TCE धर्म डेस्क। अयोध्या में भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के संपूर्ण प्रशासनिक प्रबंधन, तीर्थयात्रियों की दर्शन व्यवस्था और सुरक्षा संचालन को विश्वस्तरीय और अत्यधिक सुव्यवस्थित करने के लिए पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति की प्रक्रिया अपने निर्णायक पड़ाव पर पहुंच गई है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की चयन समिति ने इस पद के लिए देश भर से आए 5,585 आवेदनों की गहन पड़ताल के बाद साक्षात्कार की प्रक्रिया पूरी कर ली है और मेरिट के आधार पर तीन सर्वश्रेष्ठ उम्मीदवारों का पैनल तैयार कर लिया है।
5,585 आवेदनों में से 16 का इंटरव्यू, 3 शीर्ष नामों का पैनल तैयार
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सूत्रों के अनुसार, राम मंदिर सीईओ पद के लिए राष्ट्रीय स्तर पर विज्ञापन जारी किया गया था। इस प्रतिष्ठित पद के लिए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), सार्वजनिक उपक्रमों (PSU), रक्षा सेवाओं और बड़े कॉरपोरेट प्रतिष्ठानों में वरिष्ठ प्रबंधन का अनुभव रखने वाले कुल 5,585 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था।
ट्रस्ट की उच्च स्तरीय चयन समिति और मानव संसाधन विशेषज्ञों की टीम ने शैक्षणिक योग्यता, प्रशासनिक अनुभव और ट्रैक रिकॉर्ड के आधार पर प्रथम चरण में 16 उम्मीदवारों को साक्षात्कार (Personal Interview) के लिए शॉर्टलिस्ट किया था। इन 16 उम्मीदवारों का गहन साक्षात्कार संपन्न होने के बाद, चयन समिति ने अंतिम रूप से 3 योग्यतम नामों का पैनल तैयार किया है।
2 सितंबर की ट्रस्ट बैठक में महंत नृत्यगोपाल दास की अध्यक्षता में होगा अंतिम फैसला
तैयार किया गया यह 3 सदस्यीय पैनल ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के माध्यम से श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष पूज्य महंत नृत्यगोपाल दास जी महाराज को विचारार्थ सौंप दिया गया है। ट्रस्ट की अगली महत्वपूर्ण बैठक आगामी 2 सितंबर 2026 को अयोध्या में प्रस्तावित है।
इस उच्च स्तरीय बैठक में ट्रस्ट के सभी सम्मानित ट्रस्टी, निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र, और शीर्ष पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे। बैठक के एजेंडे में सीईओ पद के लिए चयनित तीनों नामों पर गहन विमर्श किया जाएगा और सर्वसम्मति से किसी एक नाम पर अंतिम मुहर लगाकर आधिकारिक घोषणा की जाएगी।
राम मंदिर CEO की प्रमुख जिम्मेदारियां और प्रशासनिक अधिकार
22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद से ही अयोध्या में प्रतिदिन लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। ऐसे में मंदिर परिसर का प्रशासनिक दायरा अभूतपूर्व रूप से विस्तृत हो चुका है। नव-नियुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के अधिकार और कर्तव्य निम्नलिखित प्रमुख क्षेत्रों में केंद्रित रहेंगे:
- दैनिक मंदिर प्रशासन: दर्शन कतार प्रणाली, सुगम दर्शन व्यवस्था, प्रसाद वितरण और परिसर की स्वच्छता का सुचारु संचालन।
- सुरक्षा व भीड़ प्रबंधन: उत्तर प्रदेश पुलिस, केंद्रीय सुरक्षा बलों और मंदिर सुरक्षा गार्ड्स के साथ सामंजस्य बनाकर हाई-टेक सर्विलांस और भीड़ नियंत्रण।
- वित्तीय व दान प्रबंधन: मंदिर के दान पात्रों, ऑनलाइन समर्पण निधि, ऑडिटिंग और वित्तीय पारदर्शिता का कड़ा निरीक्षण।
- परिसर विस्तार परियोजनाएं: 70 एकड़ के जन्मभूमि परिसर में निर्माणाधीन सप्त मंडपम, ऑडिटोरियम, तीर्थयात्री सुविधा केंद्र (PFC) और ग्रीन कॉरिडोर परियोजनाओं की समयबद्ध निगरानी।
- मानव संसाधन प्रबंधन: मंदिर ट्रस्ट के अधीन कार्यरत सैकड़ों पुजारियों, कर्मचारियों और स्वयंसेवकों का प्रशासनिक समन्वय।
पारदर्शिता और प्रशासनिक दक्षता को दी गई सर्वोच्च प्राथमिकता
ट्रस्ट पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मुख्य कार्यकारी अधिकारी का चयन पूरी तरह गैर-राजनीतिक, पारदर्शी और विशुद्ध प्रशासनिक दक्षता के मानदंडों पर आधारित है। चयन प्रक्रिया में इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है कि चयनित अधिकारी न केवल उत्कृष्ट संगठनात्मक क्षमता रखता हो, बल्कि भारतीय सनातन परंपरा और मंदिर की मर्यादा के प्रति भी गहरी निष्ठा रखता हो।
ट्रस्ट की 2 सितंबर की बैठक से पूर्व विधि और प्रशासनिक विशेषज्ञों द्वारा सीईओ के औपचारिक सेवा-शर्तों, कार्यक्षेत्र और निर्णय लेने के अधिकारों का विस्तृत वैधानिक मसौदा भी तैयार किया जा रहा है, ताकि नियुक्ति के तुरंत बाद वे विधिवत रूप से कार्यभार ग्रहण कर सकें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. राम मंदिर ट्रस्ट में CEO पद के लिए कुल कितने आवेदन आए थे?
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सीईओ पद के लिए कुल 5,585 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से प्राथमिक स्क्रीनिंग के बाद 16 उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए चुना गया था।
2. राम मंदिर के नए CEO के नाम का ऐलान कब होगा?
नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के नाम पर अंतिम मुहर 2 सितंबर 2026 को अयोध्या में आयोजित होने वाली श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में लगेगी, जिसके बाद आधिकारिक घोषणा की जाएगी।
3. CEO पद के अंतिम पैनल में कितने उम्मीदवार शामिल हैं?
साक्षात्कार प्रक्रिया के बाद चयन समिति ने मेरिट के आधार पर 3 शीर्ष प्रशासनिक विशेषज्ञों का पैनल तैयार किया है, जिसे ट्रस्ट अध्यक्ष और बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।
4. राम मंदिर के नए CEO का मुख्य कार्य क्या होगा?
नव-नियुक्त CEO राम मंदिर परिसर के समग्र दैनिक प्रशासन, तीर्थयात्रियों की दर्शन व सुरक्षा व्यवस्था, वित्तीय निगरानी, स्टाफ प्रबंधन और 70 एकड़ परिसर की परियोजनाओं का संचालन संभालेंगे।
