✍️ विशेष संवाददाता•Published On 13th Sept, 2026 @ 4:21 PM
पटना के कोचिंग संचालक निखिल कुमार ने शिक्षक फैजल खान उर्फ खान सर पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। निखिल का दावा है कि उनके संपर्क में 7-8 ऐसी लड़कियां हैं, जो खान सर से कथित तौर पर प्रताड़ित होने की बात कह रही हैं और उनके पास इससे जुड़े सबूत भी हैं। निखिल ने यह भी आरोप लगाया कि एक युवती का समर्थन करने के बाद उन्हें चुप रहने के लिए पैसे की पेशकश की गई और इनकार करने पर उनकी रेकी व धमकी दी जाने लगी। उन्होंने पटना SSP और पटना सिटी SDPO-1 से सुरक्षा की मांग की है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। खान सर की टीम ने आरोपों को छवि खराब करने की कोशिश बताया है।
पटना के चर्चित शिक्षक फैजल खान उर्फ खान सर एक बार फिर गंभीर आरोपों को लेकर चर्चा में हैं। इस बार निखिल कोचिंग के संचालक निखिल कुमार ने खान सर पर कई लड़कियों के कथित शोषण, उन्हें चुप कराने के लिए पैसे की पेशकश, धमकी और अपनी रेकी कराए जाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
निखिल कुमार का दावा है कि उनके संपर्क में 7-8 ऐसी लड़कियां हैं, जो खान सर से कथित तौर पर प्रताड़ित होने की बात कह रही हैं। उनका कहना है कि इन मामलों से जुड़े कथित सबूत उनके पास हैं और वे पहले इन्हें पुलिस को सौंपेंगे। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और किसी अदालत या जांच एजेंसी ने इन आरोपों को तथ्य के रूप में स्थापित नहीं किया है।
विवाद की शुरुआत यूपी की युवती के पुलिस आवेदन से
मामला अगस्त 2026 में उस समय सामने आया, जब उत्तर प्रदेश की एक युवती ने पटना के पीरबहोर थाने में अपनी सुरक्षा को लेकर आवेदन दिया। युवती ने पुलिस से कहा था कि वह खान सर से जुड़े कुछ पुराने मामलों और कथित निजी जानकारियों के बारे में जानती है और इसी वजह से उसे अपनी सुरक्षा को लेकर डर है।
पुलिस के मुताबिक, युवती के आवेदन में आशंका जताई गई थी कि उसके साथ कोई अप्रिय घटना हो सकती है। बाद में महिला पुलिस अधिकारी ने उससे संपर्क कर उसका बयान दर्ज किया। पुलिस ने कहा था कि मामले में जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
कुछ रिपोर्टों में युवती की ओर से 2017-18 के दौरान खान सर के एक परिचित छात्रावास/कमरे में आने-जाने और कुछ लड़कियों से परिचय को लेकर भी आरोपों का उल्लेख किया गया है। हालांकि, पुलिस की सार्वजनिक जानकारी में इन घटनाओं के संबंध में कोई आपराधिक तथ्य स्थापित नहीं किया गया था।
युवती के समर्थन में आए निखिल कुमार
निखिल कुमार ने इस युवती के मामले में सार्वजनिक रूप से उसका समर्थन किया। निखिल के मुताबिक, युवती के पुलिस आवेदन में उनका नाम भी आया था और इसके बाद उन्होंने मीडिया के सामने भी उसका पक्ष रखा।
निखिल का दावा है कि इसी के बाद उनके ऊपर दबाव बढ़ा और उन्हें खान सर से जुड़े लोगों की ओर से कथित तौर पर धमकी मिलने लगी। उन्होंने इस संबंध में पटना के SSP और पटना सिटी SDPO-1 को लिखित शिकायत देकर सुरक्षा की मांग की है।
‘मुझे खरीदने की कोशिश हुई’—निखिल का दावा
निखिल कुमार का आरोप है कि खान सर के बारे में कथित जानकारी सार्वजनिक करने से पीछे हटने के लिए उन्हें पैसे की पेशकश की गई। उनके मुताबिक, उनसे कहा गया कि उन्हें जो चाहिए, वह बताया जाए और मामले से दूर रहें।
