✍️ admin@thecityexpress.com•Published On 9th Sept, 2026 @ 4:17 PM
तीन दिन चले आंदोलन के बाद डिप्टी CM राजेंद्र शुक्ल से बातचीत में बनी सहमति; कमला पार्क का धरना खत्म, घायल छात्रों के इलाज का भी आश्वासन
भोपाल: मध्य प्रदेश में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर तीन दिन से आंदोलन कर रहे MBBS इंटर्न डॉक्टरों ने बुधवार को प्रदर्शन खत्म करने का ऐलान कर दिया। उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के साथ हुई बैठक में इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड को बढ़ाकर ₹21,500 प्रतिमाह करने पर सहमति बनी। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक इस बढ़ी हुई राशि को लागू करने के लिए औपचारिक सरकारी आदेश अभी जारी होना बाकी है।
मौजूदा ₹14,337 के मुकाबले ₹21,500 का स्टाइपेंड करीब 50 प्रतिशत अधिक है। सरकार के साथ बातचीत में स्टाइपेंड के साथ-साथ प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा भी उठा। प्रतिनिधिमंडल ने वाटर कैनन के इस्तेमाल और बल प्रयोग को लेकर कार्रवाई की मांग रखी थी। इसके बाद दो पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच किए जाने की जानकारी सामने आई है।
डिप्टी CM से बैठक के बाद बनी सहमति
बुधवार को इंटर्न डॉक्टरों, JUDA और MTA के प्रतिनिधिमंडल ने मंत्रालय में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल से मुलाकात की। बैठक में स्टाइपेंड बढ़ाने, पुलिस कार्रवाई और प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्रों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। बातचीत के बाद ₹21,500 मासिक स्टाइपेंड पर सहमति बनने की जानकारी सामने आई।
सरकार की ओर से घायल छात्रों के इलाज की समुचित व्यवस्था का भी आश्वासन दिया गया। प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस कार्रवाई के मामले में शुरुआती कार्रवाई पर संतोष जताया और आगे की जांच के आधार पर कार्रवाई की उम्मीद जताई।
वाटर कैनन मामले में दो पुलिसकर्मी लाइन अटैच
आंदोलन के पहले दिन मुख्यमंत्री निवास की ओर बढ़ रहे इंटर्न डॉक्टरों को रोकने के दौरान पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया था। घटना के वीडियो सामने आने के बाद पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठे थे। मामले की जांच के आदेश भी दिए गए थे।
अब इस मामले में दो पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच किए जाने की जानकारी सामने आई है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।
तीन दिन में ऐसे बढ़ा आंदोलन
पहला दिन: CM हाउस की ओर मार्च और वाटर कैनन
आंदोलन के पहले दिन सोमवार को इंटर्न डॉक्टरों ने स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर हमीदिया अस्पताल से मुख्यमंत्री निवास की ओर मार्च किया। डॉक्टरों की मांग थी कि मौजूदा ₹14,337 मासिक स्टाइपेंड को बढ़ाकर ₹30,000 किया जाए। रास्ते में पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने की कोशिश की। बैरिकेडिंग के बाद स्थिति तनावपूर्ण हुई और पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इस कार्रवाई में कुछ इंटर्न डॉक्टरों के घायल होने की बात सामने आई।
वाटर कैनन की घटना के बाद आंदोलन का मुद्दा केवल स्टाइपेंड तक सीमित नहीं रहा। डॉक्टरों ने पुलिस कार्रवाई की जांच और जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग भी जोड़ दी। मुख्यमंत्री स्तर पर मामले का संज्ञान लिए जाने के बाद वाटर कैनन के इस्तेमाल की जांच के आदेश दिए गए।
दूसरा दिन: कमला पार्क में धरना और सड़क जाम
