✍️ विशेष संवाददाता•Published On 6th Sept, 2026 @ 2:52 PM
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार, 6 सितंबर 2026 को दोपहर करीब 1:30 बजे एक इमारत अचानक ढह गई। हादसे के बाद मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका है। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक इमारत में PG/हॉस्टल जैसी आवासीय व्यवस्था थी। Delhi Fire Service और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचकर Rescue Operation चला रही हैं। अभी किसी के हताहत होने की आधिकारिक संख्या सामने नहीं आई है।
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार, 6 सितंबर 2026 को एक बड़ा हादसा हो गया। दोपहर करीब 1:30 बजे एक इमारत अचानक भरभराकर ढह गई। इमारत के मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। हादसे की सूचना मिलते ही Delhi Fire Service, Police और अन्य Emergency Teams मौके पर पहुंचीं और Rescue Operation शुरू किया गया।
शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक इमारत में PG/हॉस्टल जैसी आवासीय व्यवस्था थी और वहां छात्र या अन्य लोग रह रहे थे। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि हादसे के समय इमारत के अंदर कुल कितने लोग मौजूद थे और कितने लोग मलबे में फंसे हो सकते हैं।
दोपहर 1:30 बजे अचानक ढही इमारत
यह हादसा सत्य निकेतन इलाके में शिव मंदिर के पास बताया जा रहा है। रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे अचानक इमारत गिर गई। इमारत के गिरते ही आसपास अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए।
हादसे की सूचना मिलने के बाद Fire Department की गाड़ियां और Rescue Teams घटनास्थल पर पहुंचीं। मलबे को हटाकर अंदर फंसे लोगों की तलाश की जा रही है। Delhi Police भी मौके पर मौजूद है।
मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका
हादसे के बाद सबसे बड़ी चिंता मलबे में फंसे लोगों को लेकर है। शुरुआती जानकारी में कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई गई है। एक व्यक्ति को मलबे से बाहर निकाले जाने की भी रिपोर्ट सामने आई है।
हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि कुल कितने लोग लापता हैं या कितने लोग मलबे के नीचे हो सकते हैं। Rescue Operation पूरा होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
PG में रहते थे छात्र?
स्थानीय और मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, जिस इमारत में हादसा हुआ वहां PG/हॉस्टल संचालित होने की बात सामने आई है। ऐसे में आशंका है कि हादसे के समय इमारत में छात्र या दूसरे निवासी मौजूद हो सकते थे।
फिलहाल किसी भी व्यक्ति की पहचान या फंसे लोगों की संख्या को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। Rescue Teams मलबे के अलग-अलग हिस्सों की जांच कर रही हैं।
आसपास की इमारतों को लेकर भी सतर्कता
इमारत गिरने के बाद आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर भी सावधानी बरती जा रही है। Rescue Operation के दौरान आसपास मौजूद लोगों को घटनास्थल से दूर रखा जा रहा है, ताकि बचाव दल सुरक्षित तरीके से काम कर सकें।
स्थानीय प्रशासन यह भी देख रहा है कि आसपास की संरचनाओं को किसी तरह का नुकसान तो नहीं पहुंचा है। जरूरत के अनुसार आसपास के लोगों को सुरक्षित स्थान पर भेजे जाने की कार्रवाई की जा सकती है।
क्या भारी बारिश बनी वजह?
दिल्ली में इन दिनों बारिश का दौर जारी है और कुछ शुरुआती रिपोर्टों में बारिश को संभावित कारण के तौर पर बताया गया है। हालांकि इमारत गिरने की वास्तविक वजह अभी आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आई है। इसलिए फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि हादसा केवल बारिश या कमजोर नींव के कारण हुआ।
Rescue Operation पूरा होने के बाद इमारत की Structural Condition, निर्माण संबंधी अनुमति और अन्य पहलुओं की जांच की जा सकती है।
Rescue Operation जारी
फिलहाल सबसे ज्यादा ध्यान मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने पर है। Fire और Police Teams मलबा हटाकर संभावित Survivors की तलाश कर रही हैं। घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है।
प्रशासन की ओर से जैसे-जैसे फंसे लोगों, घायलों या संभावित हताहतों को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आएगी, हादसे की तस्वीर और स्पष्ट होगी। फिलहाल मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका सबसे बड़ी चिंता बनी हुई है।