निखिल का दावा है कि उन्होंने पैसे लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने अपनी गतिविधियों पर नजर रखे जाने और रेकी कराए जाने का आरोप लगाया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने यह भी कहा कि बाजार में खान सर के साथ उनकी पुरानी तस्वीर दिखाकर उनके बारे में यह प्रचार किया जा रहा है कि वे ‘बिक चुके’ हैं।
निखिल ने इन बातों को खारिज करते हुए कहा कि वह इस मामले से पीछे नहीं हटे हैं।
निखिल का दावा—7-8 लड़कियां संपर्क में
निखिल कुमार ने खान सर पर कई लड़कियों के कथित शोषण का आरोप लगाते हुए दावा किया कि 7-8 लड़कियां उनके संपर्क में हैं। उनका कहना है कि इनमें से कुछ लड़कियां अभी सामने आने की स्थिति में नहीं हैं, लेकिन वे कथित घटनाओं से जुड़ी जानकारी साझा कर रही हैं।
निखिल का दावा है कि उनके पास इन आरोपों से जुड़े कथित सबूत भी हैं। उन्होंने कहा है कि वह पहले संबंधित सामग्री पुलिस को देंगे और उसके बाद जरूरत पड़ने पर मीडिया के सामने रखेंगे।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि 7-8 लड़कियों का आंकड़ा निखिल कुमार का दावा है। उपलब्ध सार्वजनिक पुलिस रिकॉर्ड या स्वतंत्र जांच से इस संख्या अथवा कथित शोषण की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
रेकी और जान के खतरे का भी आरोप
निखिल कुमार ने अपनी पुलिस शिकायत में आरोप लगाया है कि उनकी वर्तमान कोचिंग के आसपास 25 जून 2026 से कथित तौर पर रेकी कराई जा रही है। उन्होंने इसे अपनी जान-माल की सुरक्षा के लिए खतरा बताया और पुलिस से जांच तथा सुरक्षा की मांग की।
पुलिस के सामने दी गई शिकायत में लगाए गए इन आरोपों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि वास्तव में किसी व्यक्ति ने निखिल की निगरानी की थी या नहीं और यदि की गई थी तो उसके पीछे कौन था।
‘मेरी कोचिंग हड़प ली’—पुराना विवाद फिर सामने आया
निखिल कुमार ने खान सर के साथ अपने पुराने संबंध और कोचिंग संस्थान को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उन्होंने वर्ष 2014 के आसपास पटना के मुसल्लहपुर हाट स्थित विश्वनाथ मार्केट में निखिल कोचिंग सेंटर शुरू किया था। बाद में फैजल खान को वहां पढ़ाने का अवसर दिया गया।
निखिल का आरोप है कि समय के साथ खान सर की लोकप्रियता बढ़ी और वर्ष 2019 के आसपास कथित दबाव तथा धोखे के जरिए कोचिंग संस्थान पर उनका नियंत्रण हो गया। निखिल का दावा है कि इस संबंध में उनके पास बिजली बिल, Rent Agreement और अन्य पुराने दस्तावेज मौजूद हैं।
एक अन्य रिपोर्ट में निखिल ने यह भी आरोप लगाया था कि उनसे कथित तौर पर पिस्तौल के दबाव में कुछ दस्तावेज पर हस्ताक्षर कराए गए। यह भी फिलहाल उनका आरोप है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
खान सर की टीम ने आरोपों पर क्या कहा?
इन आरोपों पर खान सर की टीम ने इन्हें उनकी छवि खराब करने की कोशिश बताया है। टीम की ओर से कहा गया कि खान सर के खिलाफ लगातार ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं और यह विवाद पहले से चल रहे कोचिंग संघर्ष के बाद उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश का हिस्सा है।
कोचिंग पर कब्जे के आरोप पर टीम का कहना है कि खान सर के संस्थान में कई शिक्षक काम कर चुके हैं और बाद में अपने अलग संस्थान भी शुरू कर चुके हैं। टीम ने निखिल के दावों को स्वीकार नहीं किया है।
हालिया रिपोर्टों में खान सर की टीम का यह भी कहना सामने आया है कि लगाए गए आरोपों में सच्चाई नहीं है और मामले को उनकी छवि खराब करने के लिए उठाया जा रहा है।
क्या पुलिस ने कार्रवाई शुरू की है?
