✍️ विशेष संवाददाता•Published On 6th Sept, 2026 @ 4:36 PM
Updated On 6th Sept, 2026 @ 4:45 PM
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 28 अगस्त 2026 को समाप्त सप्ताह में 11.475 अरब डॉलर बढ़कर 740.803 अरब डॉलर के नए सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया है। RBI के आंकड़ों के मुताबिक, Foreign Currency Assets और Gold Reserves में बढ़ोतरी ने इस रिकॉर्ड को मजबूत किया है। खास बात यह है कि देश का Forex Reserve लगातार नौवें सप्ताह बढ़ा है।
भारत के विदेशी मुद्रा भंडार ने एक बार फिर नया रिकॉर्ड बनाया है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 28 अगस्त 2026 को समाप्त सप्ताह में देश का Foreign Exchange Reserve 11.475 अरब डॉलर बढ़कर 740.803 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया। इसके साथ ही भारत का Forex Reserve पहली बार 740 अरब डॉलर के स्तर को पार कर गया है।
इससे ठीक एक सप्ताह पहले, 21 अगस्त को समाप्त सप्ताह में भी विदेशी मुद्रा भंडार में 12.422 अरब डॉलर की बड़ी बढ़ोतरी हुई थी और यह 729.328 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा था। यानी लगातार दो सप्ताह में देश के विदेशी मुद्रा भंडार में करीब 24 अरब डॉलर की बढ़ोतरी दर्ज हुई है।
लगातार 9वें सप्ताह बढ़ा भारत का Forex Reserve
भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में यह लगातार नौवां साप्ताहिक इजाफा है। Reuters के मुताबिक, इस अवधि में देश का Forex Reserve करीब 75 अरब डॉलर बढ़ चुका है। जून में RBI की ओर से Dollar Inflow को आकर्षित करने के लिए शुरू की गई विशेष योजनाओं के बाद विदेशी मुद्रा का प्रवाह मजबूत हुआ है।
इन उपायों के तहत Overseas Borrowings और Foreign Currency Deposits से जुड़े विशेष प्रावधान किए गए थे। 5 जून से 31 अगस्त के बीच इन योजनाओं के जरिए RBI को 136 अरब डॉलर से अधिक का विदेशी मुद्रा प्रवाह मिला, जिसमें बड़ा हिस्सा Non-Resident Indian (NRI) Deposits का था।
Foreign Currency Assets में $9.33 अरब की बढ़ोतरी
कुल विदेशी मुद्रा भंडार में सबसे बड़ा हिस्सा Foreign Currency Assets (FCA) का होता है। 28 अगस्त को समाप्त सप्ताह में FCA 9.337 अरब डॉलर बढ़कर 600.67 अरब डॉलर हो गया। मार्च 2026 के अंत की तुलना में FCA में करीब 48.387 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हो चुकी है।
FCA की Dollar Value में अन्य प्रमुख विदेशी मुद्राओं, जैसे Euro, Pound और Yen में होने वाले मूल्य बदलाव का असर भी शामिल होता है। इसलिए इसमें होने वाला बदलाव केवल नए Dollar Inflow को ही नहीं दर्शाता।
Gold Reserve भी बढ़ा
भारत के Gold Reserves में भी मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई। समीक्षाधीन सप्ताह में Gold Reserve का मूल्य 2.191 अरब डॉलर बढ़कर 116.409 अरब डॉलर हो गया। मार्च के अंत की तुलना में Gold Reserve करीब 1.014 अरब डॉलर बढ़ चुका है, जबकि एक साल पहले की तुलना में इसमें 29.641 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई है।
बाकी विदेशी मुद्रा भंडार की स्थिति
RBI के आंकड़ों के अनुसार, 28 अगस्त को भारत का Special Drawing Rights (SDR) भंडार करीब 18.81 अरब डॉलर रहा। इसमें पिछले सप्ताह की तुलना में 43 मिलियन डॉलर की कमी आई। वहीं, International Monetary Fund (IMF) में भारत की Reserve Tranche Position 11 मिलियन डॉलर घटकर 4.914 अरब डॉलर रह गई।
पहले का रिकॉर्ड भी टूटा
भारत का इससे पहले का सर्वकालिक उच्च विदेशी मुद्रा भंडार 728.494 अरब डॉलर था, जो 27 फरवरी 2026 को समाप्त सप्ताह में दर्ज हुआ था। इसके बाद West Asia में बढ़े तनाव और उससे जुड़े आर्थिक दबावों के बीच कई सप्ताह तक Forex Reserve में गिरावट आई थी। रुपये पर दबाव के दौरान RBI को विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप भी करना पड़ा था।
अब लगातार कई सप्ताह से विदेशी मुद्रा भंडार में हो रही बढ़ोतरी ने उस पुराने रिकॉर्ड को काफी पीछे छोड़ दिया है। 28 अगस्त के आंकड़े बताते हैं कि भारत के पास अब बाहरी आर्थिक झटकों से निपटने के लिए पहले की तुलना में बड़ा विदेशी मुद्रा बफर मौजूद है।
रुपये के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह रिकॉर्ड?
विदेशी मुद्रा भंडार का बड़ा होना किसी देश की बाहरी वित्तीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। पर्याप्त Forex Reserve होने से RBI के पास जरूरत पड़ने पर विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप करने और बाजार में अत्यधिक अस्थिरता को नियंत्रित करने के लिए अधिक क्षमता रहती है।
हालांकि, RBI का घोषित उद्देश्य किसी एक निश्चित Exchange Rate को बनाए रखना नहीं है। केंद्रीय बैंक विदेशी मुद्रा बाजार की गतिविधियों पर नजर रखता है और जरूरत पड़ने पर बाजार की व्यवस्थित स्थिति बनाए रखने के लिए हस्तक्षेप करता है।
यानी मौजूदा रिकॉर्ड का सबसे बड़ा संकेत यह है कि भारत का विदेशी मुद्रा बफर अब तक के सबसे मजबूत स्तर पर पहुंच गया है, जबकि लगातार नौ सप्ताह की बढ़ोतरी से विदेशी मुद्रा स्थिति में मजबूती का सिलसिला भी जारी है।