मंगलवार को आंदोलन दूसरे दिन भी जारी रहा। इंटर्न डॉक्टर कमला पार्क क्षेत्र में सड़क पर बैठ गए और स्टाइपेंड बढ़ाने के साथ पुलिस कार्रवाई में घायल छात्रों के मामले में कार्रवाई की मांग करने लगे। प्रदर्शन के कारण कमला पार्क और आसपास के इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ।
इस दौरान सरकार और डॉक्टरों के बीच बातचीत की कोशिश हुई, लेकिन तत्काल समाधान नहीं निकला। डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि वे केवल मौखिक आश्वासन के आधार पर आंदोलन खत्म नहीं करेंगे और स्टाइपेंड वृद्धि को लेकर लिखित आदेश चाहते हैं। इसी बीच JUDA, वरिष्ठ रेजिडेंट और अन्य चिकित्सकीय संगठनों का समर्थन भी आंदोलन को मिला।
आंदोलन का असर सरकारी अस्पतालों की नियमित चिकित्सा सेवाओं पर भी पड़ा। OPD और गैर-जरूरी नियोजित सेवाओं के बहिष्कार की घोषणा की गई, जबकि Emergency Services को आंदोलन से बाहर रखा गया।
तीसरा दिन: मंत्रालय में बातचीत और आंदोलन खत्म
बुधवार को आंदोलन तीसरे दिन पहुंचा। इंटर्न डॉक्टरों का प्रतिनिधिमंडल मंत्रालय पहुंचा और उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के साथ बातचीत की। बैठक में स्टाइपेंड बढ़ाने के प्रस्ताव पर सहमति बनी। सरकार की ओर से इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड ₹21,500 प्रतिमाह किए जाने की जानकारी दी गई।
इसके बाद कमला पार्क के पास प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों में खुशी का माहौल रहा। प्रतिनिधियों ने सरकार के फैसले का स्वागत किया और तीन दिन से चल रहे आंदोलन को खत्म करने का ऐलान किया।
₹14,337 से ₹21,500: करीब 50% बढ़ेगा स्टाइपेंड
इंटर्न डॉक्टरों को वर्तमान में ₹14,337 प्रतिमाह स्टाइपेंड मिलने की जानकारी सामने आई थी। अब ₹21,500 करने पर सहमति बनी है। यानी राशि में ₹7,163 प्रतिमाह की बढ़ोतरी होगी, जो मौजूदा स्टाइपेंड के मुकाबले करीब 50 प्रतिशत है।
हालांकि, बढ़ा हुआ स्टाइपेंड किस तारीख से लागू होगा और भुगतान की प्रक्रिया क्या होगी, यह औपचारिक सरकारी आदेश जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। इसलिए फिलहाल इसे सरकार और डॉक्टरों के बीच बनी सहमति के रूप में देखना उचित है।
सरकार के फैसले से डॉक्टरों में संतोष
तीन दिन के आंदोलन के बाद मांग पर सहमति बनने से इंटर्न डॉक्टरों ने संतोष जताया। प्रतिनिधियों ने उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल का आभार व्यक्त किया। आंदोलन स्थल पर डॉक्टरों ने सरकार के फैसले का स्वागत किया और धरना समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी।
इस पूरे घटनाक्रम में स्टाइपेंड के अलावा पुलिस कार्रवाई भी अहम मुद्दा रही। वाटर कैनन मामले में दो पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच किए जाने और जांच जारी रहने से डॉक्टरों की दूसरी प्रमुख मांग पर भी कार्रवाई की शुरुआत हुई है।
अस्पतालों की सेवाओं पर पड़ा था असर
तीन दिन चले आंदोलन के दौरान भोपाल समेत प्रदेश के कुछ सरकारी मेडिकल कॉलेजों में OPD और नियमित सेवाएं प्रभावित हुईं। हमीदिया अस्पताल में भी आंदोलन का असर देखने को मिला। रिपोर्टों के मुताबिक बुधवार को बातचीत और आंदोलन खत्म होने की स्थिति बनने से पहले अस्पताल की नियमित सेवाएं प्रभावित थीं। Emergency Services को चालू रखा गया था।
अब स्टाइपेंड पर सहमति और आंदोलन समाप्त होने के बाद सरकारी अस्पतालों में नियमित चिकित्सा सेवाओं के सामान्य होने की उम्मीद है। हालांकि, स्टाइपेंड वृद्धि का अंतिम प्रभाव और लागू होने की तारीख औपचारिक आदेश आने के बाद ही स्पष्ट होगी।