निखिल कुमार ने सुरक्षा को लेकर पुलिस अधिकारियों को लिखित शिकायत दी है। इससे पहले कोचिंग विवाद से जुड़े एक मामले में भी उनकी शिकायत पर पुलिस जांच के निर्देश दिए गए थे। सितंबर की शुरुआत में सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक, निखिल ने कोचिंग पर कब्जे और कथित रेकी को लेकर SSP कार्यालय में शिकायत दी थी और पटना सिटी SDPO-1 को जांच का निर्देश दिया गया था।
हालांकि, मौजूदा आरोपों में कथित छात्राओं के शोषण से संबंधित कोई अंतिम पुलिस निष्कर्ष या न्यायिक निर्णय सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है। इसलिए इन आरोपों को फिलहाल आरोप और दावे के रूप में ही रिपोर्ट किया जाना चाहिए।
पहले भी कोचिंग विवाद को लेकर चर्चा में रहे हैं खान सर
खान सर पिछले कुछ महीनों से पटना के कोचिंग जगत से जुड़े विवादों में लगातार चर्चा में रहे हैं। जून 2026 में खान ग्लोबल स्टडीज और दूसरे कोचिंग संस्थान के बीच विवाद के दौरान तोड़फोड़ और फायरिंग का मामला भी सामने आया था। उस मामले में खान सर का नाम FIR में आया था और पुलिस जांच हुई थी।
इसके बाद खान सर और दूसरे कोचिंग संचालकों के बीच विवाद ने शिक्षा जगत के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा बटोरी। ThePrint और NDTV ने भी इस पूरे कोचिंग विवाद और उसके बढ़ते प्रभाव पर विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित की थीं।
अब सबसे बड़ा सवाल क्या है?
मौजूदा विवाद में तीन अलग-अलग स्तर के आरोप सामने आए हैं—पहला, उत्तर प्रदेश की युवती की सुरक्षा संबंधी शिकायत; दूसरा, निखिल कुमार का दावा कि उन्हें धमकी, पैसे की पेशकश और रेकी का सामना करना पड़ा; और तीसरा, कई लड़कियों के कथित शोषण को लेकर निखिल के दावे।
इन तीनों को एक ही स्तर का प्रमाणित तथ्य मानना उचित नहीं होगा। युवती का पुलिस आवेदन और निखिल की शिकायत दर्ज होने की बात अलग है, जबकि कथित शोषण से जुड़े आरोपों की सत्यता जांच और उपलब्ध साक्ष्यों पर निर्भर करेगी।
आगे क्या होगा?
अब पुलिस जांच में यह महत्वपूर्ण होगा कि निखिल कुमार द्वारा बताए गए कथित सबूत क्या हैं, जिन लड़कियों का उन्होंने उल्लेख किया है उनके बयान दर्ज होते हैं या नहीं, कथित धमकी और रेकी के संबंध में कोई स्वतंत्र साक्ष्य मिलता है या नहीं और कोचिंग संस्थान से जुड़े पुराने दस्तावेज किसके पक्ष में हैं।
यदि किसी आरोप के संबंध में ठोस साक्ष्य सामने आते हैं तो पुलिस उसके आधार पर कानूनी कार्रवाई कर सकती है। दूसरी ओर, यदि आरोपों की पुष्टि नहीं होती है तो स्थिति अलग होगी।
खान सर के खिलाफ सामने आया मौजूदा विवाद अभी आरोप बनाम आरोप की स्थिति में है। निखिल कुमार ने गंभीर आरोप लगाए हैं और पुलिस से अपनी सुरक्षा मांगी है। उन्होंने 7-8 लड़कियों के संपर्क में होने और कथित सबूत होने का दावा किया है। वहीं खान सर की टीम ने आरोपों को खारिज करते हुए इसे छवि खराब करने की कोशिश बताया है।
फिलहाल उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी के आधार पर खान सर पर लगे कथित शोषण के आरोपों को स्थापित तथ्य के रूप में पेश नहीं किया जा सकता। पुलिस जांच और कथित साक्ष्यों की स्वतंत्र पुष्टि के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।