन पांचवें दिन भी जारी रहा। वे सिरमौर चौराहे पर धरने पर बैठे हैं और परिवार की मांग है कि कल्पना और उसके नवजात बच्चे की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की जाए।
परिवार निष्पक्ष जांच और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहा है। परिजनों का कहना है कि केवल निलंबन या प्रशासनिक तबादले से उन्हें न्याय नहीं मिलेगा और जिम्मेदारी तय होने के साथ आपराधिक कार्रवाई भी होनी चाहिए।
जांच रिपोर्ट का इंतजार
मामले में जांच की प्रक्रिया चल रही है और मौत की चिकित्सकीय वजह तथा उपचार के दौरान किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं, इसका अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। उपलब्ध Postmortem रिपोर्ट से भी इलाज में लापरवाही का अंतिम निष्कर्ष स्थापित नहीं होता है। इसलिए प्रशासनिक कार्रवाई और किसी व्यक्ति की अंतिम चिकित्सकीय या आपराधिक जिम्मेदारी को अलग-अलग समझना जरूरी है।
अब डॉ. शशिधर प्रसाद गर्ग के रीवा Medical College का नया Dean बनने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि मामले की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और जिम्मेदारी तय होने के बाद शासन की ओर से क्या अगला कदम उठाया जाता है। वहीं, मृतका के पिता और परिजनों का आंदोलन जारी रहने से सरकार पर निष्पक्ष जांच और FIR को लेकर दबाव बना हुआ है।